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बाजपुरवा : तेंदुए को पकड़ने के लिए लगाए गए दो पिंजरे
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Sat, 07 Mar 2026 01:20 AM IST
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बाजपुरवा गांव में तेंदुए को पकड़ने के लिए लगाया जा रहा पिंजरा। -संवाद
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शिवपुर/खैरीघाट। बाजपुरवा गांव में बृहस्पतिवार को बालिका पर तेंदुए के हमले की घटना के बाद वन विभाग पूरी तरह अलर्ट हो गया है। शुक्रवार को डीएफओ सुंदरेशा स्वयं मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर, तेंदुए को पकड़ने के लिए दो पिंजरे लगवाए। तेंदुए की तलाश तेज करने के लिए सर्च ऑपरेशन भी शुरू किया गया है।
ग्राम बाजपुरवा निवासी तसव्वर की सात वर्षीय पुत्री आफरीन पर बृहस्पतिवार को घर के पास ही अचानक तेंदुए ने हमला कर दिया था। हमले में बच्ची गंभीर रूप से जख्मी हो गई थी। शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे डीएफओ सुंदरेशा गांव पहुंचे और हमले वाले स्थान का जायजा लिया। उन्होंने वन कर्मियों को पूरे क्षेत्र में सघन सर्च ऑपरेशन चलाने के निर्देश दिए।
डीएफओ ने बताया कि बहराइच और लखीमपुर खीरी की सीमा से सटा यह इलाका नदी के कछार क्षेत्र में आता है, जिसके कारण यहां जंगली जानवरों, विशेषकर तेंदुए का मूवमेंट बना रहता है। तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम लगातार अभियान चला रही है। इलाके में दो पिंजरे लगाए गए हैं, आसपास के क्षेत्रों में जाल बिछाकर रेस्क्यू ऑपरेशन भी जारी है।
वन विभाग की टीम ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह भी दे रही है। लोगों से अपील की गई है कि बच्चे अकेले बाहर न निकलें और तेंदुए की गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत वन विभाग या पुलिस को सूचना दें। वहीं करीब एक माह पूर्व भी इसी क्षेत्र से वन विभाग की टीम ने एक तेंदुए को पकड़ा था। ग्रामीणों में पहले से ही डर का माहौल बना हुआ है।
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ग्राम बाजपुरवा निवासी तसव्वर की सात वर्षीय पुत्री आफरीन पर बृहस्पतिवार को घर के पास ही अचानक तेंदुए ने हमला कर दिया था। हमले में बच्ची गंभीर रूप से जख्मी हो गई थी। शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे डीएफओ सुंदरेशा गांव पहुंचे और हमले वाले स्थान का जायजा लिया। उन्होंने वन कर्मियों को पूरे क्षेत्र में सघन सर्च ऑपरेशन चलाने के निर्देश दिए।
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डीएफओ ने बताया कि बहराइच और लखीमपुर खीरी की सीमा से सटा यह इलाका नदी के कछार क्षेत्र में आता है, जिसके कारण यहां जंगली जानवरों, विशेषकर तेंदुए का मूवमेंट बना रहता है। तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम लगातार अभियान चला रही है। इलाके में दो पिंजरे लगाए गए हैं, आसपास के क्षेत्रों में जाल बिछाकर रेस्क्यू ऑपरेशन भी जारी है।
वन विभाग की टीम ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह भी दे रही है। लोगों से अपील की गई है कि बच्चे अकेले बाहर न निकलें और तेंदुए की गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत वन विभाग या पुलिस को सूचना दें। वहीं करीब एक माह पूर्व भी इसी क्षेत्र से वन विभाग की टीम ने एक तेंदुए को पकड़ा था। ग्रामीणों में पहले से ही डर का माहौल बना हुआ है।
