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Bahraich News: राहत की बारिश और आफत की आंधी
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नवाबगंज में आंधी-पानी में गिरा पेड़।
- फोटो : नवाबगंज में आंधी-पानी में गिरा पेड़।
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बहराइच। भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को बृहस्पतिवार रात हुई झमाझम बारिश ने काफी राहत प्रदान की। जिले में मेंथा, केला व गन्ने की खेती करने वाले किसानों के चेहरे खिल उठे, क्योंकि डीजल के अभाव में वे फसलों की सिंचाई कर पा रहे थे। हालांकि, बारिश से पहले आई आंधी ने लोगों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दीं। खासकर मांगलिक कार्यक्रमों में व्यवधान पड़ा। बिजली के तार टूट जाने और रास्ते में पेड़ गिर जाने से समस्या हुई।
बीते कई दिनों से अधिक तापमान होने से लोग बेहाल थे। बृहस्पतिवार रात मौसम बदला और लगभग 10 बजे बारिश शुरू हो गई, जो तीन घंटे जारी रही। इससे मौसम ठंडा हो गया और लोगों को राहत मिली। बारिश से जिले के विभिन्न स्थानों पर मेंथा, गन्ना व केले की खेती करने वाले किसानों को खासा लाभ मिला। हालांकि, नगर के इंदिरा स्टेडियम, गुदड़ी, बड़ीहाट व सूफीपुरा में कई स्थानों पर जलभराव होने से लोगों को समस्या भी हुई। बारिश से पहले आई तेज आंधी से नवाबगंज क्षेत्र में आयोजित एक वैवाहिक समारोह में लगा टेंट उड़ गया। इससे हजारों रुपये का नुकसान हो गया। समारोह स्थल पर बारिश का पानी भर जाने से बरातियों को परेशानी हुई।
विद्युत लाइन पर गिरा पेड़, आपूर्ति ठप
नवाबगंज-नानपारा मार्ग पर मथुरा पुल व लाल बोझी चौराहे के पास हाईटेंशन लाइन पर एक पेड़ टूटकर गिर गया। इससे बेलवा भारी, सांई गांव, हरिहरपुर, नवाबगंज, भटपुरवा समेत लगभग एक दर्जन गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। लोगों को रात अंधेरे में बितानी पड़ी। इसी प्रकार रिसिया, फखरपुर, मटेरा आदि क्षेत्रों में भी विद्युत कटौती की समस्या बनी रही।
न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट
जिले में बृहस्पतिवार रात हुई बारिश के बाद न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 32.05 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 24.30 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया था। वहीं, बारिश हाेने के बाद शुक्रवार को अधिकतम तापमान 32.04 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
नेपाल से छोड़ा जा रहा पानी
नेपाल के पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश से घाघरा बैराज पर नदी का जलस्तर बढ़ गया है। वर्तमान समय में सामान्य जलस्तर से लगभग तीन हजार क्यूसेक पानी अधिक होने के कारण शारदा और सरयू नहरों में पानी छोड़ा जा रहा है। बैराज प्रभारी जेई नितिन यादव ने बताया कि घाघरा नदी के सभी गेट बंद हैं। नेपाल से आने वाले वाले पानी को सिर्फ नहरों में ही छोड़ा जा रहा है। बृहस्पतिवार की शाम जिले में संभावित बाढ़ को देखते हुए डीएम अक्षय त्रिपाठी ने अधिकारियों के साथ बैठक कर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।
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बीते कई दिनों से अधिक तापमान होने से लोग बेहाल थे। बृहस्पतिवार रात मौसम बदला और लगभग 10 बजे बारिश शुरू हो गई, जो तीन घंटे जारी रही। इससे मौसम ठंडा हो गया और लोगों को राहत मिली। बारिश से जिले के विभिन्न स्थानों पर मेंथा, गन्ना व केले की खेती करने वाले किसानों को खासा लाभ मिला। हालांकि, नगर के इंदिरा स्टेडियम, गुदड़ी, बड़ीहाट व सूफीपुरा में कई स्थानों पर जलभराव होने से लोगों को समस्या भी हुई। बारिश से पहले आई तेज आंधी से नवाबगंज क्षेत्र में आयोजित एक वैवाहिक समारोह में लगा टेंट उड़ गया। इससे हजारों रुपये का नुकसान हो गया। समारोह स्थल पर बारिश का पानी भर जाने से बरातियों को परेशानी हुई।
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विद्युत लाइन पर गिरा पेड़, आपूर्ति ठप
नवाबगंज-नानपारा मार्ग पर मथुरा पुल व लाल बोझी चौराहे के पास हाईटेंशन लाइन पर एक पेड़ टूटकर गिर गया। इससे बेलवा भारी, सांई गांव, हरिहरपुर, नवाबगंज, भटपुरवा समेत लगभग एक दर्जन गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। लोगों को रात अंधेरे में बितानी पड़ी। इसी प्रकार रिसिया, फखरपुर, मटेरा आदि क्षेत्रों में भी विद्युत कटौती की समस्या बनी रही।
न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट
जिले में बृहस्पतिवार रात हुई बारिश के बाद न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 32.05 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 24.30 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया था। वहीं, बारिश हाेने के बाद शुक्रवार को अधिकतम तापमान 32.04 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
नेपाल से छोड़ा जा रहा पानी
नेपाल के पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश से घाघरा बैराज पर नदी का जलस्तर बढ़ गया है। वर्तमान समय में सामान्य जलस्तर से लगभग तीन हजार क्यूसेक पानी अधिक होने के कारण शारदा और सरयू नहरों में पानी छोड़ा जा रहा है। बैराज प्रभारी जेई नितिन यादव ने बताया कि घाघरा नदी के सभी गेट बंद हैं। नेपाल से आने वाले वाले पानी को सिर्फ नहरों में ही छोड़ा जा रहा है। बृहस्पतिवार की शाम जिले में संभावित बाढ़ को देखते हुए डीएम अक्षय त्रिपाठी ने अधिकारियों के साथ बैठक कर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।
