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Balrampur News: ओपीडी में नहीं मिले आठ चिकित्सक, रोका वेतन
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Tue, 12 May 2026 11:17 PM IST
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फोटो-11-बलरामपुर के संयुक्त जिला अस्पताल का निरीक्षण करते डीएम विपिन कुमार जैन ।-स्रोत : विभाग
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बलरामपुर। संयुक्त जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन मंगलवार की सुबह नौ बजे निरीक्षण किया। डीएम के निरीक्षण में स्त्री रोग विशेषज्ञ व सर्जन सहित अधिकांश चिकित्सकों की कुर्सी खाली मिली। ओपीडी से गायब रहने पर डीएम भड़क गए। सभी का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण मांगा है।
डीएम ओपीडी शुरू होते ही सुबह ही अस्पताल पहुंच गए। ओपीडी में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. केके बरनवाल, डॉ. अभिनव श्रीवास्तव, डॉ. सिद्धार्थ तिवारी, सर्जन डॉ. आरडी रमन, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मेधावी सिंह, फिजिशियन डॉ. सौरभ गुप्त, चिकित्साधिकारी डॉ. धर्मवीर व डॉ. तेजवीर ड्यूटी से गायब मिले। कक्ष में चिकित्सकों की कुर्सी खाली मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताई। सभी का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है। डीएम ने सीएमएस डॉ. राजकुमार को सख्त निर्देश दिया कि ओपीडी में चिकित्सकों की समय से उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। यदि चिकित्सक समय से नहीं आते हैं तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए पत्र भेजा जाए। डीएम ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले चिकित्सकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद डीएम ने अल्ट्रासाउंड कक्ष, एक्सरे व सिटी स्कैन कक्ष का निरीक्षण किया। ओटी व लैब में चिकित्सा संसाधनों की जानकारी ली। ओपीडी में खड़े मरीजों से संवाद कर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता परखी।
कार्यालय में चार बाबू भी मिले गैर हाजिर
सीएमएस कार्यालय में चार बाबू भी बिना सूचना के ड्यूटी से गायब मिले। लिपिक कोमल प्रसाद, अजय कुमार, अलका व राममूरत बाबू अनुपस्थित पाए गए। इसी तरह कई संविदा कर्मचारी भी ड्यूटी से नदारद रहे। डीएम ने सख्त रुख अपनाते हुए इन सभी का भी वेतन रोक दिया है।
क्रिटिकल केयर यूनिट का किया निरीक्षण
संयुक्त जिला चिकित्सालय परिसर में निर्माणाधीन 100 बेड के क्रिटिकल केयर यूनिट का भी जिलाधिकारी ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया। कार्यदायी संस्था को कार्य में तेजी लाने व निर्धारित समयावधि के अंदर गुणवत्तापूर्ण ढंग से निर्माण कार्य पूर्ण कराने का निर्देश दिया।
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डीएम ओपीडी शुरू होते ही सुबह ही अस्पताल पहुंच गए। ओपीडी में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. केके बरनवाल, डॉ. अभिनव श्रीवास्तव, डॉ. सिद्धार्थ तिवारी, सर्जन डॉ. आरडी रमन, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मेधावी सिंह, फिजिशियन डॉ. सौरभ गुप्त, चिकित्साधिकारी डॉ. धर्मवीर व डॉ. तेजवीर ड्यूटी से गायब मिले। कक्ष में चिकित्सकों की कुर्सी खाली मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताई। सभी का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है। डीएम ने सीएमएस डॉ. राजकुमार को सख्त निर्देश दिया कि ओपीडी में चिकित्सकों की समय से उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। यदि चिकित्सक समय से नहीं आते हैं तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए पत्र भेजा जाए। डीएम ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले चिकित्सकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद डीएम ने अल्ट्रासाउंड कक्ष, एक्सरे व सिटी स्कैन कक्ष का निरीक्षण किया। ओटी व लैब में चिकित्सा संसाधनों की जानकारी ली। ओपीडी में खड़े मरीजों से संवाद कर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता परखी।
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कार्यालय में चार बाबू भी मिले गैर हाजिर
सीएमएस कार्यालय में चार बाबू भी बिना सूचना के ड्यूटी से गायब मिले। लिपिक कोमल प्रसाद, अजय कुमार, अलका व राममूरत बाबू अनुपस्थित पाए गए। इसी तरह कई संविदा कर्मचारी भी ड्यूटी से नदारद रहे। डीएम ने सख्त रुख अपनाते हुए इन सभी का भी वेतन रोक दिया है।
क्रिटिकल केयर यूनिट का किया निरीक्षण
संयुक्त जिला चिकित्सालय परिसर में निर्माणाधीन 100 बेड के क्रिटिकल केयर यूनिट का भी जिलाधिकारी ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया। कार्यदायी संस्था को कार्य में तेजी लाने व निर्धारित समयावधि के अंदर गुणवत्तापूर्ण ढंग से निर्माण कार्य पूर्ण कराने का निर्देश दिया।