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Baghpat News: नोटों की स्याही से लिखे जा रहे रिजल्ट
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बागपत। यहां इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय की 10वीं व 12वीं की परीक्षा में रुपये लेकर खुलेआम नकल कराई जा रही है। इसके लिए बिचौलियों ने जाल फैलाया हुआ है और वह फार्म भरवाने से लेकर नकल कराने तक के 25 से 40 हजार रुपये लेते हैं।
दस अप्रैल से शुरू हुई परीक्षा में बोर्ड पर लिखकर नकल कराने का पता चलने पर संवाद की टीम ने कई दिन तक छानबीन की तो पूरा मामला खुलकर सामने आ गया। पहले बिचौलियों ने रुपये लेकर परीक्षा केंद्र पर आने के लिए कह दिया। वहां परीक्षार्थियों व अभिभावकों ने केंद्र के अंदर चल रहे नकल के खेल के बारे में बताया। सबसे बड़ी बात यह है कि शिक्षा विभाग के अधिकारी आराम से बैठे हुए हैं।
-दिल्ली, मेरठ, गाजियाबाद के छात्रों के बागपत से भरे गए फार्म
नकल कराने के लिए नींव को परीक्षा फार्म भरने के समय रखा गया। बिचौलियों ने फार्म भरने के दौरान ही परीक्षा में नकल कराकर पास कराने का ठेका ले लिया। दिल्ली व अन्य जगहों पर नकल नहीं कराई जाती, इसलिए करीब तीन हजार छात्रों का फार्म बागपत जिले से भरवाया गया। इनमें 90 प्रतिशत छात्र दिल्ली, मेरठ, गाजियाबाद के रहने वाले हैं और इन सभी के केंद्र बागपत में ही रह गए।
-यह बनाए गए हैं केंद्र
राजकीय कन्या इंटर कॉलेज बागपत, आदर्श इंटर कॉलेज मीतली, डीएवी इंटर कॉलेज टटीरी, एमएम इंटर कॉलेज खेकड़ा, जैन इंटर कॉलेज खेकड़ा, एमडी इंटर कॉलेज, देवनागरी इंटर कॉलेज, डीपीएस स्कूल, हजारीलाल मेमोरियल इंटर कॉलेज, डीके स्कूल को केंद्र बनाया गया है।
--
पेपर शुरू होने से पहले बिचौलिया से व्हाट्स एप कॉल पर बातचीत
रिपोर्टर: भैया नमस्ते
बिचौलिया: नमस्ते
रिपोर्टर: भैया मेरे तीन बच्चों का पेपर है शाम को।
बिचौलिया: मैंने पहचाना नहीं आपको।
रिपोर्टर: मुझे आपका नंबर...ने दिया है। बस यह पूछना था कि पैसे बच्चों को लेकर भेजना है या ऑनलाइन करने हैं।
बिचौलिया: वहीं बात करेंगे।
यह कहकर बिचौलिया फोन काट देता है और कुछ देर बाद उसका फोन आता है।
रिपोर्टर: हैलो
बिचौलिया: भैया बताओ क्या कह रहे थे आप। आपको किसने नंबर दिया मेरा?
रिपोर्टर: ...भाई ने दिया था।
बिचौलिया: आप कहां से हो?
रिपोर्टर: खेकड़ा के मोहल्ला अहिरान से।
बिचौलिया: कोई बात नहीं, आप मुझे स्कूल पर मिल लेना।
रिपोर्टर: आप कहोगे तो मैं बच्चों को पैसे लेकर स्कूल पर भेज दूंगा।
बिचौलिया: जैसे आपकी इच्छा हो, वैसे कर लो।
रिपोर्टर: कितने पैसे लेकर भेजने हैं?
बिचौलिया: बता देंगे, वहीं।
--
दसवीं के परीक्षार्थी से आमने-सामने बातचीत
रिपोर्टर: बेटा पेपर था क्या?
परीक्षार्थी: हां, मैथ का।
रिपोर्टर: कैसा गया है?
परीक्षार्थी: अच्छा गया है।
रिपोर्टर: कुछ मदद कराई क्या इन्होंने?
परीक्षार्थी: हां जी, बोर्ड पर करवाया।
रिपोर्टर: पास तो हो जाएगा।
परीक्षार्थी: हां जी, आराम से हो जाऊंगा।
रिपोर्टर: कहां से हो?
परीक्षार्थी: दिल्ली से हूं।
-- -- -
अभिभावक व उनके बेटे 12वीं के परीक्षार्थी दोनों से आमने-सामने बातचीत
रिपोर्टर: आपका बेटा आ गया क्या पेपर देकर?
अभिभावक: हां, ये आ गया।
रिपोर्टर: कैसे करवाया?
परीक्षार्थी: बोर्ड पर लिखा था, पांच-छह मिनट में लिखा हुआ मिटा देते हैं।
रिपोर्टर: सही गया क्या पेपर
परीक्षार्थी: हां बस सही गया है, जल्दी-जल्दी मिटा देते हैं।
रिपोर्टर: आज कितने पेपर हो गए?
परीक्षार्थी: मेरा लास्ट है कल।
रिपोर्टर: कितने पैसे लिए हैं इन्होंने?
अभिभावक: हमारे से 32 हजार रुपये लिए हैं।
रिपोर्टर: आप कहां से हो?
अभिभावक: हम गाजियाबाद से हैं।
--
दूसरे अभिभावक व परीक्षार्थी से आमने-सामने बातचीत
रिपोर्टर: सही गया पेपर।
परीक्षार्थी: हां
रिपोर्टर: इंटर का था या हाईस्कूल का?
परीक्षार्थी: हाईस्कूल का।
रिपोर्टर: कैसे बोर्ड पर उतारा था क्या?
परीक्षार्थी: मैंने तो पढ़ रखा था।
रिपोर्टर: बोर्ड पर नहीं उतारा क्या?
परीक्षार्थी: उतारा था।
रिपोर्टर: कहां से हो?
अभिभावक: मेरठ से हैं, एक सर हैं उन्होंने भरवाया था फार्म।
रिपोर्टर: तुम्हारा कितना खर्चा आ गया?
अभिभावक: हमारा टोटल 40 हजार रुपये का खर्च आ गया।
--
परीक्षा केंद्रों पर इस तरह से सामूहिक रूप से नकल कराने के मामले में जांच कराई जाएगी। इसमें जिम्मेदार सभी अधिकारियों से जवाब भी मांगा जाएगा। किसी भी जगह नकल नहीं होने दी जाएगी और कार्रवाई की जाएगी। -विनीत उपाध्याय, एडीएम
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दस अप्रैल से शुरू हुई परीक्षा में बोर्ड पर लिखकर नकल कराने का पता चलने पर संवाद की टीम ने कई दिन तक छानबीन की तो पूरा मामला खुलकर सामने आ गया। पहले बिचौलियों ने रुपये लेकर परीक्षा केंद्र पर आने के लिए कह दिया। वहां परीक्षार्थियों व अभिभावकों ने केंद्र के अंदर चल रहे नकल के खेल के बारे में बताया। सबसे बड़ी बात यह है कि शिक्षा विभाग के अधिकारी आराम से बैठे हुए हैं।
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-दिल्ली, मेरठ, गाजियाबाद के छात्रों के बागपत से भरे गए फार्म
नकल कराने के लिए नींव को परीक्षा फार्म भरने के समय रखा गया। बिचौलियों ने फार्म भरने के दौरान ही परीक्षा में नकल कराकर पास कराने का ठेका ले लिया। दिल्ली व अन्य जगहों पर नकल नहीं कराई जाती, इसलिए करीब तीन हजार छात्रों का फार्म बागपत जिले से भरवाया गया। इनमें 90 प्रतिशत छात्र दिल्ली, मेरठ, गाजियाबाद के रहने वाले हैं और इन सभी के केंद्र बागपत में ही रह गए।
-यह बनाए गए हैं केंद्र
राजकीय कन्या इंटर कॉलेज बागपत, आदर्श इंटर कॉलेज मीतली, डीएवी इंटर कॉलेज टटीरी, एमएम इंटर कॉलेज खेकड़ा, जैन इंटर कॉलेज खेकड़ा, एमडी इंटर कॉलेज, देवनागरी इंटर कॉलेज, डीपीएस स्कूल, हजारीलाल मेमोरियल इंटर कॉलेज, डीके स्कूल को केंद्र बनाया गया है।
पेपर शुरू होने से पहले बिचौलिया से व्हाट्स एप कॉल पर बातचीत
रिपोर्टर: भैया नमस्ते
बिचौलिया: नमस्ते
रिपोर्टर: भैया मेरे तीन बच्चों का पेपर है शाम को।
बिचौलिया: मैंने पहचाना नहीं आपको।
रिपोर्टर: मुझे आपका नंबर...ने दिया है। बस यह पूछना था कि पैसे बच्चों को लेकर भेजना है या ऑनलाइन करने हैं।
बिचौलिया: वहीं बात करेंगे।
यह कहकर बिचौलिया फोन काट देता है और कुछ देर बाद उसका फोन आता है।
रिपोर्टर: हैलो
बिचौलिया: भैया बताओ क्या कह रहे थे आप। आपको किसने नंबर दिया मेरा?
रिपोर्टर: ...भाई ने दिया था।
बिचौलिया: आप कहां से हो?
रिपोर्टर: खेकड़ा के मोहल्ला अहिरान से।
बिचौलिया: कोई बात नहीं, आप मुझे स्कूल पर मिल लेना।
रिपोर्टर: आप कहोगे तो मैं बच्चों को पैसे लेकर स्कूल पर भेज दूंगा।
बिचौलिया: जैसे आपकी इच्छा हो, वैसे कर लो।
रिपोर्टर: कितने पैसे लेकर भेजने हैं?
बिचौलिया: बता देंगे, वहीं।
दसवीं के परीक्षार्थी से आमने-सामने बातचीत
रिपोर्टर: बेटा पेपर था क्या?
परीक्षार्थी: हां, मैथ का।
रिपोर्टर: कैसा गया है?
परीक्षार्थी: अच्छा गया है।
रिपोर्टर: कुछ मदद कराई क्या इन्होंने?
परीक्षार्थी: हां जी, बोर्ड पर करवाया।
रिपोर्टर: पास तो हो जाएगा।
परीक्षार्थी: हां जी, आराम से हो जाऊंगा।
रिपोर्टर: कहां से हो?
परीक्षार्थी: दिल्ली से हूं।
अभिभावक व उनके बेटे 12वीं के परीक्षार्थी दोनों से आमने-सामने बातचीत
रिपोर्टर: आपका बेटा आ गया क्या पेपर देकर?
अभिभावक: हां, ये आ गया।
रिपोर्टर: कैसे करवाया?
परीक्षार्थी: बोर्ड पर लिखा था, पांच-छह मिनट में लिखा हुआ मिटा देते हैं।
रिपोर्टर: सही गया क्या पेपर
परीक्षार्थी: हां बस सही गया है, जल्दी-जल्दी मिटा देते हैं।
रिपोर्टर: आज कितने पेपर हो गए?
परीक्षार्थी: मेरा लास्ट है कल।
रिपोर्टर: कितने पैसे लिए हैं इन्होंने?
अभिभावक: हमारे से 32 हजार रुपये लिए हैं।
रिपोर्टर: आप कहां से हो?
अभिभावक: हम गाजियाबाद से हैं।
दूसरे अभिभावक व परीक्षार्थी से आमने-सामने बातचीत
रिपोर्टर: सही गया पेपर।
परीक्षार्थी: हां
रिपोर्टर: इंटर का था या हाईस्कूल का?
परीक्षार्थी: हाईस्कूल का।
रिपोर्टर: कैसे बोर्ड पर उतारा था क्या?
परीक्षार्थी: मैंने तो पढ़ रखा था।
रिपोर्टर: बोर्ड पर नहीं उतारा क्या?
परीक्षार्थी: उतारा था।
रिपोर्टर: कहां से हो?
अभिभावक: मेरठ से हैं, एक सर हैं उन्होंने भरवाया था फार्म।
रिपोर्टर: तुम्हारा कितना खर्चा आ गया?
अभिभावक: हमारा टोटल 40 हजार रुपये का खर्च आ गया।
परीक्षा केंद्रों पर इस तरह से सामूहिक रूप से नकल कराने के मामले में जांच कराई जाएगी। इसमें जिम्मेदार सभी अधिकारियों से जवाब भी मांगा जाएगा। किसी भी जगह नकल नहीं होने दी जाएगी और कार्रवाई की जाएगी। -विनीत उपाध्याय, एडीएम

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