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Balrampur News: सुदामा चरित्र से मिलती है सच्ची मित्रता व भक्ति की सीख
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बलरामपुर। राधेश्याम नगर भटपुरवा चौराहा पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शनिवार रात सुदामा चरित्र का वर्णन सुनकर श्रोता भाव विभोर हो गए। प्रवाचक पंडित रसिक मोहन शुक्ल ने सुदामा जी और भगवान श्रीकृष्ण की मित्रता का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि यह चरित्र सच्ची मित्रता, विनम्रता और निष्काम भक्ति का अद्भुत उदाहरण है।
भाजपा अवध क्षेत्र के सह संयोजक विनय कुमार मिश्र ने व्यास गद्दी की पूजा-अर्चना कर कथा का शुभारंभ कराया। प्रवाचक ने कथा सुनाते हुए कहा कि अत्यंत निर्धन सुदामा जी अपने बालसखा श्रीकृष्ण से मिलने द्वारका पहुंचे। फटे वस्त्र, दुर्बल शरीर और मन में संकोच लिए सुदामा जी जब भगवान के सामने पहुंचे तो श्रीकृष्ण ने उन्हें गले लगाकर सच्चे मित्र का सम्मान दिया। कहा कि सुदामा ने कभी धन या वैभव की कामना नहीं की, बल्कि उनका हृदय केवल प्रेम और श्रद्धा से भरा था।
कथा में सुदामा जी द्वारा लाए गए चावल को भगवान श्रीकृष्ण द्वारा प्रेमपूर्वक स्वीकार करने का प्रसंग सुनकर पंडाल में मौजूद श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। कथा में यह संदेश दिया गया कि भगवान भाव के भूखे होते हैं, दिखावे और धन के नहीं। प्रवाचक ने कहा कि सुदामा चरित्र हमें सिखाता है कि सच्ची मित्रता और भक्ति जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन के साथ कथा का आनंद लिया। कथा की समाप्ति पर आयोजक अखिलेश्वर तिवारी ने श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया।
इस अवसर पर मुख्य यजमान जामवंती देवी, ओम प्रकाश तिवारी, उमेश तिवारी, अवधेश मणि तिवारी, राम कुमार मिश्र, आनंद मणि तिवारी, वेद प्रकाश, उमापति तिवारी, जय प्रकाश तिवारी व अंबुज भार्गव सहित तमाम कथा प्रेमी मौजूद रहे।
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कथा में सुदामा जी द्वारा लाए गए चावल को भगवान श्रीकृष्ण द्वारा प्रेमपूर्वक स्वीकार करने का प्रसंग सुनकर पंडाल में मौजूद श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। कथा में यह संदेश दिया गया कि भगवान भाव के भूखे होते हैं, दिखावे और धन के नहीं। प्रवाचक ने कहा कि सुदामा चरित्र हमें सिखाता है कि सच्ची मित्रता और भक्ति जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन के साथ कथा का आनंद लिया। कथा की समाप्ति पर आयोजक अखिलेश्वर तिवारी ने श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया।
इस अवसर पर मुख्य यजमान जामवंती देवी, ओम प्रकाश तिवारी, उमेश तिवारी, अवधेश मणि तिवारी, राम कुमार मिश्र, आनंद मणि तिवारी, वेद प्रकाश, उमापति तिवारी, जय प्रकाश तिवारी व अंबुज भार्गव सहित तमाम कथा प्रेमी मौजूद रहे।