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Balrampur News: पांच साल बाद भी प्यास से जूझ रहे 41 हजार परिवार

Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 19 Feb 2026 10:41 PM IST
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41 thousand families still struggling with thirst even after five years
बलरामपुर के रूपनगर गांव में अधूरी खड़ी पानी की टंकी ।-संवाद
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महराजगंज तराई। तुलसीपुर के कौवापुर ब्लॉक क्षेत्र में जल जीवन मिशन की हकीकत सरकारी दावों से अलग नजर आ रही है। वर्ष 2020 में शुरू हुई हर घर नल से जल योजना को 2024 तक पूरा किया जाना था, लेकिन 2026 तक भी बड़ी संख्या में घरों में नियमित पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। नतीजतन हजारों परिवार आज भी पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
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ब्लॉक की 107 ग्राम पंचायतों के 41,490 घरों तक पाइपलाइन से शुद्ध जल पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया था। जिले की 630 ग्राम पंचायतों के 884 गांवों को इस योजना से जोड़ने की कार्ययोजना बनी थी। अब तक 7.82 अरब रुपये खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कई गांवों में कार्य अधूरा पड़ा है। कहीं पाइपलाइन बिछाकर छोड़ दी गई है, कहीं टंकियां बनकर तैयार हैं लेकिन कनेक्शन नहीं, और जहां कनेक्शन हैं वहां नियमित सप्लाई नहीं हो पा रही।
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ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी की शुरुआत के साथ ही हालात और खराब हो जाते हैं। जलस्तर नीचे जाने से हैंडपंप सूखने लगते हैं। कई बस्तियों में सुबह से ही पानी भरने के लिए कतारें लग जाती हैं। महिलाएं और बच्चे दूर-दराज के स्रोतों से पानी ढोने को मजबूर हैं। जिन गांवों में ओवरहेड टंकी बनी है, वहां मोटर न चलने या बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण पानी नहीं पहुंच पाता। (संवाद)

पानी के लिए तरस रहे ग्रामीण
फोटो-17,18,19, 20-
ग्राम पंचायत रूपनगर निवासी सलाहुद्दीन का कहना है कि हमें बताया गया था कि हर घर में नल लगेगा और रोज पानी मिलेगा, लेकिन अभी तक यह सपना ही है। राजित यादव का कहना है कि पाइपलाइन डाल दी गई, पर पानी नहीं आता। शिकायत करने पर अधिकारी सिर्फ आश्वासन देते हैं। बदलपुर निवासी अब्दुल अजीज ने कहा कि गांव में टंकी बनी है, मगर सप्लाई शुरू नहीं हुई। मजबूरी में दूसरे टोले से पानी लाना पड़ता है। सुरेशचंद्र मिश्रा का कहना है कि इतना समय बीत गया, करोड़ों रुपये खर्च हुए, फिर भी योजना अधूरी है। इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
समय पर बजट न मिलने से हुई देरी

बजट समय पर न मिलने से कार्य प्रभावित हुआ। कुछ गांवों की परियोजनाओं के लिए धनराशि जारी कर दी गई है। अगले दो वर्षों में पूरे जिले में योजना पूर्ण कराकर नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।
-संदीप सिंह, अधिशासी अभियंता, जलनिगम ग्रामीण
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