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Baghpat News: सीने में तेज दर्द के बाद दो की माैत एक रात में सोए तो उठे ही नहीं
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संवाद न्यूज एजेंसी
खेकड़ा। बागपत जिले के सांकरौद गांव में बुधवार को एक ही दिन में तीन लोगों की हार्ट अटैक से मौत हो गई, जिससे पूरे गांव में मातम छा गया। मृतकों में दिल्ली दमकल विभाग के एक कर्मी और दो किसान शामिल हैं। चिकित्सकों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। सांकरौद के रहने वाले ओमकार धामा दिल्ली में दमकल विभाग में कार्यरत थे, जो छुट्टी लेकर घर आए हुए थे। बुधवार देर शाम ओमकार धामा अपने घर में कुर्सी पर बैठे थे, तभी उनके सीने में तेज दर्द होने लगा। परिवार वाले उन्हें लेकर कस्बे के निजी चिकित्सक के यहां पहुंचे, लेकिन रास्ते में ही उनकी माैत हो गई थी। परिवार में दो बेटे हैं, जिनमें बड़ा बेटा जयबीर धामा किसान, छोटा बेटा विशेष दिल्ली एमसीडी में दयानंद अस्पताल में एंबुलेंस चालक है।
वहीं रामबीर सिंह (62) बुधवार रात अपने घर में सो रहे थे, तभी उनके सीने में तेज दर्द हुआ और मौत हो गई। परिजनों को उन्हें जगाने का प्रयास भी किया, लेकिन वे नहीं उठे। इसके बाद निजी चिकित्सक ने भी मृत घोषित कर दिया। किसान रामबीर के परिवार में तीन बेटे विपिन, बोबी और गौरव हैं।
इनके अलावा सांकरौद गांव के ही किसान ओमबीर (55) बुधवार रात चारपाई पर सो रहे थे। बृहस्पतिवार सुबह परिजनों ने उन्हें जगाया तो वह नहीं उठे। इसके बाद परिजनों ने चिकित्सक को घर बुलाया, जिसने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिवार में एक बेटा अक्षय और बेटी शिवांगी है। अक्षय निजी कंपनी में नौकरी करता है।
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खेकड़ा। बागपत जिले के सांकरौद गांव में बुधवार को एक ही दिन में तीन लोगों की हार्ट अटैक से मौत हो गई, जिससे पूरे गांव में मातम छा गया। मृतकों में दिल्ली दमकल विभाग के एक कर्मी और दो किसान शामिल हैं। चिकित्सकों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। सांकरौद के रहने वाले ओमकार धामा दिल्ली में दमकल विभाग में कार्यरत थे, जो छुट्टी लेकर घर आए हुए थे। बुधवार देर शाम ओमकार धामा अपने घर में कुर्सी पर बैठे थे, तभी उनके सीने में तेज दर्द होने लगा। परिवार वाले उन्हें लेकर कस्बे के निजी चिकित्सक के यहां पहुंचे, लेकिन रास्ते में ही उनकी माैत हो गई थी। परिवार में दो बेटे हैं, जिनमें बड़ा बेटा जयबीर धामा किसान, छोटा बेटा विशेष दिल्ली एमसीडी में दयानंद अस्पताल में एंबुलेंस चालक है।
वहीं रामबीर सिंह (62) बुधवार रात अपने घर में सो रहे थे, तभी उनके सीने में तेज दर्द हुआ और मौत हो गई। परिजनों को उन्हें जगाने का प्रयास भी किया, लेकिन वे नहीं उठे। इसके बाद निजी चिकित्सक ने भी मृत घोषित कर दिया। किसान रामबीर के परिवार में तीन बेटे विपिन, बोबी और गौरव हैं।
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इनके अलावा सांकरौद गांव के ही किसान ओमबीर (55) बुधवार रात चारपाई पर सो रहे थे। बृहस्पतिवार सुबह परिजनों ने उन्हें जगाया तो वह नहीं उठे। इसके बाद परिजनों ने चिकित्सक को घर बुलाया, जिसने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिवार में एक बेटा अक्षय और बेटी शिवांगी है। अक्षय निजी कंपनी में नौकरी करता है।
