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Balrampur News: थारू किशोरी से दुष्कर्म की फिर शुरू हुई जांच
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Mon, 22 Jun 2026 10:55 PM IST
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पचपेड़वा में मामले की जांच करने पहुंची एसटीएफ की टीम ।
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बलरामपुर। भारत-नेपाल सीमा से सटे पचपेड़वा क्षेत्र में थारू किशोरी से दुष्कर्म और अवैध गर्भपात के चर्चित मामले में हाईकोर्ट के निर्देश पर एसटीएफ ने जांच शुरू कर दी है। सोमवार को एसटीएफ की टीम थाने पहुंची। मामले से जुड़े पुलिस तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के बयान दर्ज किए। टीम ने पुराने अभिलेखों और विवेचना से संबंधित दस्तावेजों की भी पड़ताल की।
यह मामला पचपेड़वा क्षेत्र के जूड़ीकुइंया स्थित कथित रूप से बिना पंजीकरण संचालित नूर हेल्थ एंड फिजियोथेरेपी सेंटर से जुड़ा है। आरोप था कि एक नाबालिग थारू किशोरी को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया गया। गर्भ ठहरने पर अवैध रूप से उसका गर्भपात कराया गया। पीड़िता की तहरीर पर उस समय पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। स्वास्थ्य विभाग ने क्लीनिक को सील करते हुए संचालक के खिलाफ भी कार्रवाई कराई थी।
सोमवार को एसटीएफ की मौजूदगी से पुलिस और स्वास्थ्य विभाग में हलचल रही। संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए। प्रभारी निरीक्षक ओपी सिंह चौहान ने बताया कि हाईकोर्ट के निर्देश पर एसटीएफ जांच कर रही है। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने कहा कि यह पुराने मामले की जांच है। एसटीएफ को पूरा सहयोग दिया जा रहा है।
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यह मामला पचपेड़वा क्षेत्र के जूड़ीकुइंया स्थित कथित रूप से बिना पंजीकरण संचालित नूर हेल्थ एंड फिजियोथेरेपी सेंटर से जुड़ा है। आरोप था कि एक नाबालिग थारू किशोरी को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया गया। गर्भ ठहरने पर अवैध रूप से उसका गर्भपात कराया गया। पीड़िता की तहरीर पर उस समय पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। स्वास्थ्य विभाग ने क्लीनिक को सील करते हुए संचालक के खिलाफ भी कार्रवाई कराई थी।
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सोमवार को एसटीएफ की मौजूदगी से पुलिस और स्वास्थ्य विभाग में हलचल रही। संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए। प्रभारी निरीक्षक ओपी सिंह चौहान ने बताया कि हाईकोर्ट के निर्देश पर एसटीएफ जांच कर रही है। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने कहा कि यह पुराने मामले की जांच है। एसटीएफ को पूरा सहयोग दिया जा रहा है।