{"_id":"69b4662b0557007ec20472f4","slug":"respect-for-women-is-the-root-of-religion-shastri-bahraich-news-c-98-1-bhr1003-145768-2026-03-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"धर्म का मूल है नारी का सम्मान : शास्त्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धर्म का मूल है नारी का सम्मान : शास्त्री
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Sat, 14 Mar 2026 01:01 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
बौंडी। ग्राम पंचायत फत्तेपुर में भागवत कथा के चौथे दिन बृहस्पतिवार शाम प्रवाचक श्याम सुंदर मिश्र शास्त्री ने श्रीकृष्ण जन्म की कथा सुनाई। उन्होंने चंद्रवंश और सूर्यवंश की कथा का भी विस्तार से वर्णन किया।
प्रवाचक ने कहा कि शक्तिमान सदैव अपनी शक्ति के साथ अवतरित होता है। शक्ति के बिना शक्तिमान और शक्तिमान के बिना शक्ति का अवतरण संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि ईश्वर जब भी अवतार लेते हैं, संसार में धर्म की स्थापना और अधर्म के नाश का कार्य करते हैं।
कथा के दौरान उन्होंने नारी सम्मान के महत्व पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि मानव जीवन में नारी का अधिकार और सम्मान धर्म का मूल है। जब संसार में पाप, अत्याचार और अधर्म बढ़ता है, तब ईश्वर अपनी इच्छा से अवतार लेकर धर्म की स्थापना करते हैं।
इस दौरान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। श्रद्धालु मंगल गीतों पर झूम उठे और पुष्पवर्षा करके भगवान श्रीकृष्ण का स्वागत किया। श्रद्धालुओं की दीर्घा में सर्वधर्म समभाव की भावना भी देखने को मिली।
इस अवसर पर मुख्य यजमान भगीरथ गुप्ता, कोमल वर्मा, अनिल त्रिवेदी, शिवम मिश्र, रच्छाराम गुप्ता, सुनील गुप्ता, चंदन, अरविंद सहित बड़ी संख्या में अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।
Trending Videos
प्रवाचक ने कहा कि शक्तिमान सदैव अपनी शक्ति के साथ अवतरित होता है। शक्ति के बिना शक्तिमान और शक्तिमान के बिना शक्ति का अवतरण संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि ईश्वर जब भी अवतार लेते हैं, संसार में धर्म की स्थापना और अधर्म के नाश का कार्य करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
कथा के दौरान उन्होंने नारी सम्मान के महत्व पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि मानव जीवन में नारी का अधिकार और सम्मान धर्म का मूल है। जब संसार में पाप, अत्याचार और अधर्म बढ़ता है, तब ईश्वर अपनी इच्छा से अवतार लेकर धर्म की स्थापना करते हैं।
इस दौरान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। श्रद्धालु मंगल गीतों पर झूम उठे और पुष्पवर्षा करके भगवान श्रीकृष्ण का स्वागत किया। श्रद्धालुओं की दीर्घा में सर्वधर्म समभाव की भावना भी देखने को मिली।
इस अवसर पर मुख्य यजमान भगीरथ गुप्ता, कोमल वर्मा, अनिल त्रिवेदी, शिवम मिश्र, रच्छाराम गुप्ता, सुनील गुप्ता, चंदन, अरविंद सहित बड़ी संख्या में अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।