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Bahraich: आखिरकार पिंजरे में कैद हुई दहशत का कारण बनी मादा तेंदुआ, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस

Fri, 31 Jul 2026 02:30 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला नेटवर्क, मिहींपुरवा (बहराइच)
अमर उजाला नेटवर्क, मिहींपुरवा (बहराइच) Published by: Ishwar Ashish Bhartiya Updated Fri, 31 Jul 2026 02:30 PM IST
सार

इलाके में पिछले कई दिनों से तेंदुए की लगातार चहलकदमी देखी जा रही थी। इस दौरान उसने कई बकरियों और मवेशियों का शिकार किया था। इससे ग्रामीणों में भय का माहौल था और लोगों ने खेतों व जंगल की ओर अकेले जाना भी कम कर दिया था। शुक्रवार सुबह वह पिंजरे में फंस गई।

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Bahraich: Female leopard that caused panic finally caged; villagers heave a sigh of relief.
पिंजरे में कैद हुई मादा तेेंदुआ। - फोटो : amar ujala

विस्तार

बहराइच के कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के ककरहा रेंज अंतर्गत देवनपुरवा गांव में कई दिनों से दहशत का कारण बनी मादा तेंदुआ शुक्रवार तड़के वन विभाग के लगाए गए पिंजरे में कैद हो गई। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। वन विभाग के अनुसार, तेंदुए की उम्र करीब दो से तीन वर्ष है और स्वास्थ्य परीक्षण में वह पूरी तरह स्वस्थ मिली है।

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देवनपुरवा गांव के आसपास पिछले कई दिनों से तेंदुए की लगातार चहलकदमी देखी जा रही थी। इस दौरान उसने कई बकरियों और मवेशियों का शिकार किया था। इससे ग्रामीणों में भय का माहौल था और लोगों ने खेतों व जंगल की ओर अकेले जाना भी कम कर दिया था। मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका को देखते हुए वन विभाग ने पिंजरा लगाया था।
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शुक्रवार सुबह करीब चार बजे मादा तेंदुआ शिकार के लालच में पिंजरे के भीतर पहुंची और कैद हो गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सतर्कता के साथ रेस्क्यू की कार्रवाई पूरी की। पशु चिकित्सक ने तेंदुए का स्वास्थ्य परीक्षण किया, जिसमें वह स्वस्थ पाई गई।
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कतर्नियाघाट के डीएफओ अपूर्व दीक्षित ने बताया कि राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) और विभागीय मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार मादा तेंदुए को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा। वन विभाग ने ग्रामीणों से वन्यजीव दिखाई देने पर उसके पास न जाने और तत्काल वन विभाग को सूचना देने की अपील की है।

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