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Baghpat News: किसानों को गन्ने के साथ अब चिया की खेती करने के लिए किया जागरूक
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-जनता वैदिक कॉलेज में हुए कार्यक्रम में किसानों व कृषि विशेषज्ञों ने लिया भाग
फोटो संख्या 3
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। जनता वैदिक कॉलेज में बृहस्पतिवार को एक कार्यक्रम हुआ, जिसमें किसानों को गन्ने के साथ चिया की खेती करने के लिए जागरूक किया गया। कार्यक्रम में कृषि विशेषज्ञों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया।
जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने किसानों को चिया की खेती के लिए बाहरी कृषि विशेषज्ञों से प्रशिक्षण दिलाने की बात कही। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने फसल बेचने और खरीदने में किसानों को दिक्कत न हो, इसके लिए बाजार से जुड़ी फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज व्यवस्था भी तैयार की है। लाल ने जलवायु परिवर्तन को एक महत्वपूर्ण मुद्दा बताते हुए टिकाऊ और जलवायु अनुकूल खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कई किसान पहले से ही गन्ने के साथ चिया की खेती कर रहे हैं। डॉ. नवनीत आनंद ने कहा कि अनियमित बारिश, बढ़ता तापमान और भूजल संकट प्रदेश की कृषि को प्रभावित कर रहे हैं।
प्रोफेसर जीपी सिंह ने सिंचाई दक्षता, जल संरक्षण, फसल विविधीकरण और मजबूत कृषि वैल्यू चेन पर अधिक काम करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि प्रदेश देश के कुल गन्ना उत्पादन में 54 फीसदी से अधिक हिस्सेदारी के साथ अग्रणी राज्य है। इस स्थिति को बनाए रखने के लिए जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों और उनके समाधान को समझना जरूरी है। इस मौके पर एसडीएम भावना सिंह, वशिष्ट कुमार नायक, जिला कृषि अधिकारी बाल गोविंद यादव, श्योदान सिंह, प्रोफेसर श्याम किशोर, डॉ़ रश्मि निगम आदि उपस्थित रहे।
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फोटो संख्या 3
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। जनता वैदिक कॉलेज में बृहस्पतिवार को एक कार्यक्रम हुआ, जिसमें किसानों को गन्ने के साथ चिया की खेती करने के लिए जागरूक किया गया। कार्यक्रम में कृषि विशेषज्ञों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया।
जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने किसानों को चिया की खेती के लिए बाहरी कृषि विशेषज्ञों से प्रशिक्षण दिलाने की बात कही। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने फसल बेचने और खरीदने में किसानों को दिक्कत न हो, इसके लिए बाजार से जुड़ी फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज व्यवस्था भी तैयार की है। लाल ने जलवायु परिवर्तन को एक महत्वपूर्ण मुद्दा बताते हुए टिकाऊ और जलवायु अनुकूल खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कई किसान पहले से ही गन्ने के साथ चिया की खेती कर रहे हैं। डॉ. नवनीत आनंद ने कहा कि अनियमित बारिश, बढ़ता तापमान और भूजल संकट प्रदेश की कृषि को प्रभावित कर रहे हैं।
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प्रोफेसर जीपी सिंह ने सिंचाई दक्षता, जल संरक्षण, फसल विविधीकरण और मजबूत कृषि वैल्यू चेन पर अधिक काम करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि प्रदेश देश के कुल गन्ना उत्पादन में 54 फीसदी से अधिक हिस्सेदारी के साथ अग्रणी राज्य है। इस स्थिति को बनाए रखने के लिए जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों और उनके समाधान को समझना जरूरी है। इस मौके पर एसडीएम भावना सिंह, वशिष्ट कुमार नायक, जिला कृषि अधिकारी बाल गोविंद यादव, श्योदान सिंह, प्रोफेसर श्याम किशोर, डॉ़ रश्मि निगम आदि उपस्थित रहे।