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Bahraich News: हाथ लगाते ही हिल रहे नलकूप के पिलर, जांच कमेटी गठित
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मटेरा में पिलर के नीचे दबकर बालक की मौत के बाद दूसरे दिन पड़ा मलबा।
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मटेरा। शिपुरा गांव में नलकूप की बाउंड्री का पिलर गिरने से रविवार को मासूम की मौत के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। परिसर में बने अन्य पांच पिलर भी हाथ लगाते ही हिल रहे हैं। इससे ग्रामीणों ने बड़े हादसे की आशंका जताई है। वहीं, नलकूप विभाग के अधिशासी अभियंता ने जांच कमेटी गठित की है।
रविवार शाम को हुए हादसे में गांव के मासूम रज्जब की नलकूप की बाउंड्री का पिलर गिरने से मौत हो गई थी। हादसे में उसका एक साथी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद ग्रामीणों ने बताया कि मौके पर मौजूद अन्य पिलरों की स्थिति दयनीय है। सभी छूने पर ही हिलने लग रहे हैं। पिलर के नाम पर बस एक सरिया लगाया गया है। पिलर का फाउंडेशन भी नहीं बनाया गया है। इससे कभी भी हादसे की आशंका बनी हुई है।
मामले में नलकूप विभाग के अधिशासी अभियंता सलिल कुमार ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट के आधार पर उन्होंने कार्रवाई की बात कही है।
अधिशासी अभियंता ने बताया कि नलकूप की सुरक्षा के लिए पिलर और कंटीले तारों से बाउंड्री कर गेट लगाया गया था। निर्माण कार्य पर लगभग 80 हजार रुपये की लागत आई है। उन्होंने कहा कि कार्यदायी संस्था नलकूप खंड ही है। ऐसे में देखना होगा कि निर्माण कार्य में कहां पर अनियमितता हुई है।
नौ स्थानों पर बाउंड्री का निर्माण
जिले के 14 विकासखंडों में कुल 542 राजकीय नलकूप हैं। इनमें से करीब 170 नलकूपों को कंटीले तार और पिलरों से घेरकर सुरक्षित किया जाना है। नानपारा में इस परियोजना के तहत 18 नलकूपों का चयन किया गया था, जिनमें से अब तक नौ नलकूपों की बाउंड्री का कार्य पूरा कराया गया है, जबकि शेष नौ नलकूपों पर काम अगले वित्तीय वर्ष में कराया जाना प्रस्तावित है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिन नलकूपों पर कंटीले तारों की बाड़ लगाई गई है।
ग्रामीणों ने पहले भी उठाई थी आवाज
गांव निवासी राजकुमार का कहना है कि जब निर्माण हो रहा था तब ग्रामीणों ने गुणवत्ता को लेकर आपत्ति जताई थी। पिलर के नाम पर एक सरिया डाला गया था। पिलर का फाउंडेशन भी नहीं बनाया जा रहा था। लेकिन विभागीय अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। उनका कहना है कि यदि समय रहते शिकायत पर कार्रवाई होती, तो मासूम रज्जब की जान बच जाती।
दिल्ली से घर पहुंचे पिता, कार्रवाई की मांग
मृतक रज्जब के पिता सनोवर खान दिल्ली में रिक्शा चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। परिवार में पत्नी के अलावा बेटे शोएब, एहसान और बेटियां गुलाबसा व हसीना हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है। बेटे की मौत के बाद वह सोमवार सुबह गांव पहुंचे। उन्होंने कहा कि बेटे की मौत के लिए जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई कराएंगे।
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रविवार शाम को हुए हादसे में गांव के मासूम रज्जब की नलकूप की बाउंड्री का पिलर गिरने से मौत हो गई थी। हादसे में उसका एक साथी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद ग्रामीणों ने बताया कि मौके पर मौजूद अन्य पिलरों की स्थिति दयनीय है। सभी छूने पर ही हिलने लग रहे हैं। पिलर के नाम पर बस एक सरिया लगाया गया है। पिलर का फाउंडेशन भी नहीं बनाया गया है। इससे कभी भी हादसे की आशंका बनी हुई है।
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मामले में नलकूप विभाग के अधिशासी अभियंता सलिल कुमार ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट के आधार पर उन्होंने कार्रवाई की बात कही है।
अधिशासी अभियंता ने बताया कि नलकूप की सुरक्षा के लिए पिलर और कंटीले तारों से बाउंड्री कर गेट लगाया गया था। निर्माण कार्य पर लगभग 80 हजार रुपये की लागत आई है। उन्होंने कहा कि कार्यदायी संस्था नलकूप खंड ही है। ऐसे में देखना होगा कि निर्माण कार्य में कहां पर अनियमितता हुई है।
नौ स्थानों पर बाउंड्री का निर्माण
जिले के 14 विकासखंडों में कुल 542 राजकीय नलकूप हैं। इनमें से करीब 170 नलकूपों को कंटीले तार और पिलरों से घेरकर सुरक्षित किया जाना है। नानपारा में इस परियोजना के तहत 18 नलकूपों का चयन किया गया था, जिनमें से अब तक नौ नलकूपों की बाउंड्री का कार्य पूरा कराया गया है, जबकि शेष नौ नलकूपों पर काम अगले वित्तीय वर्ष में कराया जाना प्रस्तावित है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिन नलकूपों पर कंटीले तारों की बाड़ लगाई गई है।
ग्रामीणों ने पहले भी उठाई थी आवाज
गांव निवासी राजकुमार का कहना है कि जब निर्माण हो रहा था तब ग्रामीणों ने गुणवत्ता को लेकर आपत्ति जताई थी। पिलर के नाम पर एक सरिया डाला गया था। पिलर का फाउंडेशन भी नहीं बनाया जा रहा था। लेकिन विभागीय अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। उनका कहना है कि यदि समय रहते शिकायत पर कार्रवाई होती, तो मासूम रज्जब की जान बच जाती।
दिल्ली से घर पहुंचे पिता, कार्रवाई की मांग
मृतक रज्जब के पिता सनोवर खान दिल्ली में रिक्शा चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। परिवार में पत्नी के अलावा बेटे शोएब, एहसान और बेटियां गुलाबसा व हसीना हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है। बेटे की मौत के बाद वह सोमवार सुबह गांव पहुंचे। उन्होंने कहा कि बेटे की मौत के लिए जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई कराएंगे।
