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Bahraich News: भैंसाही गांव की 40 महिलाएं सीख रहीं खेती-बाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Tue, 17 Mar 2026 12:31 AM IST
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बिछिया। हस्तकला में पारंगत होने के बाद अब वन क्षेत्र के पास रहने वाली आदिवासी और अन्य महिलाएं खेती-बाड़ी के माध्यम से अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने के अभियान में जुट गई हैं। इस दिशा में सोमवार को 40 महिलाओं का एक्सपोजर विजिट आयोजित कर उन्हें खेती के व्यावहारिक हुनर सिखाने का अभियान शुरू हुआ।
सोमवार को भैसाही गांव की 40 महिला किसानों का यह एक्सपोजर विजिट कार्यक्रम राजाराम टांडा, विशुनापुर, रमपुरवा और फकीरपुरी में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिला किसानों को उन्नत खेती की तकनीकों, किचन गार्डन, सब्जी और मशरूम उत्पादन के व्यावहारिक मॉडल से परिचित कराना और किसानों के बीच आपसी सीख (क्रॉस लर्निंग) को बढ़ावा देना रहा।
सुबह आठ बजे भैसाही गांव से महिला किसानों का दल रवाना हुआ। सबसे पहले नथुनिया में किसान मनीष और विशनापुर में किसान फकीरे के खेतों का भ्रमण कराया गया। यहां महिला किसानों ने उन्नत खेती की पद्धतियों और किचन गार्डन के सफल मॉडल का अवलोकन किया।
इसके बाद रामपुरवा में किसान धर्मेंद्र के खेत में मशरूम उत्पादन की तकनीक और किसान राम वचन के खेत में सब्जी उत्पादन की आधुनिक तकनीकें साझा की गईं। इस कार्यक्रम में सरिता कुमारी और शमां फिरदौस की सक्रिय भूमिका रही।
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फकीरपुरी में खेती से आय बढ़ाने के उपायों पर चर्चा
महिला किसानों को फकीरपुरी में विसनी के खेत का भ्रमण कराया गया। विभिन्न सब्जियों की खेती, सिंचाई प्रणाली और पैदावार बढ़ाने के तरीके करीब से देखे। इसके बाद महिलाओं और किसानों के बीच सामूहिक बैठक आयोजित की गई, जिसमें अनुभव साझा किए गए और खेती से आय बढ़ाने के उपायों पर चर्चा हुई।
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प्रोत्साहित की जा रही हैं महिलाएं
महिलाओं को उन्नत खेती के प्रति प्रोत्साहित करने में वर्ल्ड नेबर के सहयोग से देहात संस्था के कार्यकर्ता जुटे हुए हैं। मिहींपुरवा विकास खंड की सुजौली पंचायत के थारू बहुल भैसाही गांव में स्वराज परियोजना के अंतर्गत अत्यंत गरीब थारू परिवारों की आजीविका के संवर्धन के लिए काम किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत चार आजीविका अधिकार संगठन बनाए गए हैं, जिनके माध्यम से महिलाओं को किचन गार्डन स्थापित करने और पोषणयुक्त सब्जियों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
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सोमवार को भैसाही गांव की 40 महिला किसानों का यह एक्सपोजर विजिट कार्यक्रम राजाराम टांडा, विशुनापुर, रमपुरवा और फकीरपुरी में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिला किसानों को उन्नत खेती की तकनीकों, किचन गार्डन, सब्जी और मशरूम उत्पादन के व्यावहारिक मॉडल से परिचित कराना और किसानों के बीच आपसी सीख (क्रॉस लर्निंग) को बढ़ावा देना रहा।
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सुबह आठ बजे भैसाही गांव से महिला किसानों का दल रवाना हुआ। सबसे पहले नथुनिया में किसान मनीष और विशनापुर में किसान फकीरे के खेतों का भ्रमण कराया गया। यहां महिला किसानों ने उन्नत खेती की पद्धतियों और किचन गार्डन के सफल मॉडल का अवलोकन किया।
इसके बाद रामपुरवा में किसान धर्मेंद्र के खेत में मशरूम उत्पादन की तकनीक और किसान राम वचन के खेत में सब्जी उत्पादन की आधुनिक तकनीकें साझा की गईं। इस कार्यक्रम में सरिता कुमारी और शमां फिरदौस की सक्रिय भूमिका रही।
फकीरपुरी में खेती से आय बढ़ाने के उपायों पर चर्चा
महिला किसानों को फकीरपुरी में विसनी के खेत का भ्रमण कराया गया। विभिन्न सब्जियों की खेती, सिंचाई प्रणाली और पैदावार बढ़ाने के तरीके करीब से देखे। इसके बाद महिलाओं और किसानों के बीच सामूहिक बैठक आयोजित की गई, जिसमें अनुभव साझा किए गए और खेती से आय बढ़ाने के उपायों पर चर्चा हुई।
प्रोत्साहित की जा रही हैं महिलाएं
महिलाओं को उन्नत खेती के प्रति प्रोत्साहित करने में वर्ल्ड नेबर के सहयोग से देहात संस्था के कार्यकर्ता जुटे हुए हैं। मिहींपुरवा विकास खंड की सुजौली पंचायत के थारू बहुल भैसाही गांव में स्वराज परियोजना के अंतर्गत अत्यंत गरीब थारू परिवारों की आजीविका के संवर्धन के लिए काम किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत चार आजीविका अधिकार संगठन बनाए गए हैं, जिनके माध्यम से महिलाओं को किचन गार्डन स्थापित करने और पोषणयुक्त सब्जियों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।