{"_id":"6a8354d8ca0a54cc410c33ae","slug":"backward-gram-panchayats-will-receive-a-larger-budget-bahraich-news-c-98-1-bhr1029-155251-2026-08-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bahraich News: पिछड़ी ग्राम पंचायतों को मिलेगा अधिक बजट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bahraich News: पिछड़ी ग्राम पंचायतों को मिलेगा अधिक बजट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहराइच। ग्राम पंचायतों के विकास के लिए बजट आवंटन की नई व्यवस्था लागू की जा रही है। जिले की सभी ग्राम पंचायतों को ए, बी और सी ग्रेड में बांटकर उनकी स्थिति का मूल्यांकन किया जाएगा। जो पंचायतें विकास के मामले में अधिक पिछड़ी मिलेंगी, उन्हें विकास कार्यों के लिए अधिक बजट दिया जाएगा। इसके लिए पंचायत पे एडवांसमेंट इंडेक्स को आधार बनाया जाएगा।
विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन के तहत लागू की जा रही इस व्यवस्था में पंचायती राज विभाग विभिन्न विकास मानकों के आधार पर ग्राम पंचायतों की स्थिति का आकलन करेगा। पंचायत की स्थिति जितनी कमजोर होगी, उसे उतने ही अधिक अंक मिलेंगे और उसी के आधार पर अधिक बजट आवंटित किया जाएगा। (संवाद)
दूर की पंचायतों को भी मिलेगा लाभ
ग्राम पंचायत की श्रेणी तय करने में जिला मुख्यालय से उसकी दूरी को भी आधार बनाया जाएगा। जिला मुख्यालय से दूर स्थित पंचायतों को पिछड़ा मानते हुए अधिक अंक दिए जाएंगे। वहीं, बीते पांच वर्षों में जिन पंचायतों में अधिक मजदूर लगे और अधिक मानव दिवस सृजित हुए हैं, उन्हें कम अंक मिलेंगे।
विज्ञापन
काम शुरू होने से पहले मिलेगा फंड
ग्राम पंचायत की ग्रेडिंग तय होने के बाद विकास कार्य शुरू होने से पहले ही अग्रिम फंड जारी किया जाएगा। इससे पंचायतों को विकास कार्यों के लिए धन की उपलब्धता पहले से सुनिश्चित हो सकेगी।
पिछड़ी पंचायतों को विकास का अवसर
उपायुक्त रविशंकर पांडेय ने बताया कि ग्राम पंचायतों को तीन श्रेणियों में बांटकर मूल्यांकन किया जाएगा। इससे विकास की दौड़ में पीछे रह गई पंचायतों को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। मूल्यांकन के आधार पर पिछड़ी पंचायतों को अधिक बजट मिलने से वहां विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ेगी।
विज्ञापन
विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन के तहत लागू की जा रही इस व्यवस्था में पंचायती राज विभाग विभिन्न विकास मानकों के आधार पर ग्राम पंचायतों की स्थिति का आकलन करेगा। पंचायत की स्थिति जितनी कमजोर होगी, उसे उतने ही अधिक अंक मिलेंगे और उसी के आधार पर अधिक बजट आवंटित किया जाएगा। (संवाद)
विज्ञापन
दूर की पंचायतों को भी मिलेगा लाभ
ग्राम पंचायत की श्रेणी तय करने में जिला मुख्यालय से उसकी दूरी को भी आधार बनाया जाएगा। जिला मुख्यालय से दूर स्थित पंचायतों को पिछड़ा मानते हुए अधिक अंक दिए जाएंगे। वहीं, बीते पांच वर्षों में जिन पंचायतों में अधिक मजदूर लगे और अधिक मानव दिवस सृजित हुए हैं, उन्हें कम अंक मिलेंगे।
विज्ञापन
काम शुरू होने से पहले मिलेगा फंड
ग्राम पंचायत की ग्रेडिंग तय होने के बाद विकास कार्य शुरू होने से पहले ही अग्रिम फंड जारी किया जाएगा। इससे पंचायतों को विकास कार्यों के लिए धन की उपलब्धता पहले से सुनिश्चित हो सकेगी।
पिछड़ी पंचायतों को विकास का अवसर
उपायुक्त रविशंकर पांडेय ने बताया कि ग्राम पंचायतों को तीन श्रेणियों में बांटकर मूल्यांकन किया जाएगा। इससे विकास की दौड़ में पीछे रह गई पंचायतों को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। मूल्यांकन के आधार पर पिछड़ी पंचायतों को अधिक बजट मिलने से वहां विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ेगी।