रमाला। ककड़ीपुर गांव के राष्ट्रीय स्तरीय कबड्डी खिलाड़ी मोनू उर्फ मोहना का सपना देश के लिए खेलना था, जो उनकी हत्या होने के साथ ही खत्म हो गया। मोनू की हत्या से गांव के लोगों में गम और गुस्सा दोनों दिखाई दिए और वह हत्यारोपियों के एनकाउंटर की मांग करने लगे। वहीं बागपत पुलिस भी मोनू की हत्या के बाद शनिवार को दिनभर गांव में डेरा डाले रही और इससे जुड़ी जानकारी जुटाकर शामली पुलिस से संपर्क में रही। ककड़ीपुर गांव के रहने वाले माेनू के पिता व किसान सुरेंद्र उर्फ गुन्नू ने बताया कि मोनू आठवीं कक्षा से कबड्डी खेलने लगा था। उसने बड़ौत अकादमी की ओर से खेलते हुए कई प्रतियोगिताओं में अपनी टीम को जीत दिलाकर ट्रॉफियां जीतीं। मोनू जिले व प्रदेश की कबड्डी टीम में भी खेल चुका है, जो मेरठ, शामली, मुजफ्फरनगर व मध्य प्रदेश समेत अन्य जगहों पर खेल चुका था। तीन साल पहले बड़ौत के कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद पिता सुरेंद्र के साथ खेतीबाड़ी भी संभालनी शुरू कर दी थी। मोनू ट्रैक्टर से खेतों में स्प्रे करने के साथ-साथ बुआई का काम भी करते था और खाली समय में किराये पर ट्रैक्टर चलाकर परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में हाथ बंटा रहा था। दो साल पहले मोनू ने अपनी कमाई से गांव में मकान का निर्माण कराया।
मोनू का सपना कबड्डी में देश के लिए खेलकर नाम रोशन करने का था, लेकिन शनिवार की सुबह उसकी हत्या हो गई।