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Ballia News: वन दरोगा ने किया था यौन शोषण, स्वतंत्र एजेंसी से जांच की मांग
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बेल्थरारोड। उभांव थाना क्षेत्र में वन दरोगा से जुड़े यौन शोषण और ऑडियो प्रकरण में न्यायिक हस्तक्षेप के बाद मामला गंभीर हो गया। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पीड़िता की याचिका पर सुनवाई की, हाईकोर्ट ने कहा कि अगर एसपी बलिया के यहां कोई आवेदन निष्पक्ष जांच के लिए भेजा गया है तो वह अपने स्तर से इसका निस्तारण करें।
हाईकोर्ट में दिए आवेदन में पीड़िता के अधिवक्ता ने दलील दी कि यह मामला पुलिस विभाग से जुड़े कर्मिया का है। इसलिए स्थानीय स्तर पर निष्पक्ष जांच संभव नहीं है। उन्होंने न्यायालय से स्वतंत्र एजेंसी द्वारा जांच कराने और लंबित आरोप पत्र दाखिल करने की मांग की। न्यायालय ने पीड़िता की इस प्रार्थना को स्वीकार करते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
यौन शोषण के आरोप में वन दरोगा उग्रसेन कुमार जायसवाल को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है लेकिन जमानत मिल गई है। हालांकि जमानत की शर्तों का उल्लंघन करने और मुकदमा वापस लेने के मामले में दर्ज एफआईआर के आधार पर पुलिस ने आरोपी को दोबारा गिरफ्तार किया। प्रकरण में पीड़िता की नई शिकायत के आधार पर निलंबित थाना प्रभारी संजय शुक्ल और तात्कालिक विवेचक नरेश कुमार मलिक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
पीड़िता का आरोप था कि उस पर प्राथमिकी वापस लेने के लिए दबाव डाला गया, लालच दिया गया और धमकियां दी गईं। इसके अतिरिक्त विवेचक पर अनुचित संपर्क और अभद्र व्यवहार का भी आरोप लगाया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागीय कार्रवाई के तहत तत्कालीन क्राइम इंस्पेक्टर मलिक को निलंबित कर दिया गया था।
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हाईकोर्ट में दिए आवेदन में पीड़िता के अधिवक्ता ने दलील दी कि यह मामला पुलिस विभाग से जुड़े कर्मिया का है। इसलिए स्थानीय स्तर पर निष्पक्ष जांच संभव नहीं है। उन्होंने न्यायालय से स्वतंत्र एजेंसी द्वारा जांच कराने और लंबित आरोप पत्र दाखिल करने की मांग की। न्यायालय ने पीड़िता की इस प्रार्थना को स्वीकार करते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
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यौन शोषण के आरोप में वन दरोगा उग्रसेन कुमार जायसवाल को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है लेकिन जमानत मिल गई है। हालांकि जमानत की शर्तों का उल्लंघन करने और मुकदमा वापस लेने के मामले में दर्ज एफआईआर के आधार पर पुलिस ने आरोपी को दोबारा गिरफ्तार किया। प्रकरण में पीड़िता की नई शिकायत के आधार पर निलंबित थाना प्रभारी संजय शुक्ल और तात्कालिक विवेचक नरेश कुमार मलिक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
पीड़िता का आरोप था कि उस पर प्राथमिकी वापस लेने के लिए दबाव डाला गया, लालच दिया गया और धमकियां दी गईं। इसके अतिरिक्त विवेचक पर अनुचित संपर्क और अभद्र व्यवहार का भी आरोप लगाया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागीय कार्रवाई के तहत तत्कालीन क्राइम इंस्पेक्टर मलिक को निलंबित कर दिया गया था।
