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Balrampur News: फर्जी मुकदमे व पुलिस का डर दिखाकर 29 हजार ठगे
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जरवा। हैलो...मैं आयुर्वेदिक कंपनी से बात कर रहा हूं। सप्ताह भर पहले आपने जो दवा मंगवाकर वापस की थी, इसे लेकर कंपनी ने आप पर प्राथमिकी दर्ज करा दी है। पुलिस आपको पकड़ने वाली है। 50 हजार रुपये दे दो तो मामला खत्म कर दिया जाएगा। ये बातें कर के एक साइबर ठग ने हरिश्चंद्र यादव को डराया-धमकाया। इसके बाद उनसे 29 हजार 200 रुपये ठग लिए।
क्षेत्र के ग्राम फोहरा बनगाई निवासी हरिश्चंद्र यादव ने बृहस्पतिवार को रिपोर्ट दर्ज कराई है। बताया कि 15 फरवरी शाम करीब सात बजे मोबाइल फोन पर अज्ञात नंबर से कॉल आई। व्यक्ति ने खुद को आयुर्वेदिक कंपनी का कर्मचारी बताया। उसने कहा कि एक सप्ताह पहले जो दवा मंगाकर वापस की थी, इसे लेकर कंपनी ने आप पर प्राथमिकी दर्ज करा दी है। साथ ही यह भी धमकी दी कि पुलिस आपके घर आकर पकड़ने वाली है। भरोसा दिलाने के लिए व्यक्ति ने एक फर्जी संदेश भी भेजा।
हरश्चिंद्र ने कहा कि मेसेज आने ने बाद उन्हें उसकी बातों पर विश्वास हो गया। इसके बाद व्यक्ति ने 50 हजार रुपये की मांग कर मामला सुलझाने का प्रस्ताव रखा। कहा कि घबराहट में मैनें 30 हजार रुपये देने की बात कही। इसके बाद अपने पड़ोसी विरंजन जायसवाल के गूगल पे से 29 हजार 200 रुपये ट्रांसफर कर दिए। रकम भेजने के बाद ठग और पैसे मांगने लगा। दिल्ली न्यायालय के नाम से एनओसी दस्तावेज भी भेजा। जब हरिश्चंद्र ने ये बात मित्रों को बताईं तब उन्हें पता चला कि उनके साथ साइबर फ्रॉड हुआ है। उन्होंने यूपी 112 व साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। प्रभारी निरीक्षक राकेश पाल ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज करके जांच की जा रही है।
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क्षेत्र के ग्राम फोहरा बनगाई निवासी हरिश्चंद्र यादव ने बृहस्पतिवार को रिपोर्ट दर्ज कराई है। बताया कि 15 फरवरी शाम करीब सात बजे मोबाइल फोन पर अज्ञात नंबर से कॉल आई। व्यक्ति ने खुद को आयुर्वेदिक कंपनी का कर्मचारी बताया। उसने कहा कि एक सप्ताह पहले जो दवा मंगाकर वापस की थी, इसे लेकर कंपनी ने आप पर प्राथमिकी दर्ज करा दी है। साथ ही यह भी धमकी दी कि पुलिस आपके घर आकर पकड़ने वाली है। भरोसा दिलाने के लिए व्यक्ति ने एक फर्जी संदेश भी भेजा।
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हरश्चिंद्र ने कहा कि मेसेज आने ने बाद उन्हें उसकी बातों पर विश्वास हो गया। इसके बाद व्यक्ति ने 50 हजार रुपये की मांग कर मामला सुलझाने का प्रस्ताव रखा। कहा कि घबराहट में मैनें 30 हजार रुपये देने की बात कही। इसके बाद अपने पड़ोसी विरंजन जायसवाल के गूगल पे से 29 हजार 200 रुपये ट्रांसफर कर दिए। रकम भेजने के बाद ठग और पैसे मांगने लगा। दिल्ली न्यायालय के नाम से एनओसी दस्तावेज भी भेजा। जब हरिश्चंद्र ने ये बात मित्रों को बताईं तब उन्हें पता चला कि उनके साथ साइबर फ्रॉड हुआ है। उन्होंने यूपी 112 व साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। प्रभारी निरीक्षक राकेश पाल ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज करके जांच की जा रही है।