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Bahraich News: करंट से निजी लाइनमैन की मौत, शव रखकर प्रदर्शन
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पुलिस कर्मियों से तकरार करते एकत्रित लोग।
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फखरपुर/बौंडी। एचटी लाइन पर मरम्मत के दौरान करंट से झुलसे निजी लाइनमैन की लखनऊ में इलाज के दौरान मौत के बाद सोमवार शाम बौंडी क्षेत्र में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचते ही सैकड़ों ग्रामीण फखरपुर पावर हाउस के सामने बहराइच-लखनऊ हाईवे पर जुट गए और बिजली विभाग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। इससे हाईवे पर जाम जैसी स्थिति बन गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को समझाकर करीब डेढ़ घंटे बाद प्रदर्शन समाप्त कराया।
हेमनापुर मरवट गांव निवासी अनिल कुमार (35) निजी लाइनमैन के रूप में कार्य करते थे। परिजनों का कहना है कि वह बिजली विभाग के अधिकारियों के संपर्क में रहकर फाल्ट ठीक करने का काम करते थे। रविवार को वह फखरपुर पावर हाउस के अधिकारियों और सरकारी लाइनमैन के निर्देश पर भदवानी गांव में 11 हजार वोल्ट की लाइन की मरम्मत कर रहे थे। इसी दौरान बिना पूर्व सूचना के लाइन में बिजली आपूर्ति चालू कर दी गई, जिससे वह करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए और पोल से नीचे गिर पड़े।
ग्रामीणों की मदद से उन्हें मेडिकल कॉलेज बहराइच ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत में लखनऊ रेफर कर दिया गया। देर रात उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। सोमवार शाम शव गांव पहुंचते ही माहौल गम और गुस्से में बदल गया। ग्रामीणों ने मृतक के परिवार को उचित मुआवजा, जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई तथा निजी लाइनमैनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
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सूचना पर फखरपुर थाना प्रभारी संजीव चौहान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। प्रदर्शन के दौरान लगभग एक घंटे के लिए यातायात प्रभावित रहा और क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल बना रहा। किसी तरह पुलिस ने मामले को संभाला। अब ग्रामीण विभागीय लापरवाही की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
विभाग में कार्यरत नहीं है अनिल
फखरपुर विद्युत उपकेंद्र के सहायक अभियंता पंचम लाल का कहना है कि अनिल निजी लाइन मैन था, वह विभाग में कार्यरत नहीं है। बिना सूचना के विद्युत लाइन पर काम कर रहा था, उसने उपकेंद्र से किसी भी प्रकार का संपर्क नहीं किया, न ही शट डाउन के बारे में बात की। शटडाउन वही ले सकते हैं जो विभाग के कर्मचारी हैं। इस मामले में विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। जांच के बाद पीड़ित परिजनों को मुआवजा दिलाया जाएगा। प्रदर्शनकारियों को इस मामले में समझा कर शांत कराया गया है।
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हेमनापुर मरवट गांव निवासी अनिल कुमार (35) निजी लाइनमैन के रूप में कार्य करते थे। परिजनों का कहना है कि वह बिजली विभाग के अधिकारियों के संपर्क में रहकर फाल्ट ठीक करने का काम करते थे। रविवार को वह फखरपुर पावर हाउस के अधिकारियों और सरकारी लाइनमैन के निर्देश पर भदवानी गांव में 11 हजार वोल्ट की लाइन की मरम्मत कर रहे थे। इसी दौरान बिना पूर्व सूचना के लाइन में बिजली आपूर्ति चालू कर दी गई, जिससे वह करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए और पोल से नीचे गिर पड़े।
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ग्रामीणों की मदद से उन्हें मेडिकल कॉलेज बहराइच ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत में लखनऊ रेफर कर दिया गया। देर रात उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। सोमवार शाम शव गांव पहुंचते ही माहौल गम और गुस्से में बदल गया। ग्रामीणों ने मृतक के परिवार को उचित मुआवजा, जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई तथा निजी लाइनमैनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
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सूचना पर फखरपुर थाना प्रभारी संजीव चौहान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। प्रदर्शन के दौरान लगभग एक घंटे के लिए यातायात प्रभावित रहा और क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल बना रहा। किसी तरह पुलिस ने मामले को संभाला। अब ग्रामीण विभागीय लापरवाही की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
विभाग में कार्यरत नहीं है अनिल
फखरपुर विद्युत उपकेंद्र के सहायक अभियंता पंचम लाल का कहना है कि अनिल निजी लाइन मैन था, वह विभाग में कार्यरत नहीं है। बिना सूचना के विद्युत लाइन पर काम कर रहा था, उसने उपकेंद्र से किसी भी प्रकार का संपर्क नहीं किया, न ही शट डाउन के बारे में बात की। शटडाउन वही ले सकते हैं जो विभाग के कर्मचारी हैं। इस मामले में विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। जांच के बाद पीड़ित परिजनों को मुआवजा दिलाया जाएगा। प्रदर्शनकारियों को इस मामले में समझा कर शांत कराया गया है।