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आदिवासियों पर धर्मांतरण का सबसे बड़ा संकट : कृष्ण कुमार
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बहराइच के केडीसी में विश्व आदिवासी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित थारू जनजाति की छात्राओ
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बहराइच। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसका आयोजन किसान पीजी कॉलेज के एक्टिविटी क्लब, आदिवासी मंच और सीमा जागरण मंच ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम की मुख्य थीम आदिवासी संस्कृति और पहचान का संरक्षण रही।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के विभाग प्रचारक कृष्ण कुमार मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने कहा कि आदिवासी संस्कृति पर धर्मांतरण का सबसे बड़ा संकट है। किसान पीजी कॉलेज प्रबंध समिति के सचिव मेजर डॉ. एसपी सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। उन्होंने बताया कि विदेशी फंडिंग से आदिवासी पहचान और संसाधनों पर कब्जे का खतरा है। भाजपा आदिवासी प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष मनीराम थारू ने आदिवासियों के जल, जंगल, जमीन पर संकट बताया। धर्मेंद्र सिंह ने आदिवासियों के सर्वांगीण विकास के लिए उनके खान-पान व रहन-सहन को गरिमा से जोड़ने पर जोर दिया। कार्यक्रम का संचालन असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. राजकुमार सिंह ने किया।
इस अवसर पर राजू राणा, विनीत राणा, नवनीत राणा, दिव्या और रेखा मौजूद रहे। एक्टिविटी क्लब केडीसी की डॉ. गुंजन शर्मा, डॉ. तस्नीम फातिमा जैदी और सविता वर्मा भी उपस्थित थीं। डॉ. अजय प्रताप सिंह भी कार्यक्रम में शामिल हुए। इनके अतिरिक्त अनेक विद्यार्थी भी इस जागरूकता कार्यक्रम का हिस्सा बने।
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राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के विभाग प्रचारक कृष्ण कुमार मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने कहा कि आदिवासी संस्कृति पर धर्मांतरण का सबसे बड़ा संकट है। किसान पीजी कॉलेज प्रबंध समिति के सचिव मेजर डॉ. एसपी सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। उन्होंने बताया कि विदेशी फंडिंग से आदिवासी पहचान और संसाधनों पर कब्जे का खतरा है। भाजपा आदिवासी प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष मनीराम थारू ने आदिवासियों के जल, जंगल, जमीन पर संकट बताया। धर्मेंद्र सिंह ने आदिवासियों के सर्वांगीण विकास के लिए उनके खान-पान व रहन-सहन को गरिमा से जोड़ने पर जोर दिया। कार्यक्रम का संचालन असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. राजकुमार सिंह ने किया।
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इस अवसर पर राजू राणा, विनीत राणा, नवनीत राणा, दिव्या और रेखा मौजूद रहे। एक्टिविटी क्लब केडीसी की डॉ. गुंजन शर्मा, डॉ. तस्नीम फातिमा जैदी और सविता वर्मा भी उपस्थित थीं। डॉ. अजय प्रताप सिंह भी कार्यक्रम में शामिल हुए। इनके अतिरिक्त अनेक विद्यार्थी भी इस जागरूकता कार्यक्रम का हिस्सा बने।
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