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Balrampur News: काला पत्थर से फेरिचे की ओर बढ़ीं बेटियां
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sun, 17 May 2026 11:09 PM IST
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फोटो-25-नेपाल में एवरेस्ट बेस कैंप खुम्बू से काला पत्थर की ओर रवाना होतीं बेटियां ।-स्रोत : स्व
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बलरामपुर। ‘सशक्त बेटियां, सशक्त बलरामपुर’ अभियान के तहत एवरेस्ट फतह करने निकलीं जिले की तीनों बेटियां अब हिमालय की कठिन ऊंचाइयों की ओर बढ़ रही हैं। अभियान के 11वें दिन रविवार सुबह छात्राएं काला पत्थर पहुंचीं। यहां से दोपहर में फेरिचे की ओर रवाना हो गईं।
हैंडबॉल प्रशिक्षक हिना खातून के नेतृत्व में नीलांशु, प्रियंका उपाध्याय और प्रियंका प्रजापति सात मई को बलरामपुर से अभियान के लिए रवाना हुई थीं। नेपाल के रास्ते एवरेस्ट क्षेत्र में पहुंचीं छात्राओं ने कठिन पहाड़ी रास्तों, बर्फीले मौसम और कम ऑक्सीजन जैसी चुनौतियों का सामना करते हुए लगातार अपना सफर जारी रखा। छात्राओं ने पहले एवरेस्ट बेस कैंप तक पहुंचकर सफलता हासिल की और अब अभियान के तहत काला पत्थर शिखर तक पहुंचने में भी कामयाबी पाई। काला पत्थर को एवरेस्ट क्षेत्र का सबसे महत्वपूर्ण व्यू प्वाइंट माना जाता है, जहां से दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट का भव्य दृश्य दिखाई देता है। हजारों फीट की ऊंचाई पर पहुंचकर छात्राओं ने न सिर्फ अपनी हिम्मत का परिचय दिया, बल्कि जिले की अन्य बेटियों के लिए प्रेरणा भी बनीं। नीलांशु कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की छात्रा हैं, जबकि प्रियंका उपाध्याय डीएवी इंटर कॉलेज और प्रियंका प्रजापति कंपोजिट विद्यालय रमनगरा से जुड़ी हैं।
जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने छात्राओं की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि बलरामपुर की बेटियों ने पूरे जिले का नाम रोशन किया है। उनका साहस और आत्मविश्वास अन्य छात्राओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। सीडीओ हिमांशु गुप्ता ने कहा कि यह उपलब्धि केवल तीन छात्राओं की नहीं, बल्कि पूरे जिले की बेटियों के सपनों और हौसलों की जीत है।
हैंडबॉल प्रशिक्षक हिना खातून के नेतृत्व में नीलांशु, प्रियंका उपाध्याय और प्रियंका प्रजापति सात मई को बलरामपुर से अभियान के लिए रवाना हुई थीं। नेपाल के रास्ते एवरेस्ट क्षेत्र में पहुंचीं छात्राओं ने कठिन पहाड़ी रास्तों, बर्फीले मौसम और कम ऑक्सीजन जैसी चुनौतियों का सामना करते हुए लगातार अपना सफर जारी रखा। छात्राओं ने पहले एवरेस्ट बेस कैंप तक पहुंचकर सफलता हासिल की और अब अभियान के तहत काला पत्थर शिखर तक पहुंचने में भी कामयाबी पाई। काला पत्थर को एवरेस्ट क्षेत्र का सबसे महत्वपूर्ण व्यू प्वाइंट माना जाता है, जहां से दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट का भव्य दृश्य दिखाई देता है। हजारों फीट की ऊंचाई पर पहुंचकर छात्राओं ने न सिर्फ अपनी हिम्मत का परिचय दिया, बल्कि जिले की अन्य बेटियों के लिए प्रेरणा भी बनीं। नीलांशु कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की छात्रा हैं, जबकि प्रियंका उपाध्याय डीएवी इंटर कॉलेज और प्रियंका प्रजापति कंपोजिट विद्यालय रमनगरा से जुड़ी हैं।
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जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने छात्राओं की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि बलरामपुर की बेटियों ने पूरे जिले का नाम रोशन किया है। उनका साहस और आत्मविश्वास अन्य छात्राओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। सीडीओ हिमांशु गुप्ता ने कहा कि यह उपलब्धि केवल तीन छात्राओं की नहीं, बल्कि पूरे जिले की बेटियों के सपनों और हौसलों की जीत है।