{"_id":"6a679fdb2d55b8a5eb04db22","slug":"a-nepalese-university-has-revoked-the-degree-equivalence-of-114-indian-students-bahraich-news-c-98-1-bhr1003-153950-2026-07-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bahraich News: नेपाल की यूनिवर्सिटी ने रद्द की भारत के 114 छात्रों की डिग्री की समकक्षता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bahraich News: नेपाल की यूनिवर्सिटी ने रद्द की भारत के 114 छात्रों की डिग्री की समकक्षता
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रुपईडीहा। नेपाल स्थित त्रिभुवन विश्वविद्यालय ने भारत के चार विश्वविद्यालयों से प्राप्त डिग्रियों के आधार पर जारी 114 छात्रों की समकक्षता रद्द कर दी है। यह निर्णय विस्तृत जांच और 35 दिनों की नोटिस अवधि पूरी होने के बाद लिया गया। इस प्रकार नेपाली विश्वविद्यालय ने भारतीय विश्वविद्यालयों को झटका दिया है।
नेपालगंज के त्रिभुवन विश्वविद्यालय के करिकुलम डेवलपमेंट सेंटर द्वारा जारी सूचना में बताया गया है कि मेघालय स्थित सीएमजे यूनिवर्सिटी के 13, टेक्नोग्लोबल यूनिवर्सिटी के दो, मणिपुर स्थित शंघाई यूनिवर्सिटी के 98 तथा प्रज्ञान इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के एक छात्र की स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी डिग्रियों की समकक्षता निरस्त कर दी गई है।
विश्वविद्यालय के अनुसार, जांच के दौरान संबंधित डिग्रियों से जुड़े दस्तावेज वैध नहीं पाए गए। इसके बाद सभी संबंधित छात्रों को 35 दिनों का समय देकर आवश्यक प्रमाण और अपना पक्ष प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया, लेकिन निर्धारित अवधि में कोई संतोषजनक जवाब या प्रमाण उपलब्ध नहीं कराया गया।
विज्ञापन
सेंटर के निदेशक प्रोफेसर राम कृष्ण तिवारी ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद भारत के विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के सहयोग से जांच कराई गई। जांच में पता चला कि जिन विश्वविद्यालयों से संबंधित डिग्रियां जारी की गई थीं, उस समय उनका मान्यता संबंधी दर्जा समाप्त हो चुका था। इसी आधार पर 114 छात्रों की डिग्रियों की समकक्षता रद्द करने का निर्णय लिया गया।
विज्ञापन
नेपालगंज के त्रिभुवन विश्वविद्यालय के करिकुलम डेवलपमेंट सेंटर द्वारा जारी सूचना में बताया गया है कि मेघालय स्थित सीएमजे यूनिवर्सिटी के 13, टेक्नोग्लोबल यूनिवर्सिटी के दो, मणिपुर स्थित शंघाई यूनिवर्सिटी के 98 तथा प्रज्ञान इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के एक छात्र की स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी डिग्रियों की समकक्षता निरस्त कर दी गई है।
विज्ञापन
विश्वविद्यालय के अनुसार, जांच के दौरान संबंधित डिग्रियों से जुड़े दस्तावेज वैध नहीं पाए गए। इसके बाद सभी संबंधित छात्रों को 35 दिनों का समय देकर आवश्यक प्रमाण और अपना पक्ष प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया, लेकिन निर्धारित अवधि में कोई संतोषजनक जवाब या प्रमाण उपलब्ध नहीं कराया गया।
विज्ञापन
सेंटर के निदेशक प्रोफेसर राम कृष्ण तिवारी ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद भारत के विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के सहयोग से जांच कराई गई। जांच में पता चला कि जिन विश्वविद्यालयों से संबंधित डिग्रियां जारी की गई थीं, उस समय उनका मान्यता संबंधी दर्जा समाप्त हो चुका था। इसी आधार पर 114 छात्रों की डिग्रियों की समकक्षता रद्द करने का निर्णय लिया गया।