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Bahraich News: सामूहिक विवाह योजना में रिश्वतखोरी का लगा आरोप
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बहराइच। तहसील नानपारा के ललुही गांव की एक महिला ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में रिश्वतखोरी का आरोप लगाते हुए सांसद, जिलाधिकारी और खंड विकास अधिकारी से शिकायत की है। महिला का आरोप है कि रिश्वत न देने पर उसकी बेटी का नाम योजना से हटा दिया गया, जिससे उसे सरकारी सहायता का लाभ नहीं मिल सका।
ग्राम ललुही निवासी मीना देवी ने बताया कि उन्होंने अपनी पुत्री के विवाह के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 28 फरवरी को आवेदन किया था। आरोप है कि योजना का लाभ दिलाने के नाम पर ग्राम पंचायत अधिकारी ने उनसे 10 हजार रुपये की मांग की। आर्थिक तंगी के चलते रुपये देने में असमर्थता जताने पर उनकी पुत्री का नाम योजना से बाहर कर दिया गया। ग्राम पंचायत अधिकारी ने यह रिपोर्ट लगा दी कि उनकी बेटी का विवाह पहले ही हो चुका है, जबकि ऐसा नहीं था।
उन्होंने बताया कि मामले की जानकारी ग्राम प्रधान को दी गई, जिसके बाद ग्राम प्रधान ने लिखित रूप से प्रमाणित किया कि बेटी अविवाहित है और योजना का लाभ पाने की पात्र है। महिला ने आरोप लगाया कि योजना का लाभ न मिलने के कारण उन्हें अपनी बेटी की शादी के लिए खेत गिरवी रखना पड़ा। शिकायत पर सांसद ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है।
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प्रशासन ने लिया मामले का संज्ञान
उप जिलाधिकारी नानपारा अमिता यादव ने बताया कि मामला संपूर्ण समाधान दिवस में संज्ञान में आया था। पीड़ित महिला ने प्रार्थना पत्र देकर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच खंड विकास अधिकारी को सौंपी गई है। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। एसडीएम ने कहा कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि मामले की निष्पक्ष जांच कर पीड़ित महिला को न्याय दिलाया जाएगा।
ग्राम ललुही निवासी मीना देवी ने बताया कि उन्होंने अपनी पुत्री के विवाह के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 28 फरवरी को आवेदन किया था। आरोप है कि योजना का लाभ दिलाने के नाम पर ग्राम पंचायत अधिकारी ने उनसे 10 हजार रुपये की मांग की। आर्थिक तंगी के चलते रुपये देने में असमर्थता जताने पर उनकी पुत्री का नाम योजना से बाहर कर दिया गया। ग्राम पंचायत अधिकारी ने यह रिपोर्ट लगा दी कि उनकी बेटी का विवाह पहले ही हो चुका है, जबकि ऐसा नहीं था।
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उन्होंने बताया कि मामले की जानकारी ग्राम प्रधान को दी गई, जिसके बाद ग्राम प्रधान ने लिखित रूप से प्रमाणित किया कि बेटी अविवाहित है और योजना का लाभ पाने की पात्र है। महिला ने आरोप लगाया कि योजना का लाभ न मिलने के कारण उन्हें अपनी बेटी की शादी के लिए खेत गिरवी रखना पड़ा। शिकायत पर सांसद ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है।
प्रशासन ने लिया मामले का संज्ञान
उप जिलाधिकारी नानपारा अमिता यादव ने बताया कि मामला संपूर्ण समाधान दिवस में संज्ञान में आया था। पीड़ित महिला ने प्रार्थना पत्र देकर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच खंड विकास अधिकारी को सौंपी गई है। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। एसडीएम ने कहा कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि मामले की निष्पक्ष जांच कर पीड़ित महिला को न्याय दिलाया जाएगा।