{"_id":"69d2a63fd000f75ae707ef51","slug":"97-people-lost-their-lives-and-81-were-injured-in-115-road-accidents-in-three-months-ballia-news-c-190-1-ana1001-161141-2026-04-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ballia News: तीन महीने में 115 सड़क हादसों में 97 लोगों की गई जान, 81 हुए घायल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ballia News: तीन महीने में 115 सड़क हादसों में 97 लोगों की गई जान, 81 हुए घायल
विज्ञापन
दुबहर क्षेत्र के बसरिकापुर गांव के समीप एनएच-31 पर दो डंफर की टक्कर में क्षतिग्रस्त वाहन।फाइल फ
विज्ञापन
बलिया। जनपद में पिछले तीन महीने में सड़क दुर्घटनाओं में 97 लोगों की मौत हुई है। इसमें 55 फीसदी घटनाएं भरौली-बलिया व फेफना-रसड़ा हाईवे पर हुई हैं। दुर्घटना के पीछे तेज रफ्तार, रांग साइड व नशे में वाहन चलाना व सड़कों पर अवैध कट व अवैध रूप से वाहन खड़ा करना है।
जिले में अब तक करीब 115 सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। 81 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इसमें 40 सड़क दुर्घटनाएं हाईवे पर हुई हैं। इसमें 49 लोगों को जान गंवानी पड़ी। इनमें भी 9 दुर्घटनाएं हाईवे के किनारे खड़े ट्रकों या अन्य वाहनों की टक्कर के कारण हुई हैं।
आबादी के बीच से एनएच-31, बलिया-सिकंदरपुर, देवरिया व फेफना-रसड़ा हाईवे गुजरता है। पूर्वांचल एक्सप्रेस व भरौली के गंगा पर नया पुल बनने के बाद दोनों हाईवे पर वाहनों का लोड बढ़ा गया है। इनसे इस समय बड़े-बड़े वाहन गुजर रहे हैं। जिले में हाईवे का दायर करीब 80 किमी, दूसरा 70 किमी व तीसरा करीब 25 किमी का है। हाईवे प्राधिकरण की ओर से हाईवे पर सुरक्षा इंतजाम समेत अन्य व्यवस्थाओं को लेकर लगातार काम किए जाने का दावा किया जाता है, ब्लैक स्पाॅट भी चिह्नित किए गए हैं। हाईवे पर डिवाइडर न होना, गांवों की सड़कों का सीधा जुड़ाव और आबादी के बीच से गुजरने के कारण आए दिन छोटे वाहनों और किनारे खड़े ट्रकों व छोटे वाहनों कारण अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। हाईवे पर तेज गति से रफ्तार भर रहे वाहन किनारे खड़े वाहनों पर ध्यान नहीं दे पाते और पीछे से टक्कर हो जाती है।
इस वर्ष जनवरी में सबसे अधिक हादसे 38 हुए है। आंकड़ों पर गौर करें तो जनवरी में 38 दुर्घटनाओं में 38 मौत, 24 घायल, फरवरी में 32 दुर्घटनाओं में 24 मौत व 28 घायल, मार्च में 32 दुर्घटनाओं में 25 मौत व 29 घायल, अप्रैल में चार दुर्घटनाओं में आठ घायल हुए है।
सीओ सिटी मो. उस्मान ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए जगह-जगह सांकेतिक चिन्ह लगाए गए है। अभियान चलाकर वाहन चालकों व लोगों को जागरूक किया जात है। यातायात नियमों की लापरवाही लोगों को भारी पड़ती है। सड़क पर वाहन खड़ा करने से बचे और हेलमेट पहन कर बाइक चलाए।
Trending Videos
जिले में अब तक करीब 115 सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। 81 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इसमें 40 सड़क दुर्घटनाएं हाईवे पर हुई हैं। इसमें 49 लोगों को जान गंवानी पड़ी। इनमें भी 9 दुर्घटनाएं हाईवे के किनारे खड़े ट्रकों या अन्य वाहनों की टक्कर के कारण हुई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
आबादी के बीच से एनएच-31, बलिया-सिकंदरपुर, देवरिया व फेफना-रसड़ा हाईवे गुजरता है। पूर्वांचल एक्सप्रेस व भरौली के गंगा पर नया पुल बनने के बाद दोनों हाईवे पर वाहनों का लोड बढ़ा गया है। इनसे इस समय बड़े-बड़े वाहन गुजर रहे हैं। जिले में हाईवे का दायर करीब 80 किमी, दूसरा 70 किमी व तीसरा करीब 25 किमी का है। हाईवे प्राधिकरण की ओर से हाईवे पर सुरक्षा इंतजाम समेत अन्य व्यवस्थाओं को लेकर लगातार काम किए जाने का दावा किया जाता है, ब्लैक स्पाॅट भी चिह्नित किए गए हैं। हाईवे पर डिवाइडर न होना, गांवों की सड़कों का सीधा जुड़ाव और आबादी के बीच से गुजरने के कारण आए दिन छोटे वाहनों और किनारे खड़े ट्रकों व छोटे वाहनों कारण अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। हाईवे पर तेज गति से रफ्तार भर रहे वाहन किनारे खड़े वाहनों पर ध्यान नहीं दे पाते और पीछे से टक्कर हो जाती है।
इस वर्ष जनवरी में सबसे अधिक हादसे 38 हुए है। आंकड़ों पर गौर करें तो जनवरी में 38 दुर्घटनाओं में 38 मौत, 24 घायल, फरवरी में 32 दुर्घटनाओं में 24 मौत व 28 घायल, मार्च में 32 दुर्घटनाओं में 25 मौत व 29 घायल, अप्रैल में चार दुर्घटनाओं में आठ घायल हुए है।
सीओ सिटी मो. उस्मान ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए जगह-जगह सांकेतिक चिन्ह लगाए गए है। अभियान चलाकर वाहन चालकों व लोगों को जागरूक किया जात है। यातायात नियमों की लापरवाही लोगों को भारी पड़ती है। सड़क पर वाहन खड़ा करने से बचे और हेलमेट पहन कर बाइक चलाए।