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Bahraich News: चचेरे भाई की हत्या के बाद साढ़ू को दी थी मौत की सूचना
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Sat, 10 Jan 2026 01:30 AM IST
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विवेक। (फाइल फोटो)
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बहराइच। नानपारा कोतवाली के परसा अगैया गांव में हुए जघन्य हत्याकांड में अदालत द्वारा आरोपी अनूप वर्मा को शुक्रवार को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद मामले से जुड़े रोंगटे खड़े कर देने वाले तथ्य सामने आए हैं। कोर्ट में पेश गवाहों और बयानों से स्पष्ट हुआ कि यह हत्या सुनियोजित और अमानवीय थी, जिसने रिश्तों और संवेदनाओं दोनों को शर्मसार कर दिया।
अदालती रिकॉर्ड के अनुसार, 23 मार्च 2023 को अनूप वर्मा की ससुराल में मांगलिक कार्यक्रम आयोजित था, जिसमें पूरे परिवार को आमंत्रित किया गया था। मृतक विवेक के पिता किशन वर्मा अन्य परिजनों के साथ कार्यक्रम में शामिल होने चले गए थे, जबकि महिलाएं और बच्चे घर पर थे। इसी बीच अनूप ने किसी जरूरी काम का बहाना बनाकर कार्यक्रम में जाने के बजाय घर पर ही रुकने का फैसला किया।
मृतक विवेक के पिता किशन वर्मा ने अदालत में बताया कि कार्यक्रम के दौरान उन्हें उनके साढ़ू का फोन आया, जिसमें बेटे विवेक की मौत की सूचना दी गई। हालांकि उस समय यह नहीं बताया गया कि फोन अनूप के कहने पर किया गया था। सूचना मिलते ही किशन भागते हुए घर पहुंचे, जहां पता चला कि उनके बेटे की नृशंस हत्या कर दी गई है। बाद में जांच में खुलासा हुआ कि विवेक की कथित तौर पर मानव बलि दी गई थी।
जघन्यतम हत्याकांड था यह मामला : एडीजीसी क्रिमिनल
एडीसी क्रिमिनल सुनील जायसवाल ने बताया कि मुकदमे की शुरुआत से ही उन्हें विश्वास था कि यह ‘रेयरेस्ट ऑफ द रेयर’ श्रेणी का मामला है और इसमें फांसी की सजा ही उचित होगी। उन्होंने कहा कि न्यायालय के फैसले का पीड़ित परिवार सहित समाज ने स्वागत किया है।
दो तांत्रिकों के नाम आए सामने
मुकदमे के दौरान विश्राम और जंगली नामक दो तांत्रिकों का उल्लेख सामने आया। विश्राम ने मानव बलि की विधि से अनभिज्ञता जताई, जबकि जंगली ने कथित तौर पर कहा था कि किसी प्रिय की बलि देने से अनूप के बेटे का रोग दूर हो सकता है। हालांकि दोनों ने स्वयं को अपराध में शामिल होने से इन्कार किया।
माता-पिता बोले- आज मिला बेटे को न्याय
फैसला आने के बाद पिता किशन वर्मा और मां किरण देवी की आंखें भर आईं। उन्होंने कहा कि आज उनके बेटे को न्याय मिला है। किशन ने कहा कि अगर उन्हें पहले से पता होता कि भतीजा ही हत्यारा निकलेगा, तो वह बेटे को अकेला कभी नहीं छोड़ते।
फैसले पर गांव ने जताई संतुष्टि
शुक्रवार को विवेक हत्याकांड के फैसले को लेकर गांव में दिनभर चर्चा रही। देर शाम फैसला आने के बाद ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि अदालत का निर्णय सही है।
पति को फांसी मिलने की सजा सुनकर सुबुकती रही संगीता
फैसले के बाद अनूप की पत्नी संगीता उस बेटे को गोद में लिए बैठी रहीं, जिसके लिए विवेक की बलि देने का आरोप है। वह कुछ बोल नहीं सकीं, बस सिसकती रहीं और उनकी आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।
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अदालती रिकॉर्ड के अनुसार, 23 मार्च 2023 को अनूप वर्मा की ससुराल में मांगलिक कार्यक्रम आयोजित था, जिसमें पूरे परिवार को आमंत्रित किया गया था। मृतक विवेक के पिता किशन वर्मा अन्य परिजनों के साथ कार्यक्रम में शामिल होने चले गए थे, जबकि महिलाएं और बच्चे घर पर थे। इसी बीच अनूप ने किसी जरूरी काम का बहाना बनाकर कार्यक्रम में जाने के बजाय घर पर ही रुकने का फैसला किया।
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मृतक विवेक के पिता किशन वर्मा ने अदालत में बताया कि कार्यक्रम के दौरान उन्हें उनके साढ़ू का फोन आया, जिसमें बेटे विवेक की मौत की सूचना दी गई। हालांकि उस समय यह नहीं बताया गया कि फोन अनूप के कहने पर किया गया था। सूचना मिलते ही किशन भागते हुए घर पहुंचे, जहां पता चला कि उनके बेटे की नृशंस हत्या कर दी गई है। बाद में जांच में खुलासा हुआ कि विवेक की कथित तौर पर मानव बलि दी गई थी।
जघन्यतम हत्याकांड था यह मामला : एडीजीसी क्रिमिनल
एडीसी क्रिमिनल सुनील जायसवाल ने बताया कि मुकदमे की शुरुआत से ही उन्हें विश्वास था कि यह ‘रेयरेस्ट ऑफ द रेयर’ श्रेणी का मामला है और इसमें फांसी की सजा ही उचित होगी। उन्होंने कहा कि न्यायालय के फैसले का पीड़ित परिवार सहित समाज ने स्वागत किया है।
दो तांत्रिकों के नाम आए सामने
मुकदमे के दौरान विश्राम और जंगली नामक दो तांत्रिकों का उल्लेख सामने आया। विश्राम ने मानव बलि की विधि से अनभिज्ञता जताई, जबकि जंगली ने कथित तौर पर कहा था कि किसी प्रिय की बलि देने से अनूप के बेटे का रोग दूर हो सकता है। हालांकि दोनों ने स्वयं को अपराध में शामिल होने से इन्कार किया।
माता-पिता बोले- आज मिला बेटे को न्याय
फैसला आने के बाद पिता किशन वर्मा और मां किरण देवी की आंखें भर आईं। उन्होंने कहा कि आज उनके बेटे को न्याय मिला है। किशन ने कहा कि अगर उन्हें पहले से पता होता कि भतीजा ही हत्यारा निकलेगा, तो वह बेटे को अकेला कभी नहीं छोड़ते।
फैसले पर गांव ने जताई संतुष्टि
शुक्रवार को विवेक हत्याकांड के फैसले को लेकर गांव में दिनभर चर्चा रही। देर शाम फैसला आने के बाद ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि अदालत का निर्णय सही है।
पति को फांसी मिलने की सजा सुनकर सुबुकती रही संगीता
फैसले के बाद अनूप की पत्नी संगीता उस बेटे को गोद में लिए बैठी रहीं, जिसके लिए विवेक की बलि देने का आरोप है। वह कुछ बोल नहीं सकीं, बस सिसकती रहीं और उनकी आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।