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Baghpat News: वेस्ट यूपी में विकास की रफ्तार बढ़ाएगा एक्सप्रेसवे
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अंकित चौहान
बागपत। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे बागपत के साथ ही वेस्ट यूपी के अन्य जिलों के लिए किसी लाइफ लाइन से कम नहीं है। इससे वेस्ट यूपी में विकास रफ्तार पकड़ेगा, क्योंकि दिल्ली व उत्तराखंड के साथ ही पांच जिले इससे सीधे जुड़ रहे हैं। वहीं वेस्ट यूपी के अन्य जिले व हरियाणा भी ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के सहारे इससे जुड़ेंगे।
दिल्ली के अक्षरधाम से शुरू होकर देहरादून तक बना 210 किमी लंबा एक्सप्रेसवे गाजियाबाद, बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर से निकलने के कारण इनसे सीधा जुड़ रहा है। इस एक्सप्रेसवे का शुरुआती एलिवेटेड हिस्सा अक्षरधाम से खेकड़ा में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से जुड़ता है। इस तरह इसके लिए हरियाणा से सीधी आवाजाही रहेगी और ईस्टर्न पेरिफेरल के सहारे ही हापुड़, बुलंदशहर, गौतमबुद्धनगर व आसपास के जिले इससे जुड़ेंगे।
इसलिए ही दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से जुड़े जिलों में विकास की रफ्तार बढ़ती दिखने लगी है। अभी इसके आसपास खेकड़ा, बागपत, बड़ौत, शामली, सहारनपुर में औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने लगे हैं तो इन सभी जगहों पर आवासीय कॉलोनियां भी विकसित हो रही हैं। बागपत के मवीकलां, दुड़भा, बुढ़ाना मार्ग समेत अन्य जगहों पर बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठान बनने लगे हैं। दुड़भा में रेस्ट एरिया, पेट्रोल पंप समेत अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठान बनाए जा रहे हैं।
-उद्योग बढ़ेंगे तो रोजगार के अवसर भी मिलेंगे
एक्सप्रेसवे के शुरू होने से पहले ही इसके आसपास मवीकलां, काठा, मेरठ मार्ग समेत अन्य जगहों पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित हो गए हैं। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि मवीकलां व अग्रवाल मंडी टटीरी में इंटरचेंज बने हुए हैं। औद्योगिक क्षेत्रों से यह दोनों जगह पास में हैं और इस पर आसानी से चढ़ा जा सकता है। इससे ईपीई होते हुए हरियाणा, राजस्थान भी आसानी से पहुंच सकते हैं। इस तरह आवाजाही का मार्ग सुगम होने से उद्योग भी काफी लगेंगे और इससे युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
-पर्यटन को बढ़वा मिलेगा, स्थलों पर आराम से पहुंच सकेंगे
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से किसी एक नहीं, बल्कि कई राज्यों के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। दिल्ली से देहरादून पहुंचने में अभी छह घंटे लगते हैं और इसके शुरू होने से केवल ढाई घंटे में देहादून पहुंच सकेंगे। इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से बागपत के जैन तीर्थ स्थली बड़ागांव, पुरा महादेव मंदिर, बरनावा लाक्षागृह, मुजफ्फरनगर के शुक्रतीर्थ, सहारनपुर के शाकुंभरी, दिल्ली के अक्षरधाम, हरियाणा के कुरुक्षेत्र पहुंचना आसान होगा। इसको देखते हुए ही बागपत में अंतरराष्ट्रीय योग एवं आरोग्य केंद्र बनाया जा रहा है और पुरा महादेव का जीर्णोद्धार चल रहा है, क्योंकि यहां पर्यटन को काफी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
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दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की योजना मेरे सांसद रहते बनी थी और इसको लेकर काफी मंथन हुआ, तब इसकी डीपीआर तैयार कराकर कार्य शुरू कराया गया। विकास के मार्ग के तौर पर देखा गया सपना अब पूरा हो रहा है। निश्चित तौर पर इसका फायदा बागपत और आसपास के जिलों को मिलेगा। यह पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की दूरदर्शी सोच है कि इतनी बड़ी सौगात मिली है। -डॉ. सत्यपाल सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री भाजपा
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दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे केवल बागपत ही नहीं, बल्कि आसपास की जगहों के लिए भी फायदेमंद होगा। इसके शुरू होने से पहले ही यहां असर दिखाई देने लगा था और इसके आसपास औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने लगे। इनमें अब तेजी आएगी और यहां उद्योग लगेंगे तो विकास का पहिया तेजी से दौड़ेगा। -डॉ. राजकुमार सांगवान, सांसद रालोद
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पर्यटन को लेकर दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का काफी फायदा मिलेगा। पुरा महादेव मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य चल रहा है तो और वहां अंतरराष्ट्रीय योग एवं आरोग्य केंद्र भी बनाया जाएगा। यहां आने के लिए दिल्ली, गाजियाबाद, हरियाणा व अन्य जगहों के पर्यटकों को परेशानी नहीं होगी और वह सीधे बागपत पहुंचेंगे। -शशांक मलिक, अमीनगर सराय
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उद्योग लगाने के लिए बागपत सबसे बेहतर जगह है। यहां की कनेक्टिविटी काफी अच्छी हो गई है और किसी तरह की अन्य कोई भी समस्या नहीं है। एक्सप्रेसवे के शुरू होने पर यह साफ है कि यहां उद्योग बढ़ेंगे और विकास भी तेजी से बढ़ेगा। रोजगार की समस्या भी काफी दूर हो जाएगी। -अश्वनी शर्मा, महासचिव बागपत इंडस्ट्रियल एसोसिएशन
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बागपत। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे बागपत के साथ ही वेस्ट यूपी के अन्य जिलों के लिए किसी लाइफ लाइन से कम नहीं है। इससे वेस्ट यूपी में विकास रफ्तार पकड़ेगा, क्योंकि दिल्ली व उत्तराखंड के साथ ही पांच जिले इससे सीधे जुड़ रहे हैं। वहीं वेस्ट यूपी के अन्य जिले व हरियाणा भी ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के सहारे इससे जुड़ेंगे।
दिल्ली के अक्षरधाम से शुरू होकर देहरादून तक बना 210 किमी लंबा एक्सप्रेसवे गाजियाबाद, बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर से निकलने के कारण इनसे सीधा जुड़ रहा है। इस एक्सप्रेसवे का शुरुआती एलिवेटेड हिस्सा अक्षरधाम से खेकड़ा में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से जुड़ता है। इस तरह इसके लिए हरियाणा से सीधी आवाजाही रहेगी और ईस्टर्न पेरिफेरल के सहारे ही हापुड़, बुलंदशहर, गौतमबुद्धनगर व आसपास के जिले इससे जुड़ेंगे।
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इसलिए ही दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से जुड़े जिलों में विकास की रफ्तार बढ़ती दिखने लगी है। अभी इसके आसपास खेकड़ा, बागपत, बड़ौत, शामली, सहारनपुर में औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने लगे हैं तो इन सभी जगहों पर आवासीय कॉलोनियां भी विकसित हो रही हैं। बागपत के मवीकलां, दुड़भा, बुढ़ाना मार्ग समेत अन्य जगहों पर बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठान बनने लगे हैं। दुड़भा में रेस्ट एरिया, पेट्रोल पंप समेत अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठान बनाए जा रहे हैं।
-उद्योग बढ़ेंगे तो रोजगार के अवसर भी मिलेंगे
एक्सप्रेसवे के शुरू होने से पहले ही इसके आसपास मवीकलां, काठा, मेरठ मार्ग समेत अन्य जगहों पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित हो गए हैं। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि मवीकलां व अग्रवाल मंडी टटीरी में इंटरचेंज बने हुए हैं। औद्योगिक क्षेत्रों से यह दोनों जगह पास में हैं और इस पर आसानी से चढ़ा जा सकता है। इससे ईपीई होते हुए हरियाणा, राजस्थान भी आसानी से पहुंच सकते हैं। इस तरह आवाजाही का मार्ग सुगम होने से उद्योग भी काफी लगेंगे और इससे युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
-पर्यटन को बढ़वा मिलेगा, स्थलों पर आराम से पहुंच सकेंगे
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से किसी एक नहीं, बल्कि कई राज्यों के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। दिल्ली से देहरादून पहुंचने में अभी छह घंटे लगते हैं और इसके शुरू होने से केवल ढाई घंटे में देहादून पहुंच सकेंगे। इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से बागपत के जैन तीर्थ स्थली बड़ागांव, पुरा महादेव मंदिर, बरनावा लाक्षागृह, मुजफ्फरनगर के शुक्रतीर्थ, सहारनपुर के शाकुंभरी, दिल्ली के अक्षरधाम, हरियाणा के कुरुक्षेत्र पहुंचना आसान होगा। इसको देखते हुए ही बागपत में अंतरराष्ट्रीय योग एवं आरोग्य केंद्र बनाया जा रहा है और पुरा महादेव का जीर्णोद्धार चल रहा है, क्योंकि यहां पर्यटन को काफी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की योजना मेरे सांसद रहते बनी थी और इसको लेकर काफी मंथन हुआ, तब इसकी डीपीआर तैयार कराकर कार्य शुरू कराया गया। विकास के मार्ग के तौर पर देखा गया सपना अब पूरा हो रहा है। निश्चित तौर पर इसका फायदा बागपत और आसपास के जिलों को मिलेगा। यह पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की दूरदर्शी सोच है कि इतनी बड़ी सौगात मिली है। -डॉ. सत्यपाल सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री भाजपा
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे केवल बागपत ही नहीं, बल्कि आसपास की जगहों के लिए भी फायदेमंद होगा। इसके शुरू होने से पहले ही यहां असर दिखाई देने लगा था और इसके आसपास औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने लगे। इनमें अब तेजी आएगी और यहां उद्योग लगेंगे तो विकास का पहिया तेजी से दौड़ेगा। -डॉ. राजकुमार सांगवान, सांसद रालोद
पर्यटन को लेकर दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का काफी फायदा मिलेगा। पुरा महादेव मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य चल रहा है तो और वहां अंतरराष्ट्रीय योग एवं आरोग्य केंद्र भी बनाया जाएगा। यहां आने के लिए दिल्ली, गाजियाबाद, हरियाणा व अन्य जगहों के पर्यटकों को परेशानी नहीं होगी और वह सीधे बागपत पहुंचेंगे। -शशांक मलिक, अमीनगर सराय
उद्योग लगाने के लिए बागपत सबसे बेहतर जगह है। यहां की कनेक्टिविटी काफी अच्छी हो गई है और किसी तरह की अन्य कोई भी समस्या नहीं है। एक्सप्रेसवे के शुरू होने पर यह साफ है कि यहां उद्योग बढ़ेंगे और विकास भी तेजी से बढ़ेगा। रोजगार की समस्या भी काफी दूर हो जाएगी। -अश्वनी शर्मा, महासचिव बागपत इंडस्ट्रियल एसोसिएशन

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