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सच्चे मन से भगवान की भक्ति करने से होगा मनुष्य का उद्धार: अनुभूमि
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-बड़ागांव के त्रिलोक तीर्थ धाम जैन मंदिर में हुआ भक्तांबर महामंडल विधान
फोटो नंबर 15केएआर 1
संवाद न्यूज एजेंसी
खेकड़ा। बड़ागांव के त्रिलोक तीर्थ धाम जैन मंदिर में शुक्रवार को भक्तांबर महामंडल विधान हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान पार्श्वनाथ की नित्य नियम पूजा की। विधान की शुरुआत भगवान पार्श्वनाथ के अभिषेक, शांति धारा और मंडप की शुद्धि के साथ हुई।
श्रद्धालुओं ने 48 दीपों से भगवान पार्श्वनाथ की विशेष पूजा-अर्चना की। धर्मसभा में चंद्रमति माता ने प्रवचन दिए। उन्होंने कहा कि सभी को नियमित रूप से भगवान की भक्ति में ध्यान लगाना चाहिए। चंद्रमति माता ने जोर दिया कि भगवान की भक्ति से बढ़कर कुछ नहीं है। उन्होंने बताया कि सच्चे मन से की गई भक्ति ही मनुष्य का उद्धार कर सकती है। इस अवसर पर त्रिलोकचंद जैन, अभिषेक जैन, प्रिंस जैन, राहुल जैन, दीपक जैन, मुकुल जैन, नितिन जैन सहित कई श्रद्धालु उपस्थित रहे। यह आयोजन जैन धर्म की परंपराओं के अनुरूप संपन्न हुआ।
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फोटो नंबर 15केएआर 1
संवाद न्यूज एजेंसी
खेकड़ा। बड़ागांव के त्रिलोक तीर्थ धाम जैन मंदिर में शुक्रवार को भक्तांबर महामंडल विधान हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान पार्श्वनाथ की नित्य नियम पूजा की। विधान की शुरुआत भगवान पार्श्वनाथ के अभिषेक, शांति धारा और मंडप की शुद्धि के साथ हुई।
श्रद्धालुओं ने 48 दीपों से भगवान पार्श्वनाथ की विशेष पूजा-अर्चना की। धर्मसभा में चंद्रमति माता ने प्रवचन दिए। उन्होंने कहा कि सभी को नियमित रूप से भगवान की भक्ति में ध्यान लगाना चाहिए। चंद्रमति माता ने जोर दिया कि भगवान की भक्ति से बढ़कर कुछ नहीं है। उन्होंने बताया कि सच्चे मन से की गई भक्ति ही मनुष्य का उद्धार कर सकती है। इस अवसर पर त्रिलोकचंद जैन, अभिषेक जैन, प्रिंस जैन, राहुल जैन, दीपक जैन, मुकुल जैन, नितिन जैन सहित कई श्रद्धालु उपस्थित रहे। यह आयोजन जैन धर्म की परंपराओं के अनुरूप संपन्न हुआ।
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