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Balrampur News: नेपाल सीमा से 11.47 लाख की नशीली दवाओं की खेप पकड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Thu, 16 Apr 2026 11:40 PM IST
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बलरामपुर में नेपाल सीमा पर पकड़े गए तस्करों के साथ मौजूद एसएसबी के जवान ।-स्रोत : विभाग
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बलरामपुर। भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी के खिलाफ बढ़ी चौकसी के बीच बुधवार को एसएसबी नौवीं बटालियन, एफएसडीए और पुलिस की संयुक्त टीम ने नेपाल सीमा से सटे महादेव बांकी-खरवन बांधा क्षेत्र में छापा मारा। टीम ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 11.47 लाख रुपये मूल्य की नशीली व प्रतिबंधित दवाओं की खेप बरामद की है।
संयुक्त टीम में ड्रग इंस्पेक्टर सुमित वर्मा, एसएसबी के जवान और हर्रैया थाने की पुलिस शामिल रही। टीम ने संदिग्ध गतिविधि के आधार पर एक महिंद्रा पिकअप को रोककर तलाशी ली। वाहन में अल्प्राजोलम, ट्रामाडोल, डाइसाइक्लोमिन हाइड्रोक्लोराइड, एसीटामिनोफेन टैबलेट्स और कोडोडेक्स कफ सीरप समेत कुल 35 बॉक्स दवाएं लदी मिलीं। मौके पर ही पांच दवाओं के नमूने जांच के लिए सुरक्षित किए गए। कार्रवाई के दौरान कपिल जायसवाल व आकाश श्रीवास्तव निवासी गोपालपुर, गिलौला (श्रावस्ती) तथा गोविंद सोनी निवासी चिचड़ी खैरा कला, गिलौला (श्रावस्ती) को गिरफ्तार किया गया।
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि बरामद दवाएं अवैध रूप से सीमा पार भेजने या वितरण नेटवर्क में सप्लाई के लिए ले जाई जा रही थीं। यह ऑपरेशन 15 अप्रैल को दोपहर करीब तीन बजे शुरू हुआ और अगले दिन तड़के तीन बजे तक लगातार चला। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे बहराइच के नानपारा रोड स्थित दवा एजेंसी से यह नशीली दवाएं खरीदकर नेपाल में ऊंचे दाम पर बेचते थे। गिरोह के लोग बाइक से पिकअप को एस्कॉर्ट करते हुए सुरक्षित रास्ता बताते थे, ताकि पुलिस की नजर से बचा जा सके। पुलिस ने एक बाइक भी बरामद की है।
सीमा पर बढ़ी निगरानी, तस्करों पर शिकंजा
नेपाल सीमा से सटे इलाकों में हाल के दिनों में तस्करी की घटनाओं को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने निगरानी और सख्त कर दी है। एसएसबी और स्थानीय पुलिस लगातार संयुक्त गश्त, वाहनों की जांच और खुफिया सूचनाओं के आधार पर अभियान चला रही है। इस कार्रवाई को सीमा पार सक्रिय तस्करी नेटवर्क पर बड़ी चोट माना जा रहा है।
एसपी विकास कुमार ने बताया कि तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट, मोटर वाहन अधिनियम तथा ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट 1940 के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। साथ ही पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस खेप की तस्करी के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। विस्तृत जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बरामद दवाएं और मात्रा
पुलिस के मुताबिक, बरामद खेप में कोडोडेक्स कफ सीरप की 7600 बोतल, सिम्प्लेक्स (ट्रामाडोल युक्त) कैप्सूल की 6,000 स्ट्रिप, सिम्प्लेक्स प्लस के 48,000 कैप्सूल व अल्प्राजोलम 0.5 टैबलेट की 30,000 गोलियां हैं। प्रभारी निरीक्षक हरीश सिंह ने बताया कि कुल नशीले पदार्थ का वजन लगभग 7,08,000 मिलीग्राम है। औषधि निरीक्षक सुमित वर्मा ने बताया कि इन दवाओं का नशे के लिए दुरुपयोग किया जा सकता है। फिलहाल अभी इस बात की जांच की जा रही है कि दवाइयां कहीं सरकारी तो नहीं हैं। बाक्स खोले नहीं गए हैं, इसलिए अभी इस बात की जानकारी नहीं हो सकी है।
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संयुक्त टीम में ड्रग इंस्पेक्टर सुमित वर्मा, एसएसबी के जवान और हर्रैया थाने की पुलिस शामिल रही। टीम ने संदिग्ध गतिविधि के आधार पर एक महिंद्रा पिकअप को रोककर तलाशी ली। वाहन में अल्प्राजोलम, ट्रामाडोल, डाइसाइक्लोमिन हाइड्रोक्लोराइड, एसीटामिनोफेन टैबलेट्स और कोडोडेक्स कफ सीरप समेत कुल 35 बॉक्स दवाएं लदी मिलीं। मौके पर ही पांच दवाओं के नमूने जांच के लिए सुरक्षित किए गए। कार्रवाई के दौरान कपिल जायसवाल व आकाश श्रीवास्तव निवासी गोपालपुर, गिलौला (श्रावस्ती) तथा गोविंद सोनी निवासी चिचड़ी खैरा कला, गिलौला (श्रावस्ती) को गिरफ्तार किया गया।
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प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि बरामद दवाएं अवैध रूप से सीमा पार भेजने या वितरण नेटवर्क में सप्लाई के लिए ले जाई जा रही थीं। यह ऑपरेशन 15 अप्रैल को दोपहर करीब तीन बजे शुरू हुआ और अगले दिन तड़के तीन बजे तक लगातार चला। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे बहराइच के नानपारा रोड स्थित दवा एजेंसी से यह नशीली दवाएं खरीदकर नेपाल में ऊंचे दाम पर बेचते थे। गिरोह के लोग बाइक से पिकअप को एस्कॉर्ट करते हुए सुरक्षित रास्ता बताते थे, ताकि पुलिस की नजर से बचा जा सके। पुलिस ने एक बाइक भी बरामद की है।
सीमा पर बढ़ी निगरानी, तस्करों पर शिकंजा
नेपाल सीमा से सटे इलाकों में हाल के दिनों में तस्करी की घटनाओं को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने निगरानी और सख्त कर दी है। एसएसबी और स्थानीय पुलिस लगातार संयुक्त गश्त, वाहनों की जांच और खुफिया सूचनाओं के आधार पर अभियान चला रही है। इस कार्रवाई को सीमा पार सक्रिय तस्करी नेटवर्क पर बड़ी चोट माना जा रहा है।
एसपी विकास कुमार ने बताया कि तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट, मोटर वाहन अधिनियम तथा ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट 1940 के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। साथ ही पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस खेप की तस्करी के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। विस्तृत जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बरामद दवाएं और मात्रा
पुलिस के मुताबिक, बरामद खेप में कोडोडेक्स कफ सीरप की 7600 बोतल, सिम्प्लेक्स (ट्रामाडोल युक्त) कैप्सूल की 6,000 स्ट्रिप, सिम्प्लेक्स प्लस के 48,000 कैप्सूल व अल्प्राजोलम 0.5 टैबलेट की 30,000 गोलियां हैं। प्रभारी निरीक्षक हरीश सिंह ने बताया कि कुल नशीले पदार्थ का वजन लगभग 7,08,000 मिलीग्राम है। औषधि निरीक्षक सुमित वर्मा ने बताया कि इन दवाओं का नशे के लिए दुरुपयोग किया जा सकता है। फिलहाल अभी इस बात की जांच की जा रही है कि दवाइयां कहीं सरकारी तो नहीं हैं। बाक्स खोले नहीं गए हैं, इसलिए अभी इस बात की जानकारी नहीं हो सकी है।
