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Balrampur News: तेंदुए ने झपट्टा मार बकरी को दबोचा
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जरवा। तुलसीपुर रेंज के ग्राम हलौरा में सोमवार शाम तेंदुए के हमले से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। बकरी चराने गए पशुपालकों के सामने ही तेंदुए ने झपट्टा मारकर एक बकरी को दबोच लिया। ग्रामीणों के शोर मचाने पर तेंदुआ बकरी को छोड़कर नाले की ओर भाग गया, लेकिन तब तक बकरी की मौत हो चुकी थी।
ग्राम हलौरा निवासी पशुपालक गुलाम रसूल ने बताया कि वह गांव के बूढ़े, इकबाल और मलहू के साथ हलौरा और संग्रामपुर गांव के बीच बकरियां चरा रहे थे। शाम करीब छह बजे सभी बकरियों को लेकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे तेंदुए ने अचानक झपट्टा मारते हुए उनके बीच से एक बकरी को पकड़ लिया। उन्होंने बताया कि तेंदुए को देख सभी लोग जोर-जोर से चिल्लाने लगे और डंडे पटकने लगे। शोर सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे किसान और चरवाहे भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद तेंदुआ बकरी को छोड़कर भाग गया।
ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में गांव के मोहम्मद रफीक और लाला पर भी तेंदुए ने हमला किया था। आरोप है कि वन विभाग को कई बार लिखित सूचना देने के बावजूद न तो पिंजरा लगाया गया और न ही तेंदुए को पकड़ने के लिए कोई ठोस इंतजाम किया गया। रेंजर अमरजीत प्रसाद ने बताया कि वन दरोगा अखिलेश गुप्ता, वनरक्षक चंद्रभान और इरफान की टीम को गांव भेजा गया है। टीम ग्रामीणों को तेंदुए से बचाव के लिए जागरूक कर रही है। लोगों को सतर्क रहने तथा जंगल के किनारे बकरी न चराने की सलाह दी गई है।
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ग्राम हलौरा निवासी पशुपालक गुलाम रसूल ने बताया कि वह गांव के बूढ़े, इकबाल और मलहू के साथ हलौरा और संग्रामपुर गांव के बीच बकरियां चरा रहे थे। शाम करीब छह बजे सभी बकरियों को लेकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे तेंदुए ने अचानक झपट्टा मारते हुए उनके बीच से एक बकरी को पकड़ लिया। उन्होंने बताया कि तेंदुए को देख सभी लोग जोर-जोर से चिल्लाने लगे और डंडे पटकने लगे। शोर सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे किसान और चरवाहे भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद तेंदुआ बकरी को छोड़कर भाग गया।
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ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में गांव के मोहम्मद रफीक और लाला पर भी तेंदुए ने हमला किया था। आरोप है कि वन विभाग को कई बार लिखित सूचना देने के बावजूद न तो पिंजरा लगाया गया और न ही तेंदुए को पकड़ने के लिए कोई ठोस इंतजाम किया गया। रेंजर अमरजीत प्रसाद ने बताया कि वन दरोगा अखिलेश गुप्ता, वनरक्षक चंद्रभान और इरफान की टीम को गांव भेजा गया है। टीम ग्रामीणों को तेंदुए से बचाव के लिए जागरूक कर रही है। लोगों को सतर्क रहने तथा जंगल के किनारे बकरी न चराने की सलाह दी गई है।