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Balrampur News: चार साल बाद पप्पू हत्याकांड का फैसला, दो को उम्रकैद
Tue, 11 Aug 2026 10:50 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Tue, 11 Aug 2026 10:50 PM IST
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फोटो-40-फिरोज पप्पू।-फाइल फोटो
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बलरामपुर। बहुचर्चित फिरोज अहमद उर्फ पप्पू हत्याकांड में करीब चार साल बाद मंगलवार को अदालत ने फैसला सुनाया। एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश प्रदीप कुमार तृतीय ने मेराजुल हक और महफूज को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने दोनों पर एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की राशि में से 80-80 हजार रुपये मृतक की पत्नी को दिए जाएंगे।
चार जनवरी 2022 की रात तुलसीपुर-जरवा मार्ग पर तत्कालीन नगर पंचायत अध्यक्ष फिरोज अहमद उर्फ पप्पू की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद मृतक के भाई अफरोज की तहरीर पर तुलसीपुर थाने में पूर्व सांसद रिजवान जहीर, उनकी बेटी जेबा रिजवान, दामाद रमीज नेमत, मेराजुल हक और महफूज के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने नौ जनवरी 2022 को पूर्व सांसद रिजवान जहीर समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामला चर्चित होने के कारण इसकी सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट में हुई। करीब चार साल चली सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष ने अदालत के समक्ष अपने साक्ष्य और तर्क प्रस्तुत किए। अभियोजन की ओर से 13 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। पत्रावली में उपलब्ध अन्य साक्ष्यों को भी अदालत के समक्ष रखा गया।
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अंतिम बहस पूरी होने के बाद सात अगस्त को अदालत ने पूर्व सांसद रिजवान जहीर, उनकी बेटी जेबा रिजवान और दामाद रमीज नेमत को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया था। वहीं, मेराजुल हक और महफूज के संबंध में फैसला 11 अगस्त के लिए सुरक्षित रखा गया था।
मंगलवार को अदालत ने सुरक्षित फैसला सुनाते हुए दोनों को हत्या का दोषी करार दिया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। अदालत ने अर्थदंड में से 80-80 हजार रुपये मृतक की पत्नी को दिए जाने का आदेश दिया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि अभियोजन की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है। सरकार न्यायालय के निर्णय और पत्रावली का अध्ययन करने के बाद विधिक राय के आधार पर आगे की कार्रवाई और अपील के संबंध में निर्णय लेगी।
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चार जनवरी 2022 की रात तुलसीपुर-जरवा मार्ग पर तत्कालीन नगर पंचायत अध्यक्ष फिरोज अहमद उर्फ पप्पू की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद मृतक के भाई अफरोज की तहरीर पर तुलसीपुर थाने में पूर्व सांसद रिजवान जहीर, उनकी बेटी जेबा रिजवान, दामाद रमीज नेमत, मेराजुल हक और महफूज के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने नौ जनवरी 2022 को पूर्व सांसद रिजवान जहीर समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामला चर्चित होने के कारण इसकी सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट में हुई। करीब चार साल चली सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष ने अदालत के समक्ष अपने साक्ष्य और तर्क प्रस्तुत किए। अभियोजन की ओर से 13 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। पत्रावली में उपलब्ध अन्य साक्ष्यों को भी अदालत के समक्ष रखा गया।
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अंतिम बहस पूरी होने के बाद सात अगस्त को अदालत ने पूर्व सांसद रिजवान जहीर, उनकी बेटी जेबा रिजवान और दामाद रमीज नेमत को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया था। वहीं, मेराजुल हक और महफूज के संबंध में फैसला 11 अगस्त के लिए सुरक्षित रखा गया था।
मंगलवार को अदालत ने सुरक्षित फैसला सुनाते हुए दोनों को हत्या का दोषी करार दिया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। अदालत ने अर्थदंड में से 80-80 हजार रुपये मृतक की पत्नी को दिए जाने का आदेश दिया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि अभियोजन की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है। सरकार न्यायालय के निर्णय और पत्रावली का अध्ययन करने के बाद विधिक राय के आधार पर आगे की कार्रवाई और अपील के संबंध में निर्णय लेगी।

फोटो-40-फिरोज पप्पू।-फाइल फोटो