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Bahraich News: सरयू में बाढ़ से कटान के मुहाने पर ऐतिहासिक भंगहा घाट मंदिर
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हुजूरपुर इलाके में स्थित सरयू नदी की कटान के मुहाने पर पौराणिक मंदिर।
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हुजूरपुर। सरयू की कटान के मुहाने पर ऐतिहासिक भंगहा घाट मंदिर तथा हुजूरपुर फखरपुर मार्ग आ गया है। क्षेत्र वासियों का कहना है कि यदि समय रहते बचाव के प्रयास न किए गए तो पौराणिक और ऐतिहासिक मंदिर के साथ क्षेत्र को भी बाढ़ व कटान का खतरा है। जिला प्रशासन सरयू की बाढ़ से निपटने में व्यस्त हैं, जबकि इस बांध के कट जाने से जहां आवागमन प्रभावित होगा। वहीं सैकड़ों वर्ष पूर्व निर्मित मंदिर भी धराशायी हो जाएगा।
भंगहा के पूर्व प्रधान मनीराम कहते हैं कि इस मार्ग व मंदिर को बचाने के लिए लगातार जन प्रतिनिधियों से संपर्क व पत्राचार किया गया पर कोई निराकरण नहीं हो सका। भंगहा घाट के व्यवस्थापक गोरखनाथ पांडेय ने बताया कि विधायक पयागपुर की पहल पर सिंचाई विभाग व लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने कई बार मौका मुआयना किया पर काम कुछ नहीं हो सका। राजू कश्यप कहते हैं कि कई बार अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से इस स्थल को बचाने के लिए श्मशानघाट से मंदिर तक पत्थर लगाने की बात की गई पर कोई सुनवाई नहीं हुई। बांध के टूट जाने से सबसे ज्यादा नुकसान भंगहा ग्राम पंचायत को होगा जिसकी नब्बे प्रतिशत से अधिक आबादी अनुसूचित व पिछड़ीं जातियों की है।
इस संबंध में लोक निर्माण विभाग की अवर अभियंता सपना ने बताया कि यह सड़क नदी के किनारे स्थित है। विभाग से प्रतिवर्ष इसकी सुरक्षा का प्रस्ताव शासन को भेजते हैं पर शासन से मंजूरी न मिलने से काम नहीं हो पा रहा है फिलहाल बोरी भरवाकर सड़क बचाने का प्रयास किया जाएगा। ग्रामीणों की सूचना पर हल्का लेखपाल विनय कुमार उपाध्याय मौके पर पहुंचे उन्होंने बताया कि सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी है।
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भंगहा के पूर्व प्रधान मनीराम कहते हैं कि इस मार्ग व मंदिर को बचाने के लिए लगातार जन प्रतिनिधियों से संपर्क व पत्राचार किया गया पर कोई निराकरण नहीं हो सका। भंगहा घाट के व्यवस्थापक गोरखनाथ पांडेय ने बताया कि विधायक पयागपुर की पहल पर सिंचाई विभाग व लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने कई बार मौका मुआयना किया पर काम कुछ नहीं हो सका। राजू कश्यप कहते हैं कि कई बार अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से इस स्थल को बचाने के लिए श्मशानघाट से मंदिर तक पत्थर लगाने की बात की गई पर कोई सुनवाई नहीं हुई। बांध के टूट जाने से सबसे ज्यादा नुकसान भंगहा ग्राम पंचायत को होगा जिसकी नब्बे प्रतिशत से अधिक आबादी अनुसूचित व पिछड़ीं जातियों की है।
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इस संबंध में लोक निर्माण विभाग की अवर अभियंता सपना ने बताया कि यह सड़क नदी के किनारे स्थित है। विभाग से प्रतिवर्ष इसकी सुरक्षा का प्रस्ताव शासन को भेजते हैं पर शासन से मंजूरी न मिलने से काम नहीं हो पा रहा है फिलहाल बोरी भरवाकर सड़क बचाने का प्रयास किया जाएगा। ग्रामीणों की सूचना पर हल्का लेखपाल विनय कुमार उपाध्याय मौके पर पहुंचे उन्होंने बताया कि सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी है।
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