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Ballia News: जल स्रोतों की निगरानी के लिए बनेंगी समितियां
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पंदह। ग्रामीण पाइप पेयजल योजनाओं के जल स्रोतों की दीर्घकालिक सुरक्षा और संरक्षण की जिम्मेदारी अब जिला से लेकर ग्राम पंचायत स्तर पर गठित विशेष समितियों की होगी।
ये समितियां जल स्रोतों की निगरानी, संरक्षण, गुणवत्ता परीक्षण और जल संकट वाले क्षेत्रों की पहचान कर समय रहते समाधान सुनिश्चित करेंगी। शासन ने इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव के पत्र के मुताबिक जिला स्तर पर बनने वाली सोर्स सस्टेनेबिलिटी कमेटी की अध्यक्षता अधिशासी अभियंता- जल निगम (ग्रामीण) करेंगे।
समिति में जिला कृषि अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, सिंचाई विभाग, भूगर्भ जल विभाग और अन्य तकनीकी विभागों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा।
समिति का काम पेयजल स्रोतों की मौसमी समीक्षा, जल गुणवत्ता में गिरावट वाले गांवों की पहचान, संरक्षण योजनाओं की निगरानी और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना होगा। वहीं ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समिति (वीडब्ल्यूएससी) ही ग्राम पंचायत सोर्स सस्टेनेबिलिटी कमेटी के रूप में कार्य करेगी।
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ये समितियां जल स्रोतों की निगरानी, संरक्षण, गुणवत्ता परीक्षण और जल संकट वाले क्षेत्रों की पहचान कर समय रहते समाधान सुनिश्चित करेंगी। शासन ने इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव के पत्र के मुताबिक जिला स्तर पर बनने वाली सोर्स सस्टेनेबिलिटी कमेटी की अध्यक्षता अधिशासी अभियंता- जल निगम (ग्रामीण) करेंगे।
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समिति में जिला कृषि अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, सिंचाई विभाग, भूगर्भ जल विभाग और अन्य तकनीकी विभागों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा।
समिति का काम पेयजल स्रोतों की मौसमी समीक्षा, जल गुणवत्ता में गिरावट वाले गांवों की पहचान, संरक्षण योजनाओं की निगरानी और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना होगा। वहीं ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समिति (वीडब्ल्यूएससी) ही ग्राम पंचायत सोर्स सस्टेनेबिलिटी कमेटी के रूप में कार्य करेगी।
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