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Bahraich News: 121 में से 55 पंप सूखे, पेट्रोल-डीजल के लिए लोग बेहाल
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बहराइच में पानीटंकी के पास पेट्रोल भराने के लिए लगी लाइन।
- फोटो : बहराइच में पानीटंकी के पास पेट्रोल भराने के लिए लगी लाइन।
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बहराइच। जिले में डीजल-पेट्रोल की किल्लत और अव्यवस्था से आम लोगों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। हालात ये हैं कि आधे से अधिक पेट्रोल पंप सूखे पड़े हैं, जबकि खुले पंपों पर सुबह से ही लंबी कतारें लग जा रही हैं। घंटों इंतजार के बाद भी कई लोगों को बिना तेल लिए ही वापस लौटना पड़ रहा है।
जिले में कुल 121 पेट्रोल पंप हैं, लेकिन करीब 55 पंपों पर अब भी डीजल-पेट्रोल उपलब्ध नहीं है। नई व्यवस्था के तहत रात नौ बजे के बाद तेल न मिलने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। उधर, मिहीपुरवा क्षेत्र में सप्लाई होने के बावजूद भीड़ इतनी ज्यादा है कि व्यवस्था संभालना प्रशासन और पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। गैलन और पिपिया में तेल देने पर सख्ती के बावजूद लोग बड़ी संख्या में ऐसे ही पहुंच रहे हैं, जिससे वाहन चालकों को दिक्कत हो रही है। आईडी दिखाकर तेल देने के आदेश से पंपों पर बहस और नोकझोंक की स्थिति बन रही है।
रिसिया और मटेरा क्षेत्रों में भी यही हाल है। किसान पंपिंग सेट चलाने के लिए परेशान हैं और कुछ जगहों पर तो वे इंजन की टंकी लेकर ही पेट्रोल पंप पहुंच रहे हैं। पर्याप्त आपूर्ति के दावों के बीच अव्यवस्था के कारण आम लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। जिला पूर्ति अधिकारी नरेंद्र तिवारी का कहना है कि नई व्यवस्था के तहत पंपों पर तेल वितरण का समय निर्धारण कर दिया गया है। साथ ही छापा मारा जा रहा है। शीघ्र ही स्थिति को नियंत्रित कर लिया जाएगा।
किसानों की बढ़ी परेशानी
-डीजल न मिलने से सिंचाई पर असर।
-मक्का व सब्जी की फसल सूखने का खतरा।
-किसान इंजन की टंकी लेकर पंपों तक पहुंच रहे।
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जिले में कुल 121 पेट्रोल पंप हैं, लेकिन करीब 55 पंपों पर अब भी डीजल-पेट्रोल उपलब्ध नहीं है। नई व्यवस्था के तहत रात नौ बजे के बाद तेल न मिलने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। उधर, मिहीपुरवा क्षेत्र में सप्लाई होने के बावजूद भीड़ इतनी ज्यादा है कि व्यवस्था संभालना प्रशासन और पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। गैलन और पिपिया में तेल देने पर सख्ती के बावजूद लोग बड़ी संख्या में ऐसे ही पहुंच रहे हैं, जिससे वाहन चालकों को दिक्कत हो रही है। आईडी दिखाकर तेल देने के आदेश से पंपों पर बहस और नोकझोंक की स्थिति बन रही है।
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रिसिया और मटेरा क्षेत्रों में भी यही हाल है। किसान पंपिंग सेट चलाने के लिए परेशान हैं और कुछ जगहों पर तो वे इंजन की टंकी लेकर ही पेट्रोल पंप पहुंच रहे हैं। पर्याप्त आपूर्ति के दावों के बीच अव्यवस्था के कारण आम लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। जिला पूर्ति अधिकारी नरेंद्र तिवारी का कहना है कि नई व्यवस्था के तहत पंपों पर तेल वितरण का समय निर्धारण कर दिया गया है। साथ ही छापा मारा जा रहा है। शीघ्र ही स्थिति को नियंत्रित कर लिया जाएगा।
किसानों की बढ़ी परेशानी
-डीजल न मिलने से सिंचाई पर असर।
-मक्का व सब्जी की फसल सूखने का खतरा।
-किसान इंजन की टंकी लेकर पंपों तक पहुंच रहे।

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