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Balrampur News: आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताले, बच्चों के पोषण पर भी संकट
Sun, 09 Aug 2026 10:37 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sun, 09 Aug 2026 10:37 PM IST
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फोटो-8-बलरामपुर के निद्धिपुरवा में बंद आंगनबाड़ी केंद्र ।-संवाद
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हरैया सतघरवा। कुपोषण से लड़ने, नौनिहालों को प्रारंभिक शिक्षा देने और गर्भवती व धात्री महिलाओं तक पोषण संबंधी सुविधाएं पहुंचाने के लिए गांव-गांव संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति चिंताजनक है। स्थानीय विकासखंड में कई केंद्रों का नियमित संचालन नहीं होने की शिकायत सामने आई है। कुछ केंद्रों की पड़ताल के दौरान मौके पर ताले लटके मिले।
हरैया सतघरवा तृतीय, चतुर्थ समेत अन्य आंगनबाड़ी केंद्रों के बारे में ग्रामीण ननके, कृपाराम, कमलेश कुमार और कौशल किशोर ने बताया कि गांव में बने केंद्र अक्सर बंद रहते हैं। कभी-कभार केंद्र खुलता भी है तो एक-दो घंटे बाद ही बंद कर दिया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि केंद्रों के नियमित संचालन नहीं होने से बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा और पोषण संबंधी सुविधाओं का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों, गर्भवती और धात्री महिलाओं तक सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ पहुंचाने के साथ ही बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण पर भी ध्यान दिया जाता है। ऐसे में केंद्रों के बंद रहने से योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों ने अधिकारियों से नियमित निरीक्षण कराने और केंद्रों का निर्धारित समय पर संचालन सुनिश्चित कराने की मांग की है।
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इस संबंध में बाल विकास परियोजना अधिकारी मानवेंद्र सिंह ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों के बंद मिलने की शिकायत की जांच कराई जाएगी। जांच में लापरवाही सामने आने पर संबंधित के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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हरैया सतघरवा तृतीय, चतुर्थ समेत अन्य आंगनबाड़ी केंद्रों के बारे में ग्रामीण ननके, कृपाराम, कमलेश कुमार और कौशल किशोर ने बताया कि गांव में बने केंद्र अक्सर बंद रहते हैं। कभी-कभार केंद्र खुलता भी है तो एक-दो घंटे बाद ही बंद कर दिया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि केंद्रों के नियमित संचालन नहीं होने से बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा और पोषण संबंधी सुविधाओं का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों, गर्भवती और धात्री महिलाओं तक सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ पहुंचाने के साथ ही बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण पर भी ध्यान दिया जाता है। ऐसे में केंद्रों के बंद रहने से योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों ने अधिकारियों से नियमित निरीक्षण कराने और केंद्रों का निर्धारित समय पर संचालन सुनिश्चित कराने की मांग की है।
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इस संबंध में बाल विकास परियोजना अधिकारी मानवेंद्र सिंह ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों के बंद मिलने की शिकायत की जांच कराई जाएगी। जांच में लापरवाही सामने आने पर संबंधित के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।