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Bahraich News: वन विभाग की संरक्षण व्यवस्था पर बढ़ी चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Fri, 03 Apr 2026 12:24 AM IST
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कतर्नियाघाट वनक्षेत्र में हाथियों का झुंड। (फाइल फोटो)
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बहराइच। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग की बिछिया बीट में मंगलवार सुबह एक हथिनी का शव मिलने से हड़कंप मच गया। हाथी रिजर्व घोषित होने के बाद यह पांचवें हाथी की मौत है, जिसने वन विभाग की संरक्षण व्यवस्था पर चिंता बढ़ा दी है।
सेवानिवृत्त वनाधिकारी एसके सिंह के अनुसार, घटनास्थल पर बिखरे बेंत के जंगल हाथियों के बीच आपसी संघर्ष की ओर इशारा कर रहे हैं। आशंका है कि हाथियों के झुंड में वर्चस्व की लड़ाई या किसी आक्रामक नर हाथी (टस्कर) के हमले में हथिनी की जान गई होगी। हालांकि, घटनास्थल नेपाल सीमा से मात्र आठ किलोमीटर दूर होने के कारण अन्य संभावनाओं से भी मना नहीं किया जा सकता।
नेपाल के रॉयल बर्दिया नेशनल पार्क से हाथियों का झुंड अक्सर खाता कॉरिडोर के जरिए यहां आता-जाता रहता है। इसे देखते हुए 2021-22 में इस क्षेत्र को हाथी रिजर्व बनाया गया था। जानकारों का कहना है कि केवल रिजर्व घोषित करना काफी नहीं है, बल्कि बढ़ते मूवमेंट के साथ जमीनी निगरानी और सुरक्षा को और मजबूत करना होगा।
डीएफओ अपूर्व दीक्षित ने बताया कि हाथी रिजर्व बनने के बाद से गश्त और निगरानी व्यवस्था को पहले से बेहतर किया गया है। इस घटना के बाद सीमावर्ती इलाकों में चौकसी और बढ़ा दी गई है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल विभाग मौत के कारणों की जांच कर रहा है।
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जानिए हाथी कब करते हैं संघर्ष?
प्रजनन काल (मेटिंग सीजन) में
झुंड पर वर्चस्व को लेकर
भोजन और क्षेत्र को लेकर विवाद
टस्कर हाथियों के बीच आक्रामक टकराव
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5 मार्च 2021: सदर बीट में नर हाथी की मौत
फरवरी 2025: खाता कॉरिडोर (नेपाल सीमा) में नर हाथी की मौत
फरवरी 2025: ट्रांस गेरुआ क्षेत्र में नर हाथी की मौत
दिसंबर 2025: गेरुआ नदी में मादा शावक की मौत
31मार्च 2026: बिछिया बीट में मादा हाथी का शव मिला
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सेवानिवृत्त वनाधिकारी एसके सिंह के अनुसार, घटनास्थल पर बिखरे बेंत के जंगल हाथियों के बीच आपसी संघर्ष की ओर इशारा कर रहे हैं। आशंका है कि हाथियों के झुंड में वर्चस्व की लड़ाई या किसी आक्रामक नर हाथी (टस्कर) के हमले में हथिनी की जान गई होगी। हालांकि, घटनास्थल नेपाल सीमा से मात्र आठ किलोमीटर दूर होने के कारण अन्य संभावनाओं से भी मना नहीं किया जा सकता।
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नेपाल के रॉयल बर्दिया नेशनल पार्क से हाथियों का झुंड अक्सर खाता कॉरिडोर के जरिए यहां आता-जाता रहता है। इसे देखते हुए 2021-22 में इस क्षेत्र को हाथी रिजर्व बनाया गया था। जानकारों का कहना है कि केवल रिजर्व घोषित करना काफी नहीं है, बल्कि बढ़ते मूवमेंट के साथ जमीनी निगरानी और सुरक्षा को और मजबूत करना होगा।
डीएफओ अपूर्व दीक्षित ने बताया कि हाथी रिजर्व बनने के बाद से गश्त और निगरानी व्यवस्था को पहले से बेहतर किया गया है। इस घटना के बाद सीमावर्ती इलाकों में चौकसी और बढ़ा दी गई है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल विभाग मौत के कारणों की जांच कर रहा है।
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झुंड पर वर्चस्व को लेकर
भोजन और क्षेत्र को लेकर विवाद
टस्कर हाथियों के बीच आक्रामक टकराव
5 मार्च 2021: सदर बीट में नर हाथी की मौत
फरवरी 2025: खाता कॉरिडोर (नेपाल सीमा) में नर हाथी की मौत
फरवरी 2025: ट्रांस गेरुआ क्षेत्र में नर हाथी की मौत
दिसंबर 2025: गेरुआ नदी में मादा शावक की मौत
31मार्च 2026: बिछिया बीट में मादा हाथी का शव मिला