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Ballia News: इमरजेंसी में आए 200 मरीज, इसमें से 50 फीसदी डायरिया से रहे पीड़ित
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जिला अस्पताल के पर्ची काउंटर पर लगी मरीजों और तीमारदारों की कतार।संवाद
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बलिया। जनपद में भीषण गर्मी और प्रचंड धूप से जिला अस्पताल में डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ी है। रविवार की आधी रात से लेकर सोमवार की दोपहर तक इमरजेंसी में ही करीब 200 मरीज इलाज के लिए पहुंचे, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर भारी दबाव देखा जा रहा है।
अस्पताल से मिले आंकड़ों के अनुसार, रविवार रात 12 बजे से सोमवार दोपहर 2 बजे के बीच इमरजेंसी पहुंचे 200 मरीजों में से 25 की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें तुरंत वार्ड में भर्ती कर लिया गया। वहीं, 75 मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया, जबकि 100 मरीज अन्य बीमारियों से ग्रसित थे। इमरजेंसी के ईएमओ डाॅ. मुख्तार यादव ने बताया कि अस्पताल आने वाले कुल मरीजों में से लगभग 50% मरीज उल्टी-दस्त के हैं। उन्होंने बताया कि शादियों के सीजन में लोग देर रात गरिष्ठ भोजन कर रहे हैं। ऊपर से भीषण बिजली कटौती के कारण लोग पूरी नींद नहीं ले पा रहे हैं, जिससे पाचन तंत्र बिगड़ रहा है और ब्लोटिंग व डायरिया की समस्या बढ़ रही है। होटल-रेस्टोरेंट का बासी खाना और प्रदूषित पानी भी इसका मुख्य कारण है।
बड़ों के साथ-साथ बच्चे भी इस मौसम की मार से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। जिला अस्पताल में बाल रोग से संबंधित तीन ओपीडी संचालित होती हैं, जहां रोजाना औसतन 400 बच्चों का उपचार किया जा रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि इन बच्चों में 60 प्रतिशत से अधिक बच्चे उल्टी और दस्त की गंभीर शिकायत के साथ आ रहे हैं।
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बाहरी खाने से पूरी तरह करें परहेज
वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डाॅ. एके उपाध्याय ने बताया कि ओपीडी में आने वाले 60% बच्चों में डीवीडी की शिकायत मिल रही है। उन्होंने अभिभावकों को सख्त हिदायत दी है कि बच्चों को बाजार का खुला या बासी खाना बिल्कुल न दें क्योंकि इस मौसम में मक्खियां भोजन को तेजी से दूषित करती हैं। बच्चों को घर का बना ताजा खाना दें और ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ दाल का पानी, छाछ, दही और लस्सी दें ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।
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पर्ची काउंटर पर जबरदस्त भीड़, 2000 लोगों ने कराया इलाज
सोमवार को जिला अस्पताल के पर्ची काउंटर पर स्थिति बेकाबू नजर आई। सुबह काउंटर खुलने से पहले ही दवा और पर्ची के लिए लंबी कतारें लग गईं, जो दोपहर 1:30 बजे तक रही। सोमवार को कुल 1,435 नई पर्चियां कटीं, जबकि पहले से आ रहे मरीजों को मिलाकर कुल 2,000 से अधिक लोगों ने अस्पताल में डॉक्टरों से परामर्श लिया।
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टेंट हटने से भीषण धूप से रहे परेशान : ओपीडी के बाहर अपने नंबर का इंतजार कर रहे लोग कड़कती धूप में परेशान हुए। दरअसल, ओपीडी के बाहर पहले एक टीन शेड लगाया गया था, जो गुणवत्ता खराब होने के कारण पहले ही दिन गिर गया। इसके बाद उसे वहां से हटाकर पर्ची काउंटर के पास पेड़ों की छांव में लगा दिया गया। ओपीडी के बाहर टेंट गया था। लेकिन अस्पताल प्रशासन ने उसे भी वहां से हटवा दिया। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. एसके यादव ने बताया कि मौसम के परिवर्तन के चलते इस टेंट को हटवाया गया है। ओपीडी के बाहर दोबारा चांदनी लगाने की व्यवस्था की जा रही है।
अस्पताल से मिले आंकड़ों के अनुसार, रविवार रात 12 बजे से सोमवार दोपहर 2 बजे के बीच इमरजेंसी पहुंचे 200 मरीजों में से 25 की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें तुरंत वार्ड में भर्ती कर लिया गया। वहीं, 75 मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया, जबकि 100 मरीज अन्य बीमारियों से ग्रसित थे। इमरजेंसी के ईएमओ डाॅ. मुख्तार यादव ने बताया कि अस्पताल आने वाले कुल मरीजों में से लगभग 50% मरीज उल्टी-दस्त के हैं। उन्होंने बताया कि शादियों के सीजन में लोग देर रात गरिष्ठ भोजन कर रहे हैं। ऊपर से भीषण बिजली कटौती के कारण लोग पूरी नींद नहीं ले पा रहे हैं, जिससे पाचन तंत्र बिगड़ रहा है और ब्लोटिंग व डायरिया की समस्या बढ़ रही है। होटल-रेस्टोरेंट का बासी खाना और प्रदूषित पानी भी इसका मुख्य कारण है।
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बड़ों के साथ-साथ बच्चे भी इस मौसम की मार से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। जिला अस्पताल में बाल रोग से संबंधित तीन ओपीडी संचालित होती हैं, जहां रोजाना औसतन 400 बच्चों का उपचार किया जा रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि इन बच्चों में 60 प्रतिशत से अधिक बच्चे उल्टी और दस्त की गंभीर शिकायत के साथ आ रहे हैं।
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बाहरी खाने से पूरी तरह करें परहेज
वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डाॅ. एके उपाध्याय ने बताया कि ओपीडी में आने वाले 60% बच्चों में डीवीडी की शिकायत मिल रही है। उन्होंने अभिभावकों को सख्त हिदायत दी है कि बच्चों को बाजार का खुला या बासी खाना बिल्कुल न दें क्योंकि इस मौसम में मक्खियां भोजन को तेजी से दूषित करती हैं। बच्चों को घर का बना ताजा खाना दें और ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ दाल का पानी, छाछ, दही और लस्सी दें ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।
पर्ची काउंटर पर जबरदस्त भीड़, 2000 लोगों ने कराया इलाज
सोमवार को जिला अस्पताल के पर्ची काउंटर पर स्थिति बेकाबू नजर आई। सुबह काउंटर खुलने से पहले ही दवा और पर्ची के लिए लंबी कतारें लग गईं, जो दोपहर 1:30 बजे तक रही। सोमवार को कुल 1,435 नई पर्चियां कटीं, जबकि पहले से आ रहे मरीजों को मिलाकर कुल 2,000 से अधिक लोगों ने अस्पताल में डॉक्टरों से परामर्श लिया।
टेंट हटने से भीषण धूप से रहे परेशान : ओपीडी के बाहर अपने नंबर का इंतजार कर रहे लोग कड़कती धूप में परेशान हुए। दरअसल, ओपीडी के बाहर पहले एक टीन शेड लगाया गया था, जो गुणवत्ता खराब होने के कारण पहले ही दिन गिर गया। इसके बाद उसे वहां से हटाकर पर्ची काउंटर के पास पेड़ों की छांव में लगा दिया गया। ओपीडी के बाहर टेंट गया था। लेकिन अस्पताल प्रशासन ने उसे भी वहां से हटवा दिया। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. एसके यादव ने बताया कि मौसम के परिवर्तन के चलते इस टेंट को हटवाया गया है। ओपीडी के बाहर दोबारा चांदनी लगाने की व्यवस्था की जा रही है।