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Balrampur News: मौसम में बदलाव से ओपीडी में उल्टी-दस्त के मरीजों की कतार
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Tue, 12 May 2026 11:29 PM IST
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फोटो-1-बलरामपुर के जिला मेमोरियल अस्पताल में मरीजों की जांच करते चिकित्सक ।-संवाद
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बलरामपुर। मौसम में बदलाव और खानपान में लापरवाही के कारण इन दिनों उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। जिला मेमोरियल अस्पताल में ओपीडी में बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। चिकित्सक लोगों को खानपान और धूप से बचाव की सलाह दे रहे हैं। जिला मेमोरियल अस्पताल में मंगलवार को 380 मरीजों की ओपीडी हुई।
जिला मेमोरियल अस्पताल की ओपीडी में मंगलवार को मरीजों की काफी भीड़ दिखी। कमरा नंबर दो में चेस्ट फिजिशियन डॉ. गिरधर चौहान व एनसीडी चिकित्साधिकारी डॉ. ऋषि श्रीवास्तव मरीजों से घिरे हुए थे। कक्ष के बाहर भी मरीज बैठकर अपनी बारी की प्रतीक्षा कर रहे थे। रोशनी ने बताया कि उनकी बेटी को पेट दर्द व दस्त की समस्या है, डॉक्टर ने दवा लिखा है। फागू ने बताया कि उन्हें उल्टी हो रही है, कमजोरी है। रुखसार व सद्दाम भी दस्त व बुखार की दवा लेने आए थे। एनसीडी चिकित्साधिकारी डॉ. ऋषि श्रीवास्तव ने बताया कि शादी-विवाह में ज्यादा तला-भुना खाद्य पदार्थों के खाने से दस्त व पेट दर्द की समस्या बढ़ी है। लोगों को अपने सेहत के प्रति ध्यान रखना चाहिए।
स्वस्थ रहने के लिए अपनाएं ये सुझाव
चेस्ट फिजिशियन डॉ. गिरधर चौहान ने कहा कि गर्मी के मौसम में स्वस्थ रहने के लिए विशेष ध्यान रखना चाहिए। गर्मी में पसीने के रूप में शरीर का पानी बाहर निकल जाता है। ऐसे में कमजोरी महसूस होने लगती है। शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए दिन भर में खूब पानी पीना चाहिए। समय-समय पर नींबू पानी, बेल का शरबत, गन्ने का रस व अन्य पेय पदार्थों का सेवन करना चाहिए। अत्यधिक धूप के समय दोपहर 12 से तीन बजे के बीच बाहर निकलने से बचना चाहिए। जरूरी काम हो तो शरीर व सिर को ढककर बाहर जाएं। गर्मी में तला-भुना खाने के बजाय ताजे फल और सब्जियों का सेवन करना अच्छा रहेगा।
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जिला मेमोरियल अस्पताल की ओपीडी में मंगलवार को मरीजों की काफी भीड़ दिखी। कमरा नंबर दो में चेस्ट फिजिशियन डॉ. गिरधर चौहान व एनसीडी चिकित्साधिकारी डॉ. ऋषि श्रीवास्तव मरीजों से घिरे हुए थे। कक्ष के बाहर भी मरीज बैठकर अपनी बारी की प्रतीक्षा कर रहे थे। रोशनी ने बताया कि उनकी बेटी को पेट दर्द व दस्त की समस्या है, डॉक्टर ने दवा लिखा है। फागू ने बताया कि उन्हें उल्टी हो रही है, कमजोरी है। रुखसार व सद्दाम भी दस्त व बुखार की दवा लेने आए थे। एनसीडी चिकित्साधिकारी डॉ. ऋषि श्रीवास्तव ने बताया कि शादी-विवाह में ज्यादा तला-भुना खाद्य पदार्थों के खाने से दस्त व पेट दर्द की समस्या बढ़ी है। लोगों को अपने सेहत के प्रति ध्यान रखना चाहिए।
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स्वस्थ रहने के लिए अपनाएं ये सुझाव
चेस्ट फिजिशियन डॉ. गिरधर चौहान ने कहा कि गर्मी के मौसम में स्वस्थ रहने के लिए विशेष ध्यान रखना चाहिए। गर्मी में पसीने के रूप में शरीर का पानी बाहर निकल जाता है। ऐसे में कमजोरी महसूस होने लगती है। शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए दिन भर में खूब पानी पीना चाहिए। समय-समय पर नींबू पानी, बेल का शरबत, गन्ने का रस व अन्य पेय पदार्थों का सेवन करना चाहिए। अत्यधिक धूप के समय दोपहर 12 से तीन बजे के बीच बाहर निकलने से बचना चाहिए। जरूरी काम हो तो शरीर व सिर को ढककर बाहर जाएं। गर्मी में तला-भुना खाने के बजाय ताजे फल और सब्जियों का सेवन करना अच्छा रहेगा।