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Baghpat News: कच्चे माल के बढ़ने लगे दाम, आम लोगों की जेब पर पड़ने लगा भार
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बागपत। अमेरिका-इस्राइल और ईरान युद्ध की वजह से कच्चे माल के दाम बढ़ गए हैं और लोगों की जेब पर भार पड़ने लगा। यही नहीं फैक्टरियों में पहले लिए गए ऑर्डर भी बीच में अटक गए हैं और कुछ निरस्त भी हो गए। ऑर्डर देने वाले महंगे उत्पाद खरीदने से कदम पीछे खींच रहे हैं। वहीं उत्पादों की लागत बढ़ने से उद्यमी भी नए ऑर्डर लेने से बच रहे हैं।
जिले में छोटी और बड़ी 200 से अधिक फैक्टरियां संचालित हैं, जहां हैंडलूम, घरेलू साज-सज्जा, पैकेजिंग, प्लास्टिक के उत्पाद, रिमधुरे तैयार किए जाते हैं। फैक्टरियों में उत्पादों को तैयार करने के लिए दूसरे देशों से कच्चा माल भी मंगाया जाता है। अब युद्ध शुरू होने के बाद से दूसरे देशों से आने वाला कच्चा माल भी बाधित हो रहा है, जिससे कच्चे माल के दाम बढ़ गए हैं। ऐसे में प्लास्टिक दाना 85 रुपये किलो से बढ़कर 160 रुपये किलो हो गया, लोहे की शीट पर 47 रुपये किलो से बढ़कर 61 रुपये किलो हो गई। इसके अलावा सरिये पर आठ रुपये किलो के दाम बढ़ गए। पैकेजिंग के लिए फैक्टरियों में आने वाले कागज का दाम भी 30 रुपये से बढ़कर 35 रुपये किलो हो गया। पैकेजिंग वाली पॉलीथिन भी 120 रुपये से बढ़कर 180 रुपये किलो तक पहुंच गई। इसका असर लोगों की जेब पर भी पड़ रहा है, क्योंकि कच्च माल महंगा होने से उद्यमियों ने उत्पादों के दाम बढ़ा दिए।
-अमेरिका-इस्राइल और ईरान युद्ध की वजह से प्लास्टिक दाने के दाम दोगुने हो गए हैं। इससे उत्पादों के दाम भी बढ़ा दिए गए हैं। पहले लिए गए ऑर्डर भी निरस्त हो गए हैं, जबकि नए ऑर्डर नहीं मिल रहे। -अभय जैन, उद्यमी
-पैकेजिंग के लिए आने वाले कागज के दाम भी बढ़ गए, जिससे उत्पाद महंगे हो गए हैं। पहले ऑर्डर करने वाली कंपनियों ने महंगे उत्पाद लेने से मना कर दिया, जिसकी वजह से नया माल तैयार नहीं किया जा रहा। -प्रदीप गुप्ता, उद्यमी
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जिले में छोटी और बड़ी 200 से अधिक फैक्टरियां संचालित हैं, जहां हैंडलूम, घरेलू साज-सज्जा, पैकेजिंग, प्लास्टिक के उत्पाद, रिमधुरे तैयार किए जाते हैं। फैक्टरियों में उत्पादों को तैयार करने के लिए दूसरे देशों से कच्चा माल भी मंगाया जाता है। अब युद्ध शुरू होने के बाद से दूसरे देशों से आने वाला कच्चा माल भी बाधित हो रहा है, जिससे कच्चे माल के दाम बढ़ गए हैं। ऐसे में प्लास्टिक दाना 85 रुपये किलो से बढ़कर 160 रुपये किलो हो गया, लोहे की शीट पर 47 रुपये किलो से बढ़कर 61 रुपये किलो हो गई। इसके अलावा सरिये पर आठ रुपये किलो के दाम बढ़ गए। पैकेजिंग के लिए फैक्टरियों में आने वाले कागज का दाम भी 30 रुपये से बढ़कर 35 रुपये किलो हो गया। पैकेजिंग वाली पॉलीथिन भी 120 रुपये से बढ़कर 180 रुपये किलो तक पहुंच गई। इसका असर लोगों की जेब पर भी पड़ रहा है, क्योंकि कच्च माल महंगा होने से उद्यमियों ने उत्पादों के दाम बढ़ा दिए।
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-अमेरिका-इस्राइल और ईरान युद्ध की वजह से प्लास्टिक दाने के दाम दोगुने हो गए हैं। इससे उत्पादों के दाम भी बढ़ा दिए गए हैं। पहले लिए गए ऑर्डर भी निरस्त हो गए हैं, जबकि नए ऑर्डर नहीं मिल रहे। -अभय जैन, उद्यमी
-पैकेजिंग के लिए आने वाले कागज के दाम भी बढ़ गए, जिससे उत्पाद महंगे हो गए हैं। पहले ऑर्डर करने वाली कंपनियों ने महंगे उत्पाद लेने से मना कर दिया, जिसकी वजह से नया माल तैयार नहीं किया जा रहा। -प्रदीप गुप्ता, उद्यमी