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Bahraich News: लाल निशान से आठ सेमी ऊपर सरयू, सता रहा कटान का डर
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महसी में लोनियनपुरवा में उफनाई सरयू नदी।
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बहराइच। सरयू के उफान ने भले ही रविवार को कुछ राहत दी हो, लेकिन जलस्तर के स्थिर होने के बाद अब तटवर्ती गांवों में कटान का डर सताने लगा है। एल्गिन ब्रिज पर सरयू नदी का जलस्तर रविवार शाम चार बजे खतरे के निशान से आठ सेंटीमीटर ऊपर 106.15 मीटर दर्ज किया गया। पिछले 48 घंटे से नदी का जलस्तर खतरे के निशान के आसपास 15 से 20 सेंटीमीटर के बीच घट-बढ़ रहा है। शनिवार रात जलस्तर खतरे के निशान से करीब 20 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया था। इसके बाद इसमें पांच सेंटीमीटर की गिरावट आई, लेकिन नदी अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
सबसे बड़ी चिंता यह है कि रविवार शाम चार बजे चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी बैराज से 1.61 लाख क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया। इससे आने वाले घंटों में नदी के जलस्तर में फिर बढ़ोतरी की आशंका बनी हुई है। फिलहाल महसी क्षेत्र में बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है और नदी का बहाव भी स्थिर है, लेकिन लगातार जलस्तर के दबाव के कारण तटबंधों और नदी किनारे के खेतों पर कटान का खतरा बढ़ गया है।
मांझा लोनियनपुरवा, तुरंतीपुरवा, महंतपुरवा, जोधेपुरवा, मांझा दरियाबुर्द, चौकसाहार और बेला समेत निचले इलाकों के ग्रामीणों को नदी के तेवर पर नजर रखने की सलाह दी गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर फिर बढ़ा तो खेतों के किनारे कटान शुरू होने की आशंका है।
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सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग प्रथम खंड के उपखंड अधिकारी नंदू प्रसाद ने बताया कि फिलहाल महसी क्षेत्र में स्थिति सामान्य है और नदी का जलस्तर स्थिर बना हुआ है। तटवर्ती गांवों के लोगों को सतर्क किया गया है। तहसीलदार विकास कुमार ने बताया कि राजस्व टीमें लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर स्थिति पर नजर रख रही हैं।
नदी की हलचल देखकर परेशान हैं ग्रामीण
मांझा लोनियनपुरवा निवासी दूबर ने बताया कि नदी का पानी खेतों के काफी करीब पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ा तो फसल और जमीन दोनों को नुकसान की चिंता है। तुरंतीपुरवा गांव के राम दयाल ने कहा कि पिछले दो दिनों से नदी का पानी लगातार घट-बढ़ रहा है। स्थिर जलस्तर के बावजूद किनारों पर दबाव बना हुआ है। महंतपुरवा निवासी राम सुमिरन ने बताया कि अभी गांव में बाढ़ नहीं आई है, लेकिन नदी का जलस्तर दोबारा बढ़ा तो कटान की स्थिति गंभीर हो सकती है।
रविवार को जलस्तर की स्थिति
नदी/बैराज जलस्तर खतरे का निशान डिस्चार्ज
शारदा बैराज: 134.65 मी. 135.49 मी. 39,395 क्यूसेक
गिरिजापुरी बैराज: 135.10 मी. 136.78 मी. 1,20,424 क्यूसेक
सरयू बैराज: 129.60 मी. 133.50 मी. 2,029 क्यूसेक
सरयू नदी में तीनों बैराजों से छोड़ा गया कुल पानी 1,61,848 क्यूसेक।
एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर 106.15 मीटर, खतरे का निशान 106.07 मीटर।
घूरदेवी स्थान पर जलस्तर, 111.83 मीटर, खतरे का निशान 112.150 मीटर।
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सबसे बड़ी चिंता यह है कि रविवार शाम चार बजे चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी बैराज से 1.61 लाख क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया। इससे आने वाले घंटों में नदी के जलस्तर में फिर बढ़ोतरी की आशंका बनी हुई है। फिलहाल महसी क्षेत्र में बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है और नदी का बहाव भी स्थिर है, लेकिन लगातार जलस्तर के दबाव के कारण तटबंधों और नदी किनारे के खेतों पर कटान का खतरा बढ़ गया है।
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मांझा लोनियनपुरवा, तुरंतीपुरवा, महंतपुरवा, जोधेपुरवा, मांझा दरियाबुर्द, चौकसाहार और बेला समेत निचले इलाकों के ग्रामीणों को नदी के तेवर पर नजर रखने की सलाह दी गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर फिर बढ़ा तो खेतों के किनारे कटान शुरू होने की आशंका है।
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सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग प्रथम खंड के उपखंड अधिकारी नंदू प्रसाद ने बताया कि फिलहाल महसी क्षेत्र में स्थिति सामान्य है और नदी का जलस्तर स्थिर बना हुआ है। तटवर्ती गांवों के लोगों को सतर्क किया गया है। तहसीलदार विकास कुमार ने बताया कि राजस्व टीमें लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर स्थिति पर नजर रख रही हैं।
नदी की हलचल देखकर परेशान हैं ग्रामीण
मांझा लोनियनपुरवा निवासी दूबर ने बताया कि नदी का पानी खेतों के काफी करीब पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ा तो फसल और जमीन दोनों को नुकसान की चिंता है। तुरंतीपुरवा गांव के राम दयाल ने कहा कि पिछले दो दिनों से नदी का पानी लगातार घट-बढ़ रहा है। स्थिर जलस्तर के बावजूद किनारों पर दबाव बना हुआ है। महंतपुरवा निवासी राम सुमिरन ने बताया कि अभी गांव में बाढ़ नहीं आई है, लेकिन नदी का जलस्तर दोबारा बढ़ा तो कटान की स्थिति गंभीर हो सकती है।
रविवार को जलस्तर की स्थिति
नदी/बैराज जलस्तर खतरे का निशान डिस्चार्ज
शारदा बैराज: 134.65 मी. 135.49 मी. 39,395 क्यूसेक
गिरिजापुरी बैराज: 135.10 मी. 136.78 मी. 1,20,424 क्यूसेक
सरयू बैराज: 129.60 मी. 133.50 मी. 2,029 क्यूसेक
सरयू नदी में तीनों बैराजों से छोड़ा गया कुल पानी 1,61,848 क्यूसेक।
एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर 106.15 मीटर, खतरे का निशान 106.07 मीटर।
घूरदेवी स्थान पर जलस्तर, 111.83 मीटर, खतरे का निशान 112.150 मीटर।