फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bahraich News ›   Incomplete livestock vaccination, full risk of infection.

Bahraich News: पशु टीकाकरण अधूरा, संक्रमण का खतरा पूरा

Thu, 13 Aug 2026 12:50 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 13 Aug 2026 12:50 AM IST
विज्ञापन
Incomplete livestock vaccination, full risk of infection.
खैराघाट इलाके में नांद में चारा खातीं गाय। 
बहराइच। एक ओर जहां तराई में बारिश और उमस के बीच पशुओं में संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर जिले में टीकाकरण अभियान सुस्त पड़ा है। पैरावेट के कार्य बहिष्कार से गांव-गांव पहुंचने वाला अभियान प्रभावित है। स्थिति यह है कि 22 जुलाई से शुरू हुए टीकाकरण अभियान में अब तक करीब एक लाख पशुओं को ही टीका लग सका है।
विज्ञापन


जिले में पशु टीकाकरण अभियान आठ चरणों में चार सितंबर तक चलेगा। करीब 4.5 लाख पशुओं को टीका लगाने के लक्ष्य के साथ 28 टीमें लगाई गई हैं। हालांकि जिले में करीब 220 पैरावेट भी हैं और दूरदराज क्षेत्रों तक पहुंचकर पशुओं का टीकाकरण करने में पैरावेट की भूमिका अहम रही है। पैरावेट के आंदोलन से टीकाकरण प्रभावित हो रहा है। ऐसे में बड़ी संख्या में पशुओं के टीकाकरण से वंचित रहने की आशंका है। सबसे ज्यादा चिंता सरयू नदी किनारे बसे निचले इलाकों को लेकर है। इन क्षेत्रों में जलभराव या बाढ़ की स्थिति बनने पर संक्रमण फैलने का खतरा और बढ़ सकता है।
विज्ञापन

ऑल पैरावेट पशु मित्र मैत्रिक कार्य सेवा समिति के जिलाध्यक्ष अश्विनी कुमार मिश्रा ने कहा कि सरकार उनकी मांगें मान ले तो सभी पैरावेट मिलकर करीब एक माह में टीकाकरण का कार्य पूरा कर सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

पशु चिकित्सकों के भरोसे अभियान
पैरावेट के कार्य बहिष्कार के बाद पशु चिकित्सा विभाग 32 पशु चिकित्सकों और आठ चतुर्थ श्रेणी कर्मियों से टीकाकरण करा रहा है। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश कुमार उपाध्याय का कहना है कि अभियान पूरी तरह बंद नहीं है, लेकिन इसकी रफ्तार जरूर प्रभावित हुई है।

प्रभारी पशु चिकित्साधिकारी हुजूरपुर डॉ. संदीप कुमार सिंह ने बताया कि बरसात के दौरान कीचड़ के कारण पशुओं में संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। पशुपालक पशुओं को गंदे पानी और कीचड़ से बचाकर रखें तथा बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल पशु चिकित्सक से संपर्क करें। किसी गांव में बड़ी संख्या में पशु टीकाकरण से छूट जाते हैं तो वहां सामूहिक सुरक्षा कमजोर हो सकती है और बीमारी तेजी से फैल सकती है।
तीन साल में लंपी से 120, एफएमडी से 450 पशुओं की मौत

पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश कुमार उपाध्याय के अनुसार राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत टीकाकरण के माध्यम से एफएमडी और ब्रुसेलोसिस जैसी बीमारियों पर नियंत्रण का प्रयास किया जा रहा है। बीते तीन वर्षों में लंपी स्किन डिजीज से 120 और खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) से 450 पशुओं की मौत हुई है। नियमित टीकाकरण से इन बीमारियों पर काफी हद तक नियंत्रण पाने में मदद मिली है।
अधूरा टीकाकरण सबसे बड़ी चुनौती
पयागपुर के पशुपालक राम दयाल ने कहा कि अधूरे टीकाकरण के बीच विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती छूटे हुए पशुओं की पहचान कर उनका टीकाकरण करना है। गांववार सूची तैयार कर यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि अभियान पूरा होने के बाद कोई पशु टीके से वंचित न रह जाए। बाढ़ और जलभराव वाले गांवों में पशुओं की निगरानी भी बढ़ानी होगी।

एक बीमार पशु छूटा तो खतरे में दूसरे भी
संक्रामक बीमारी से पीड़ित पशु के दूसरे पशुओं के संपर्क में आने पर संक्रमण फैला सकता है। सामूहिक चराई, पानी के स्रोत, पशु बाजार और पशुओं की आवाजाही इसके प्रसार का माध्यम बन सकते हैं। बीमारी फैलने पर दूध उत्पादन घटने, उपचार खर्च बढ़ने और पशु की मौत से किसान को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसलिए समय पर टीकाकरण, संक्रमित पशु को अलग रखना और तत्काल पशु चिकित्सक को सूचना देना जरूरी है।
आंकड़ों पर एक नजर

वर्तमान टीकाकरण लक्ष्य : करीब 4.5 लाख पशु
अब तक टीकाकरण : करीब 01 लाख पशु
अभियान अवधि : 22 जुलाई से 4 सितंबर
टीकाकरण टीमें : 28
जिले में पैरावेट : करीब 220
पिछले तीन वर्षों में लंपी से मौत : 120
एफएमडी से मौत : 450
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed