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Balrampur News: दूर हुए होम्योपैथिक अस्पताल, महंगा हुआ मरीजों का इलाज
Thu, 06 Aug 2026 10:59 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Thu, 06 Aug 2026 10:59 PM IST
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फोटो-20-बलरामपुर के जरवा में बंद होम्योपैथिक चिकित्सक।-संवाद
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बलरामपुर/जरवा। जिले के गैसड़ी और पचपेड़वा क्षेत्र में संचालित तीन राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालयों का संचालन उनके पुराने स्थानों से बंद कर दूसरे ब्लॉकों में स्थानांतरित कर दिया गया है। इससे जरवा, मनसुरवा और मड़नी क्षेत्र के मरीजों को इलाज के लिए अब 10 से 15 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। वहीं, होम्योपैथी विभाग का कहना है कि जिला प्रशासन के निर्देश पर अस्पतालों को सरकारी भवनों में स्थानांतरित किया गया है।
गैसड़ी ब्लॉक के जरवा, मनसुरवा तथा पचपेड़वा क्षेत्र के मड़नी में दशकों से राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय संचालित थे। बीते माह जिला प्रशासन के निर्देश पर इन तीनों चिकित्सालयों को उनके पुराने स्थानों से हटाकर अन्य सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में संचालित किया जाने लगा। अब जरवा चिकित्सालय का संचालन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महदेइया बाजार, मड़नी चिकित्सालय का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रेहरा बाजार तथा मनसुरवा चिकित्सालय का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरैया सतघरवा से किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे क्षेत्र के मरीजों को काफी असुविधा हो रही है। प्रधान अरशद खान सहित शकील खान, घनश्याम, मदनलाल, अजय यादव, अनिरुद्ध पांडेय, रुखसाना, नीरज, खेम सिंह, हरीश मिश्र और सतगुरु ने बताया कि अस्पतालों को बिना स्थानीय सुविधा का ध्यान रखे स्थानांतरित कर दिया गया। अब इलाज के लिए 10 से 15 किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है।
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किराये के भवनों में संचालित थे चिकित्सालय
जरवा, मनसुरवा और मड़नी के राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय किराये के भवनों में संचालित हो रहे थे। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में सभी अस्पतालों को सरकारी भवनों में संचालित करने का निर्णय लिया गया था। इसी के तहत इन अस्पतालों को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में स्थानांतरित किया गया है, जिससे विभाग का किराया व्यय भी समाप्त होगा।
सभी ब्लॉकों में उपलब्धता के लिए किया गया स्थानांतरण
जिले में वर्तमान में 14 राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय संचालित हैं। इनमें पहले 10 चिकित्सालय केवल गैसड़ी और पचपेड़वा ब्लॉक में थे। दो चिकित्सालय जिला मुख्यालय, एक उतरौला और एक तुलसीपुर में संचालित है। सभी ब्लॉकों में होम्योपैथिक सेवाओं का संतुलित विस्तार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।
कोट
जिले के सभी ब्लॉकों में राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अस्पतालों का स्थानांतरण किया गया है। अब इनका संचालन सरकारी भवनों से किया जा रहा है।
डॉ. वीरपाल सिंह, जिला होम्योपैथी चिकित्साधिकारी, बलरामपुर
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गैसड़ी ब्लॉक के जरवा, मनसुरवा तथा पचपेड़वा क्षेत्र के मड़नी में दशकों से राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय संचालित थे। बीते माह जिला प्रशासन के निर्देश पर इन तीनों चिकित्सालयों को उनके पुराने स्थानों से हटाकर अन्य सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में संचालित किया जाने लगा। अब जरवा चिकित्सालय का संचालन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महदेइया बाजार, मड़नी चिकित्सालय का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रेहरा बाजार तथा मनसुरवा चिकित्सालय का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरैया सतघरवा से किया जा रहा है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे क्षेत्र के मरीजों को काफी असुविधा हो रही है। प्रधान अरशद खान सहित शकील खान, घनश्याम, मदनलाल, अजय यादव, अनिरुद्ध पांडेय, रुखसाना, नीरज, खेम सिंह, हरीश मिश्र और सतगुरु ने बताया कि अस्पतालों को बिना स्थानीय सुविधा का ध्यान रखे स्थानांतरित कर दिया गया। अब इलाज के लिए 10 से 15 किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है।
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किराये के भवनों में संचालित थे चिकित्सालय
जरवा, मनसुरवा और मड़नी के राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय किराये के भवनों में संचालित हो रहे थे। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में सभी अस्पतालों को सरकारी भवनों में संचालित करने का निर्णय लिया गया था। इसी के तहत इन अस्पतालों को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में स्थानांतरित किया गया है, जिससे विभाग का किराया व्यय भी समाप्त होगा।
सभी ब्लॉकों में उपलब्धता के लिए किया गया स्थानांतरण
जिले में वर्तमान में 14 राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय संचालित हैं। इनमें पहले 10 चिकित्सालय केवल गैसड़ी और पचपेड़वा ब्लॉक में थे। दो चिकित्सालय जिला मुख्यालय, एक उतरौला और एक तुलसीपुर में संचालित है। सभी ब्लॉकों में होम्योपैथिक सेवाओं का संतुलित विस्तार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।
कोट
जिले के सभी ब्लॉकों में राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अस्पतालों का स्थानांतरण किया गया है। अब इनका संचालन सरकारी भवनों से किया जा रहा है।
डॉ. वीरपाल सिंह, जिला होम्योपैथी चिकित्साधिकारी, बलरामपुर