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Baghpat News: दुबई और बहरीन में फंसे बागपत के सौ से ज्यादा युवा, उनकी व परिवार वालों की उड़ी नींंद
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बागपत। इस्राइल और अमेरिका ने ईरान पर हमला किया तो ईरान ने दुबई, बहरीन समेत अन्य जगहों पर भी बम व मिसाइल गिराईं। इससे बागपत के लोगों की चिंता भी बढ़ गई है। जिले के शेखपुरा, लुहारा, बरनावा, पांची समेत कई गांवों के युवा दुबई, बहरीन समेत अन्य खाड़ी देशों में फंस गए हैं। वहां मिसाइलें गिरने की जानकारी होते ही परिवार के लोग बार-बार फोन कर वहां फंसे युवाओं का हाल जानते रहे। साथ ही सुरक्षित जगहों पर रहने की सलाह भी देते रहे। परिवार वालों ने भारत सरकार से दुबई, बहरीन में फंसे युवाओं को भारत लाने की अपील की।
इमरजेंसी लगते ही एयरपोर्ट के बाहर खड़े रह गए पवन
फोटो संख्या 1
बड़ौत। शहर के दिलीप विहार निवासी सन्नी तोमर ने बताया कि उनका भाई पवन तोमर पिछले 11 महीने से बहरीन में पेट्रोलियम क्षेत्र में नौकरी करता है। वहां से हर महीने घर आ जाते हैं। होली पर्व पर घर आने के लिए पवन ने हवाई जहाज की टिकट करा ली थी, जिन्हें 28 फरवरी को घर आना था, लेकिन इस्राइल व ईरान में जंग होने पर वहां इमरजेंसी लगाकर एयरपोर्ट बंद कर दिया गया। इससे पवन तोमर एयरपोर्ट पर बाहर खड़े रह गए और होली पर्व पर घर वापस नहीं लौट पाए। वहां के हालात का पता चलते ही उन्होंने फोन पर पवन से संपर्क किया, जो सकुशल हैं। होली पर उनके घर नहीं आने से परिवार में भाई, पत्नी दीपिका, बेटा अभिराज, बेटी अवनिका काफी मायूस हैं।
-समीर ने दुबई से भेजी मिसाइलों की वीडियो, डर गए परिवार वाले
बिनौली। शेखपुरा गांव के मोहम्मद समीर पिछले दो साल से दुबई में रहकर टंकी फिटिंग का काम करते हैं। दुबई पर ईरान की मिसाइलें गिरने के बाद वह सुरक्षित ठिकाने में चले गए। समीर ने परिवार वालों को फोन करके वहां के हालात के बारे में बताया और ईरान की मिसाइल गिरने की वीडियो भी परिवार वालों को भेजी, जो समीर के ठिकाने से काफी दूर जाकर गिरी। वीडियो देखते ही परिवार वाले डर गए और रातभर सो नहीं पाए। उनके पिता यामीन, मां शाहिना, भाई साद, बहन रेशमा और मुस्कान ने समीर को भारत वापस लाने की मांग की। इसके अलावा बरनावा निवासी शाहिद सऊदी अरब में उमरा करने गया था, वहां से उन्होंने फोन करके हालात ठीक होने के बारे में बताया। पिचौकरा गांव निवासी इनाम भी सऊदी अरब में गाड़ी चलाते हैं। उन्होंने भी परिवार वालों को वहां के हालात के बारे में बताया।
-टीवी पर मिसाइलें गिरती देखी तो फोन कर हाल जाना
रटौल। पांची गांव के कई युवक दुबई, कतर समेत अन्य खाड़ी देशों में काम करते हैं। इसमें पांची के रिहान कई साल से कतर और सलाउद्दीन, अहसान अली, सिजाल समेत कई दुबई में काम करते हैं। इनके परिजनों ने टीवी पर मिसाइलें गिरने की वीडियो देखी तो वे चिंतित हो गए। परिवार वालों ने फोन पर संपर्क कर सुरक्षित रहने की सलाह दी और माहौल ठीक होने पर भारत लौटने के लिए कहा।
-सायरन बजते ही दुबई में छिप रहे लुहारा गांव के युवा
अमीनगर सराय। लुहारा गांव के जाबिर अली के चार भाई साजिद, माजिद, मुदस्सिर, शाकिब और भतीजा जैश मोहम्मद कई साल से यूएई में गाड़ी चलाते हैं। वहां के हसमत बहरीन, वसीम दुबई और अन्य युवा खाड़ी देशों में काम करते हैं। जाबिर अली ने बताया कि गांव के करीब सौ युवा खाड़ी देशों में काम करते हैं। इस्राइल और ईरान में जंग शुरू होने से उनके परिवार वाले काफी चिंतित है। उन्होंने बताया कि ज्यादातर युवाओं से परिवार वालों का संपर्क हो गया, जो सुरक्षित हैं। इसको लेकर गांव में लोगों ने बैठक कर चिंता भी जताई। वसीम ने परिवार वालों को बताया कि सायरन बजते ही दुबई में लोग सुरक्षित ठिकानों में जाकर छिप गए हैं।
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इमरजेंसी लगते ही एयरपोर्ट के बाहर खड़े रह गए पवन
फोटो संख्या 1
बड़ौत। शहर के दिलीप विहार निवासी सन्नी तोमर ने बताया कि उनका भाई पवन तोमर पिछले 11 महीने से बहरीन में पेट्रोलियम क्षेत्र में नौकरी करता है। वहां से हर महीने घर आ जाते हैं। होली पर्व पर घर आने के लिए पवन ने हवाई जहाज की टिकट करा ली थी, जिन्हें 28 फरवरी को घर आना था, लेकिन इस्राइल व ईरान में जंग होने पर वहां इमरजेंसी लगाकर एयरपोर्ट बंद कर दिया गया। इससे पवन तोमर एयरपोर्ट पर बाहर खड़े रह गए और होली पर्व पर घर वापस नहीं लौट पाए। वहां के हालात का पता चलते ही उन्होंने फोन पर पवन से संपर्क किया, जो सकुशल हैं। होली पर उनके घर नहीं आने से परिवार में भाई, पत्नी दीपिका, बेटा अभिराज, बेटी अवनिका काफी मायूस हैं।
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-समीर ने दुबई से भेजी मिसाइलों की वीडियो, डर गए परिवार वाले
बिनौली। शेखपुरा गांव के मोहम्मद समीर पिछले दो साल से दुबई में रहकर टंकी फिटिंग का काम करते हैं। दुबई पर ईरान की मिसाइलें गिरने के बाद वह सुरक्षित ठिकाने में चले गए। समीर ने परिवार वालों को फोन करके वहां के हालात के बारे में बताया और ईरान की मिसाइल गिरने की वीडियो भी परिवार वालों को भेजी, जो समीर के ठिकाने से काफी दूर जाकर गिरी। वीडियो देखते ही परिवार वाले डर गए और रातभर सो नहीं पाए। उनके पिता यामीन, मां शाहिना, भाई साद, बहन रेशमा और मुस्कान ने समीर को भारत वापस लाने की मांग की। इसके अलावा बरनावा निवासी शाहिद सऊदी अरब में उमरा करने गया था, वहां से उन्होंने फोन करके हालात ठीक होने के बारे में बताया। पिचौकरा गांव निवासी इनाम भी सऊदी अरब में गाड़ी चलाते हैं। उन्होंने भी परिवार वालों को वहां के हालात के बारे में बताया।
-टीवी पर मिसाइलें गिरती देखी तो फोन कर हाल जाना
रटौल। पांची गांव के कई युवक दुबई, कतर समेत अन्य खाड़ी देशों में काम करते हैं। इसमें पांची के रिहान कई साल से कतर और सलाउद्दीन, अहसान अली, सिजाल समेत कई दुबई में काम करते हैं। इनके परिजनों ने टीवी पर मिसाइलें गिरने की वीडियो देखी तो वे चिंतित हो गए। परिवार वालों ने फोन पर संपर्क कर सुरक्षित रहने की सलाह दी और माहौल ठीक होने पर भारत लौटने के लिए कहा।
-सायरन बजते ही दुबई में छिप रहे लुहारा गांव के युवा
अमीनगर सराय। लुहारा गांव के जाबिर अली के चार भाई साजिद, माजिद, मुदस्सिर, शाकिब और भतीजा जैश मोहम्मद कई साल से यूएई में गाड़ी चलाते हैं। वहां के हसमत बहरीन, वसीम दुबई और अन्य युवा खाड़ी देशों में काम करते हैं। जाबिर अली ने बताया कि गांव के करीब सौ युवा खाड़ी देशों में काम करते हैं। इस्राइल और ईरान में जंग शुरू होने से उनके परिवार वाले काफी चिंतित है। उन्होंने बताया कि ज्यादातर युवाओं से परिवार वालों का संपर्क हो गया, जो सुरक्षित हैं। इसको लेकर गांव में लोगों ने बैठक कर चिंता भी जताई। वसीम ने परिवार वालों को बताया कि सायरन बजते ही दुबई में लोग सुरक्षित ठिकानों में जाकर छिप गए हैं।
