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Baghpat News: सैन्य सम्मान और नम आंखों से दी गई बलिदानी प्रशांत सिंह को अंतिम विदाई
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सेलाकुई/बागपत। स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह को रविवार को सैन्य सम्मान के साथ सेलाकुई में अंतिम विदाई दी गई। इस अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि देने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी। जनप्रतिनिधियों से लेकर स्थानीय निवासियों ने देशभक्ति के नारों व नम आंखों से उन्हें विदाई दी। रोते-बिलखते परिजनों को देखकर हर आंख नम हो गई।
असम के जोरहाट एयर बेस पर एएन-32 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट दुर्घटना में बलिदान हुए भारतीय वायु सेना के स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह का पार्थिव शरीर सायं 5.00 बजे उनके निवास स्थान राजा सड़क स्थित श्रीरामपुरम लाया गया। पार्थिव शरीर घर पर पहुंचते ही मातम पसर गया। शहीद की माता, पत्नी व बहन समेत अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। इस दौरान मौके पर मौजूद कोई भी आंसू रोक नहीं रोक पाया।
बताते चलें कि प्रशांत सिंह अपने परिवार के इकलौते पुत्र थे। उनकी शादी महज दो वर्ष पहले ही हुई थी। इस दौरान क्षेत्रीय विधायक सहदेव सिंह पुंडीर, कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष आर्येंद्र शर्मा, नगर पंचायत अध्यक्ष सुमित चौधरी व पूर्व प्रधान विजयपाल सिंह बर्तवाल समेत पूर्व सैनिक संगठनों के पदाधिकारियों व स्थानीय निवासियों ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। उनका अंतिम संस्कार पूरे सैन्य सम्मान के साथ सायं छह बजे किया गया।
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-बचपन से होनहार थे स्क्वाड्रन लीडर
रमाला। कंडेरा गांव के रहने वाले स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत तोमर बचपन से ही होनहार थे और हवाई जहाज उनका सबसे प्रिय खिलौना था। माता-पिता के साथ बचपन में कंडेरा गांव आते थे तो खेलने के लिए हवाई जहाज का खिलौना साथ लेकर आते थे। उनके बलिदान के बाद ताऊ प्रमोद, ताई राजबीरी समेत अन्य लोग गांव के लोगों को स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत तोमर के जीवन से जुड़ी बातें बता रहे हैं। ताऊ प्रमोद ने बताया कि स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत अपने पिता के साथ रहे और बचपन से ही सेना में जाने की बातें करते थे। बीटेक तक पढ़ाई करने के बाद वर्ष 2020 में भतीजे प्रशांत वायुसेना में फ्लाइंग पायलट पद पर भर्ती हो गए और दो साल पहले स्क्वाड्रन लीडर पद पर पदोन्नति होने के बाद परिवार काफी खुश था। उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद देर रात तक गांव के लोग वापस पहुंचे।
असम के जोरहाट एयर बेस पर एएन-32 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट दुर्घटना में बलिदान हुए भारतीय वायु सेना के स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह का पार्थिव शरीर सायं 5.00 बजे उनके निवास स्थान राजा सड़क स्थित श्रीरामपुरम लाया गया। पार्थिव शरीर घर पर पहुंचते ही मातम पसर गया। शहीद की माता, पत्नी व बहन समेत अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। इस दौरान मौके पर मौजूद कोई भी आंसू रोक नहीं रोक पाया।
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बताते चलें कि प्रशांत सिंह अपने परिवार के इकलौते पुत्र थे। उनकी शादी महज दो वर्ष पहले ही हुई थी। इस दौरान क्षेत्रीय विधायक सहदेव सिंह पुंडीर, कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष आर्येंद्र शर्मा, नगर पंचायत अध्यक्ष सुमित चौधरी व पूर्व प्रधान विजयपाल सिंह बर्तवाल समेत पूर्व सैनिक संगठनों के पदाधिकारियों व स्थानीय निवासियों ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। उनका अंतिम संस्कार पूरे सैन्य सम्मान के साथ सायं छह बजे किया गया।
-बचपन से होनहार थे स्क्वाड्रन लीडर
रमाला। कंडेरा गांव के रहने वाले स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत तोमर बचपन से ही होनहार थे और हवाई जहाज उनका सबसे प्रिय खिलौना था। माता-पिता के साथ बचपन में कंडेरा गांव आते थे तो खेलने के लिए हवाई जहाज का खिलौना साथ लेकर आते थे। उनके बलिदान के बाद ताऊ प्रमोद, ताई राजबीरी समेत अन्य लोग गांव के लोगों को स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत तोमर के जीवन से जुड़ी बातें बता रहे हैं। ताऊ प्रमोद ने बताया कि स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत अपने पिता के साथ रहे और बचपन से ही सेना में जाने की बातें करते थे। बीटेक तक पढ़ाई करने के बाद वर्ष 2020 में भतीजे प्रशांत वायुसेना में फ्लाइंग पायलट पद पर भर्ती हो गए और दो साल पहले स्क्वाड्रन लीडर पद पर पदोन्नति होने के बाद परिवार काफी खुश था। उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद देर रात तक गांव के लोग वापस पहुंचे।