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Ballia News: फाइनेंस कंपनी किस्त लेकर वापस करे वाहन, न्यायालय ने सुनाया फैसला
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बलिया। न्यायालय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने फाइनेंस कंपनी को परिवादी से बकाया किस्त लेकर वाहन वापस करते हुए उसे एनओसी प्रदान करने का आदेश दिया है। साथ ही आदेश दिया कि अगर फाइनेंस कंपनी ने तथ्य छिपाकर वाहन बेच दिया है तो उसी माॅडल व क्षमता का नया वाहन परिवादी को प्रदान करे। या वाहन की कीमत प्रदान करे।
इस संदर्भ में परिवादी से किसी तरह का विलंब ब्याज न लिया जाए। मानसिक पीड़ा व आर्थिक क्षति के मद में 10,000 और वाद व्यय के मद में 5,000 भी परिवादी को 45 दिन के अंदर अदा करें। निर्धारित अवधि के अंदर भुगतान न करने पर संपूर्ण धनराशि पर नौ प्रतिशत साधारण वार्षिक ब्याज देय होगा।
परिवादी कमलेश सिंह निवासी बलेसरा, तहसील रसड़ा वाद दाखिल कर बताया कि जीबी आटोमोबाइल्स कासिम बाजार से एक मार्च 2019 को बाइक खरीदी थी। इसका फाइनेंस मुख्य प्रबंध निदेशक हीरो फिनकॉर्प कारपोरेट ऑफिस-9 वसंत लोक वसंत विहार नई दिल्ली ने किया था। इस मद में फाइनेंस कंपनी ने 51 हजार 58 रुपया शृण दिया था। इसकी ईएमआई दो हजार 467 रुपया 25 महीने के लिए थी। कोविड-19 के चलते वर्ष 2020 में ईएमआई का भुगतान समय से नहीं कर सका। विपक्षी के एजेंट ने उसके वाहन को कब्जे में ले लिया।
मामले में वाहन स्वामी ने 17 नवंबर 2022 को लीगल नोटिस के माध्यम से फाइनेंस कंपनी से समस्त ऋण ईएमआई की जानकारी मांगी। जिस पर कंपनी ने जवाब के तौर पर बताया कि वाहन स्वामी 46 हजार 278 रुपया अदा कर वाहन ले जाय। फाइनेंस कंपनी द्वारा यह भी बताया कि वाहन को नीलामी से बिक्री किया जा चुका है। परिवादी द्वारा जो लिखित बहस दाखिल की गई, उसे कोर्ट ने सत्य माना है और आदेश पारित किया। आदेश न्यायालय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष राम चंद्र और सदस्य जिला आयोग सुषमा पाण्डेय ने सुनाया।
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इस संदर्भ में परिवादी से किसी तरह का विलंब ब्याज न लिया जाए। मानसिक पीड़ा व आर्थिक क्षति के मद में 10,000 और वाद व्यय के मद में 5,000 भी परिवादी को 45 दिन के अंदर अदा करें। निर्धारित अवधि के अंदर भुगतान न करने पर संपूर्ण धनराशि पर नौ प्रतिशत साधारण वार्षिक ब्याज देय होगा।
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परिवादी कमलेश सिंह निवासी बलेसरा, तहसील रसड़ा वाद दाखिल कर बताया कि जीबी आटोमोबाइल्स कासिम बाजार से एक मार्च 2019 को बाइक खरीदी थी। इसका फाइनेंस मुख्य प्रबंध निदेशक हीरो फिनकॉर्प कारपोरेट ऑफिस-9 वसंत लोक वसंत विहार नई दिल्ली ने किया था। इस मद में फाइनेंस कंपनी ने 51 हजार 58 रुपया शृण दिया था। इसकी ईएमआई दो हजार 467 रुपया 25 महीने के लिए थी। कोविड-19 के चलते वर्ष 2020 में ईएमआई का भुगतान समय से नहीं कर सका। विपक्षी के एजेंट ने उसके वाहन को कब्जे में ले लिया।
मामले में वाहन स्वामी ने 17 नवंबर 2022 को लीगल नोटिस के माध्यम से फाइनेंस कंपनी से समस्त ऋण ईएमआई की जानकारी मांगी। जिस पर कंपनी ने जवाब के तौर पर बताया कि वाहन स्वामी 46 हजार 278 रुपया अदा कर वाहन ले जाय। फाइनेंस कंपनी द्वारा यह भी बताया कि वाहन को नीलामी से बिक्री किया जा चुका है। परिवादी द्वारा जो लिखित बहस दाखिल की गई, उसे कोर्ट ने सत्य माना है और आदेश पारित किया। आदेश न्यायालय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष राम चंद्र और सदस्य जिला आयोग सुषमा पाण्डेय ने सुनाया।
