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Balrampur News: ऑनलाइन होगी स्कूली वाहनों के फिटनेस की जांच, पोर्टल तैयार
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sun, 12 Apr 2026 10:56 PM IST
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फोटो-3- उतरौला में स्कूल प्रबंधक को ऑनलाइन डाटा फीडिंग के बारे में जानकारी देती टीम। स्रोत विभा
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बलरामपुर। नौनिहालों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग की तरफ से हाईटेक व्यवस्था की गई है। अब जिले में संचालित सभी स्कूली वाहनों के फिटनेस की ऑनलाइन निगरानी की जाएगी। अनफिट वाहनों का संचालन रोकते हुए प्रबंधकों को नोटिस भी दिया जाएगा।
स्कूली वाहनों की ऑनलाइन निगरानी के लिए विभाग की तरफ से उत्तर प्रदेश इंटीग्रेटेड स्कूल वाहन मॉनीटरिंग (यूपीआईएसवीएम) पोर्टल लांच किया गया है। इस पोर्टल पर जिले में संचालित सभी छोटे-बड़े स्कूली वाहनों के फिटनेस से संबंधित ब्योरा ऑनलाइन दर्ज किया जा रहा है। परिवहन विभाग के अनुसार जिले में इस समय 170 प्राइवेट स्कूलों में 371 छोटे-बड़े स्कूली वाहनों का संचालन किया जा रहा है। पंजीकृत सभी वाहनों का हर साल फिटनेस कराना अनिवार्य होता है। पहले फिटनेस से संबंधित सभी दस्तावेज विभाग में जमा करने होते थे और विभागीय अधिकारियों के सत्यापन के बाद फिट-अनफिट का निर्धारण किया जाता था। अब सभी ब्योरा ऑनलाइन दर्ज होने के बाद शासन स्तर से निगरानी की जाएगी। सभी स्कूल संचालकों को 15 अप्रैल तक ऑनलाइन ब्योरा अपलोड करने का निर्देश दिया गया है। हालांकि अब तक कितने स्कूली वाहनों का डाटा फीड हो पाया है, इसकी जानकारी नहीं है।
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पोर्टल पर बनानी होगी आईडी
मोटरयान निरीक्षक प्रशांत कुमार सिंह ने बताया कि इंटीग्रेटेड स्कूल वाहन मॉनीटरिंग पोर्टल पर सभी स्कूल वाहन संचालकों को की आईडी बनानी होगी। उसी आईडी पर वाहन संख्या, फिटनेस सर्टिफिकेट, परमिट, बीमा, ड्राइवर का लाइसेंस, ड्राइवर का चरित्र प्रमाण पत्र व प्रदूषण सर्टिफिकेट सहित अन्य विवरण फीड करना होगा। डाटा फीड करने के लिए 15 अप्रैल तक का मौका दिया गया है। 16 अप्रैल से विभागीय टीम वाहनों की जांच करेगी। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन मॉनीटरिंग से वाहनों के संचालन में पारदर्शिता आएगी। स्कूल प्रबंधकों को डाटा फीडिंग के बारे में जानकारी देने के लिए परिवहन विभाग की अलग-अलग टीमें लगाई गई हैं।
32 वाहन संचालकों को दिया गया है नोटिस
फिटनेस अवधि खत्म होने वाले 32 स्कूली वाहन संचालकाें की नोटिस दिया गया है। निर्धारित अवधि में फिटनेस, प्रदूषण जांच सहित अन्य प्रपत्र तैयार कराकर पोर्टल पर अपलोड कराने का निर्देश दिया गया है।
स्कूल प्रबंधन को देना चाहिए ध्यान
सिविल लाइन की रिंकी कश्यप व पहलवारा की सुमन तिवारी का कहना है कि स्कूली वाहनों के फिटनेस व अन्य मानक पूरा हों, इसका ध्यान प्रबंधकों को देना चाहिए। प्रिंसिपल व प्रबंधक को वाहन की स्थिति की निगरानी करनी चाहिए। अभिभावक हर महीने मोटी फीस देते हैं तो बच्चों की सुरक्षा पर ध्यान भी देना चाहिए।
एआरटीओ ब्रजेश ने बताया कि 15 अप्रैल के बाद परिवहन विभाग की टीम सभी स्कूली वाहनों के भौतिक स्थिति का निरीक्षण करेगी। ऑनलाइन दर्ज ब्योरा के आधार पर फिटनेस की जांच की जाएगी। यदि स्कूली वाहनों में सुरक्षा के मानकों में अनदेखी पाई जाती है तो उस वाहन का संचालन नहीं होने दिया जाएगा।
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स्कूली वाहनों की ऑनलाइन निगरानी के लिए विभाग की तरफ से उत्तर प्रदेश इंटीग्रेटेड स्कूल वाहन मॉनीटरिंग (यूपीआईएसवीएम) पोर्टल लांच किया गया है। इस पोर्टल पर जिले में संचालित सभी छोटे-बड़े स्कूली वाहनों के फिटनेस से संबंधित ब्योरा ऑनलाइन दर्ज किया जा रहा है। परिवहन विभाग के अनुसार जिले में इस समय 170 प्राइवेट स्कूलों में 371 छोटे-बड़े स्कूली वाहनों का संचालन किया जा रहा है। पंजीकृत सभी वाहनों का हर साल फिटनेस कराना अनिवार्य होता है। पहले फिटनेस से संबंधित सभी दस्तावेज विभाग में जमा करने होते थे और विभागीय अधिकारियों के सत्यापन के बाद फिट-अनफिट का निर्धारण किया जाता था। अब सभी ब्योरा ऑनलाइन दर्ज होने के बाद शासन स्तर से निगरानी की जाएगी। सभी स्कूल संचालकों को 15 अप्रैल तक ऑनलाइन ब्योरा अपलोड करने का निर्देश दिया गया है। हालांकि अब तक कितने स्कूली वाहनों का डाटा फीड हो पाया है, इसकी जानकारी नहीं है।
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पोर्टल पर बनानी होगी आईडी
मोटरयान निरीक्षक प्रशांत कुमार सिंह ने बताया कि इंटीग्रेटेड स्कूल वाहन मॉनीटरिंग पोर्टल पर सभी स्कूल वाहन संचालकों को की आईडी बनानी होगी। उसी आईडी पर वाहन संख्या, फिटनेस सर्टिफिकेट, परमिट, बीमा, ड्राइवर का लाइसेंस, ड्राइवर का चरित्र प्रमाण पत्र व प्रदूषण सर्टिफिकेट सहित अन्य विवरण फीड करना होगा। डाटा फीड करने के लिए 15 अप्रैल तक का मौका दिया गया है। 16 अप्रैल से विभागीय टीम वाहनों की जांच करेगी। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन मॉनीटरिंग से वाहनों के संचालन में पारदर्शिता आएगी। स्कूल प्रबंधकों को डाटा फीडिंग के बारे में जानकारी देने के लिए परिवहन विभाग की अलग-अलग टीमें लगाई गई हैं।
32 वाहन संचालकों को दिया गया है नोटिस
फिटनेस अवधि खत्म होने वाले 32 स्कूली वाहन संचालकाें की नोटिस दिया गया है। निर्धारित अवधि में फिटनेस, प्रदूषण जांच सहित अन्य प्रपत्र तैयार कराकर पोर्टल पर अपलोड कराने का निर्देश दिया गया है।
स्कूल प्रबंधन को देना चाहिए ध्यान
सिविल लाइन की रिंकी कश्यप व पहलवारा की सुमन तिवारी का कहना है कि स्कूली वाहनों के फिटनेस व अन्य मानक पूरा हों, इसका ध्यान प्रबंधकों को देना चाहिए। प्रिंसिपल व प्रबंधक को वाहन की स्थिति की निगरानी करनी चाहिए। अभिभावक हर महीने मोटी फीस देते हैं तो बच्चों की सुरक्षा पर ध्यान भी देना चाहिए।
एआरटीओ ब्रजेश ने बताया कि 15 अप्रैल के बाद परिवहन विभाग की टीम सभी स्कूली वाहनों के भौतिक स्थिति का निरीक्षण करेगी। ऑनलाइन दर्ज ब्योरा के आधार पर फिटनेस की जांच की जाएगी। यदि स्कूली वाहनों में सुरक्षा के मानकों में अनदेखी पाई जाती है तो उस वाहन का संचालन नहीं होने दिया जाएगा।