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Balrampur News: गैलन व बोतल में पेट्रोल-डीजल देने पर रोक, जमाखोरी पर नजर
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बलरामपुर के उतरौला में गैस सिलेंडर के लिए लगी लाइन ।-संवाद
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बलरामपुर। खाड़ी देशों में युद्ध के बीच जिले में जमाखोरों की निगरानी के लिए सतर्कता बढ़ा दी गई है। पेट्रोल टंकियों पर गैलन और बोतलों में तेल देने पर रोक लगा दी गई है। वहीं, उपभोक्ताओं को गैस सिलिंडर देने से मना करने पर प्रशासन ने गैस एजेंसियों को कार्रवाई की चेतावनी दी है। पूर्ति निरीक्षकों की नौ टीमों को नियमित जांच करने और रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने जिला पूर्ति अधिकारी से पूरे जिले की स्थिति की रिपोर्ट मांगी है।
डीजल-पेट्रोल व गैस सिलिंडर की किल्लत की अफवाह फैलाकर जमाखोरों ने शुक्रवार को जिले में स्थिति गंभीर बना दी थी। गैस एजेंसियों ने एक कदम आगे बढ़ाते हुए उपभोक्ताओं को सिलिंडर देने से ही मना करना शुरू कर दिया था। ऐसे में शनिवार को आपूर्ति विभाग ने 42 गैस एजेंसियों के प्रबंधकों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि गैस सिलिंडरों की कोई कमी नहीं है। वितरण की स्थिति भी सामान्य है। कुछ गैस एजेंसियों की ओर से उपभोक्ताओं को सिलिंडर देने से मना करने की सूचना मिली है, जिसकी जांच की जा रही है। 14 किलोग्राम रिफिल गैस सिलिंडर का मूल्य 924 रुपये था, जो शनिवार से 60 रुपये बढ़कर 984 रुपये हो गया है। इससे अधिक मूल्य पर कहीं बिक्री हुई तो कार्रवाई होगी। इसी तरह जिले में 85 पेट्रोल टंकियां हैं, जहां पर्याप्त तेल उपलब्ध है। सभी संचालकों को हिदायत दी गई है कि वाहनों को ही तेल दें, किसी को गैलन और बोतल में तेल न दें।
प्रशासन ने बनाई रणनीति
-सभी पेट्रोलियम कंपनियों के क्षेत्रीय बिक्री अधिकारी बढ़ाएंगे निगरानी
-पेट्रोल टंकियों पर सीसीटीवी कैमरों को किया जाएगा सक्रिय
-क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी एवं पूर्ति निरीक्षक नियमित करेंगे भ्रमण
-तहसीलों में एसडीएम स्तर पर उपभोक्ताओं की समस्या का होगा निस्तारण
-जिला पूर्ति अधिकारी नियमित जिलाधिकारी को उपलब्ध कराएंगे रिपोर्ट
-जमाखोरी या अफवाह फैलाने वालों को चिह्नित करने के साथ करेंगे कार्रवाई
-पेट्रोल टंकियों और गैस एजेंसियों की गोपनीय जांच के लिए बनेगी टीम
जांच एजेंसियां भी सतर्क, जुटा रहीं जानकारी
जिले में सक्रिय जांच एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं। जमाखोरी की सूचना मिलने पर हर स्तर पर निगरानी बढ़ा दी गई है। जिला नेपाल सीमा से सटा होने के कारण संवेदनशील है। ऐसे में हर स्तर की जानकारी जुटाई जा रही है। उतरौला के साथ ही तुलसीपुर तहसील क्षेत्रों में विशेष नजर रखी जा रही है। खुफिया विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि जिले में डीजल-पेट्रोल व रसोई गैस की कमी नहीं है। कुछ जमाखोर अफवाह फैलाकर आम लोगों को प्रभावित करने का प्रयास कर सकते हैं।
जमाखोरी की तो छोड़े नहीं जाएंगे
जिले में पेट्रोल-डीजल और गैस सिलिंडर की कमी नहीं है। जमाखोरी करके अभाव उत्पन्न करने या फिर उपभोक्ताओं को परेशान करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा। उपभोक्ता अफवाह पर ध्यान न दें, कहीं कोई दिक्कत हो तो तहसील के अधिकारियों को सूचित करें।
विपिन कुमार जैन, जिलाधिकारी-बलरामपुर
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डीजल-पेट्रोल व गैस सिलिंडर की किल्लत की अफवाह फैलाकर जमाखोरों ने शुक्रवार को जिले में स्थिति गंभीर बना दी थी। गैस एजेंसियों ने एक कदम आगे बढ़ाते हुए उपभोक्ताओं को सिलिंडर देने से ही मना करना शुरू कर दिया था। ऐसे में शनिवार को आपूर्ति विभाग ने 42 गैस एजेंसियों के प्रबंधकों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
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जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि गैस सिलिंडरों की कोई कमी नहीं है। वितरण की स्थिति भी सामान्य है। कुछ गैस एजेंसियों की ओर से उपभोक्ताओं को सिलिंडर देने से मना करने की सूचना मिली है, जिसकी जांच की जा रही है। 14 किलोग्राम रिफिल गैस सिलिंडर का मूल्य 924 रुपये था, जो शनिवार से 60 रुपये बढ़कर 984 रुपये हो गया है। इससे अधिक मूल्य पर कहीं बिक्री हुई तो कार्रवाई होगी। इसी तरह जिले में 85 पेट्रोल टंकियां हैं, जहां पर्याप्त तेल उपलब्ध है। सभी संचालकों को हिदायत दी गई है कि वाहनों को ही तेल दें, किसी को गैलन और बोतल में तेल न दें।
प्रशासन ने बनाई रणनीति
-सभी पेट्रोलियम कंपनियों के क्षेत्रीय बिक्री अधिकारी बढ़ाएंगे निगरानी
-पेट्रोल टंकियों पर सीसीटीवी कैमरों को किया जाएगा सक्रिय
-क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी एवं पूर्ति निरीक्षक नियमित करेंगे भ्रमण
-तहसीलों में एसडीएम स्तर पर उपभोक्ताओं की समस्या का होगा निस्तारण
-जिला पूर्ति अधिकारी नियमित जिलाधिकारी को उपलब्ध कराएंगे रिपोर्ट
-जमाखोरी या अफवाह फैलाने वालों को चिह्नित करने के साथ करेंगे कार्रवाई
-पेट्रोल टंकियों और गैस एजेंसियों की गोपनीय जांच के लिए बनेगी टीम
जांच एजेंसियां भी सतर्क, जुटा रहीं जानकारी
जिले में सक्रिय जांच एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं। जमाखोरी की सूचना मिलने पर हर स्तर पर निगरानी बढ़ा दी गई है। जिला नेपाल सीमा से सटा होने के कारण संवेदनशील है। ऐसे में हर स्तर की जानकारी जुटाई जा रही है। उतरौला के साथ ही तुलसीपुर तहसील क्षेत्रों में विशेष नजर रखी जा रही है। खुफिया विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि जिले में डीजल-पेट्रोल व रसोई गैस की कमी नहीं है। कुछ जमाखोर अफवाह फैलाकर आम लोगों को प्रभावित करने का प्रयास कर सकते हैं।
जमाखोरी की तो छोड़े नहीं जाएंगे
जिले में पेट्रोल-डीजल और गैस सिलिंडर की कमी नहीं है। जमाखोरी करके अभाव उत्पन्न करने या फिर उपभोक्ताओं को परेशान करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा। उपभोक्ता अफवाह पर ध्यान न दें, कहीं कोई दिक्कत हो तो तहसील के अधिकारियों को सूचित करें।
विपिन कुमार जैन, जिलाधिकारी-बलरामपुर
