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Ballia News: सात ब्लाॅक में 15 लाख खर्च, नहीं बनी नाली-सड़क, 70 लाख का हिसाब नहीं
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बलिया। जिले के 17 ब्लॉक की 940 ग्राम पंचायतों में हुए विकास कार्यों की सोशल ऑडिट में साॅत ब्लाॅक में काफी खामियां मिली हैं। इन ब्लॉक में सड़क, नाली, खंड़जा, पोखरे की खोदाई के लिए जारी किए गए धन का गबन सामने आया है।
इस तरह से सात ब्लॉक की ग्राम पंचायतों में करीब 1581945 रुपये की अनियमितता मिली है। वहीं, 7080075 रुपये का कोई हिसाब-किताब ग्राम पंचायतों के पास नहीं है। सोशल आडिट टीम ने मौका व रिकाॅर्ड खंगालने के बाद रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी है। जांच में इस धनराशि का कार्य मौके पर कुछ जगह दिखा लेकिन कागजात पूर्ण नहीं पाए गए।
कुछ जगहों पर मनरेगा कार्य का बोर्ड भी नहीं मिला है। सोशल आडिट की रिपोर्ट के बाद ग्राम पंचायतों में हड़कंप मचा हुआ है। सोशल आडिट 2025-26 में ग्राम पंचायतों में मनरेगा जॉब कार्ड, मस्टर रोल और कार्य के बिल/वाउचर का मिलान किया जाता है।
ऑडिट टीम कार्यस्थल पर जाकर किए गए कार्यों की गुणवत्ता, माप और काम की वास्तविकता की जांच करती है।
घर-घर जाकर यह सुनिश्चित किया जाता है कि श्रमिकों को सही समय पर पूरी मजदूरी मिली या नहीं। आवंटित धन का उपयोग सही कार्य के लिए हुआ या नहीं, और क्या कोई वित्तीय हेराफेरी तो नहीं हुई। कार्यस्थल पर कार्य संबंधित बोर्ड लगाने की भी जांच की जाती है।
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इस तरह से सात ब्लॉक की ग्राम पंचायतों में करीब 1581945 रुपये की अनियमितता मिली है। वहीं, 7080075 रुपये का कोई हिसाब-किताब ग्राम पंचायतों के पास नहीं है। सोशल आडिट टीम ने मौका व रिकाॅर्ड खंगालने के बाद रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी है। जांच में इस धनराशि का कार्य मौके पर कुछ जगह दिखा लेकिन कागजात पूर्ण नहीं पाए गए।
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कुछ जगहों पर मनरेगा कार्य का बोर्ड भी नहीं मिला है। सोशल आडिट की रिपोर्ट के बाद ग्राम पंचायतों में हड़कंप मचा हुआ है। सोशल आडिट 2025-26 में ग्राम पंचायतों में मनरेगा जॉब कार्ड, मस्टर रोल और कार्य के बिल/वाउचर का मिलान किया जाता है।
ऑडिट टीम कार्यस्थल पर जाकर किए गए कार्यों की गुणवत्ता, माप और काम की वास्तविकता की जांच करती है।
घर-घर जाकर यह सुनिश्चित किया जाता है कि श्रमिकों को सही समय पर पूरी मजदूरी मिली या नहीं। आवंटित धन का उपयोग सही कार्य के लिए हुआ या नहीं, और क्या कोई वित्तीय हेराफेरी तो नहीं हुई। कार्यस्थल पर कार्य संबंधित बोर्ड लगाने की भी जांच की जाती है।