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Ballia News: नायब तहसीलदार के साथ पहुंची टीम को बिना नापी लौटना पड़ा
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बलिया। उभांव थाना क्षेत्र के खंदवा गांव में विवादित भूमि की नापी कराने पहुंची राजस्व एवं पुलिस की संयुक्त टीम को ग्रामीणों के विरोध के चलते शनिवार की शाम को बिना नापी किए ही वापस लौटना पड़ा।
नायब तहसीलदार भीमपुरा राजेश कुमार यादव के नेतृत्व में पहुंची टीम ने भूमि की नापी शुरू कराने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने जमीन के स्वामित्व को लेकर आपत्ति जताते हुए प्रक्रिया का विरोध कर दिया।
घंटों चली कहासुनी और ब द प्रशासनिक टीम को बैरंग लौटना पड़ा। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है।बताया जा रहा है कि विवादित भूमि आरजी नं. 1042 के करीब दो एकड़ रकबे से जुड़ी है।
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प्रशासनिक टीम ग्राम प्रधान प्रतिनिधि और कथित पट्टाधारकों की मौजूदगी में भूमि की नापी कराने पहुंची थी। जैसे ही नापी की प्रक्रिया शुरू हुई, गांव के रमाशंकर राम और महेश ने इसका विरोध करते हुए भूमि को निजी कास्तकारी की जमीन बताया। रमाशंकर राम का दावा है कि उक्त भूमि को लेकर वर्ष 1972 से चकबंदी संबंधी मामला लंबित है।
उनका आरोप है कि उनकी कास्तकारी भूमि को षड्यंत्र के तहत नवीन परती के रूप में दर्ज कराकर गंवई राजनीति के जरिए पट्टा कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को यह भी बताया कि भूमि से संबंधित मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। इसी आधार पर उन्होंने नापी की कार्रवाई पर आपत्ति जताई। मौके पर नायब तहसीलदार राजेश कुमार यादव के साथ राजस्व निरीक्षक प्रदीप सिंह, संबंधित हल्का लेखपाल और उभांव थाना पुलिस की टीम मौजूद थी।
अधिकारियों ने स्थिति को संभालते हुए नापी की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों के विरोध और लगातार बहस के कारण मौके पर माहौल तनावपूर्ण हो गया। काफी देर तक चली बातचीत के बाद प्रशासनिक टीम बिना नापी किए ही वापस लौट गई।
ग्रामीणों का कहना है कि जब भूमि को लेकर मामला न्यायालय में विचाराधीन है तो पहले न्यायिक स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। वहीं प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। फिलहाल भूमि विवाद ने एक बार फिर गांव की गंवई राजनीति को गरमा दिया है, जिससे तनाव की स्थिति बनी हुई है।
नायब तहसीलदार राजेश कुमार यादव ने बताया कि पट्टेधारकों के मामले में भूमि विवाद की नापी किया जा रहा था लेकिन मौके पर पहुंचने पर विवादित भूमि का मामला उच्च न्यायालय में लंबित होने के जानकारी मिली। जिसके कारण फिलहाल नापी कार्य स्थगित कर दिया गया।
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नायब तहसीलदार भीमपुरा राजेश कुमार यादव के नेतृत्व में पहुंची टीम ने भूमि की नापी शुरू कराने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने जमीन के स्वामित्व को लेकर आपत्ति जताते हुए प्रक्रिया का विरोध कर दिया।
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घंटों चली कहासुनी और ब द प्रशासनिक टीम को बैरंग लौटना पड़ा। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है।बताया जा रहा है कि विवादित भूमि आरजी नं. 1042 के करीब दो एकड़ रकबे से जुड़ी है।
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प्रशासनिक टीम ग्राम प्रधान प्रतिनिधि और कथित पट्टाधारकों की मौजूदगी में भूमि की नापी कराने पहुंची थी। जैसे ही नापी की प्रक्रिया शुरू हुई, गांव के रमाशंकर राम और महेश ने इसका विरोध करते हुए भूमि को निजी कास्तकारी की जमीन बताया। रमाशंकर राम का दावा है कि उक्त भूमि को लेकर वर्ष 1972 से चकबंदी संबंधी मामला लंबित है।
उनका आरोप है कि उनकी कास्तकारी भूमि को षड्यंत्र के तहत नवीन परती के रूप में दर्ज कराकर गंवई राजनीति के जरिए पट्टा कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को यह भी बताया कि भूमि से संबंधित मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। इसी आधार पर उन्होंने नापी की कार्रवाई पर आपत्ति जताई। मौके पर नायब तहसीलदार राजेश कुमार यादव के साथ राजस्व निरीक्षक प्रदीप सिंह, संबंधित हल्का लेखपाल और उभांव थाना पुलिस की टीम मौजूद थी।
अधिकारियों ने स्थिति को संभालते हुए नापी की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों के विरोध और लगातार बहस के कारण मौके पर माहौल तनावपूर्ण हो गया। काफी देर तक चली बातचीत के बाद प्रशासनिक टीम बिना नापी किए ही वापस लौट गई।
ग्रामीणों का कहना है कि जब भूमि को लेकर मामला न्यायालय में विचाराधीन है तो पहले न्यायिक स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। वहीं प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। फिलहाल भूमि विवाद ने एक बार फिर गांव की गंवई राजनीति को गरमा दिया है, जिससे तनाव की स्थिति बनी हुई है।
नायब तहसीलदार राजेश कुमार यादव ने बताया कि पट्टेधारकों के मामले में भूमि विवाद की नापी किया जा रहा था लेकिन मौके पर पहुंचने पर विवादित भूमि का मामला उच्च न्यायालय में लंबित होने के जानकारी मिली। जिसके कारण फिलहाल नापी कार्य स्थगित कर दिया गया।