{"_id":"6a0f61b5ab8c31273f056c7b","slug":"there-was-a-hurry-to-spend-the-budget-before-retirement-balrampur-news-c-99-1-brp1003-148732-2026-05-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Balrampur News: सेवानिवृत्ति से पहले बजट खपाने की थी जल्दी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Balrampur News: सेवानिवृत्ति से पहले बजट खपाने की थी जल्दी
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Fri, 22 May 2026 01:19 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बलरामपुर। जिला महिला अस्पताल में जच्चा-बच्चा की सुरक्षा के लिए भले ही शासन स्तर से डेढ़ करोड़ रुपये का बजट जारी हो गया था, लेकिन विभागीय अधिकारियों की मनमानी से सब पर पानी फिर गया है। पूर्व सीएमएस ने अपने सेवानिवृत्त होने से पहले जल्दबाजी में बजट से उपकरणों की खरीदारी पूरी कर ली। सेवानिवृत्ति से पहले बजट खपाने की होड़ में नियमों की अनदेखी करते हुए जमकर अनियमितता बरती गई।
महिला अस्पताल को जारी बजट से निविदा व अपने चहेते फर्माें से मशीन व अन्य उपकरणों की खरीदारी में अनियमितता मिलने के बाद अब अपर निदेशक स्वास्थ्य देवीपाटन मंडल अल्पना रानी ने विभागीय जांच शुरू कर दी है। सीएमओ डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी के नेतृत्व वाली तीन सदस्यीय टीम वित्तीय अनियमितता की जांच करेगी। महिला अस्पताल की पूर्व सीएमएस डॉ. सुमन दत्त गौतम 31 मार्च को सेवानिवृत्त हो गई हैं।
अपने कार्यकाल में बजट खर्च करने के कारण नियमों का ध्यान नहीं रखा गया। मार्च में उपकरणों की खरीदारी जब हुई थी, तब ही विभागीय कर्मियों ने नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया था। तब जिले के विभागीय अधिकारियों ने चुप्पी साध ली थी। अब एडी स्वास्थ्य के निर्देश के बाद जांच शुरू हुई है। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि उपकरणों के खरीदारी से संबंधित अभिलेखों की जांच करके रिपोर्ट अपर निदेशक को भेजी जाएगी।
विज्ञापन
ओटी, वार्ड व कार्यालय के लिए खरीदे जाने थे ये उपकरण
बजट से ऑपरेशन थिएटर (ओटी) में निश्चेतक वर्क स्टेशन बनाया जाना था। निश्चेतक वर्क स्टेशन में मरीज के मानीटरिंग के लिए आवश्यक उपकरण, वार्ड में 18 ट्रेसिंग टेबल, 20 स्पीटून स्टैंड, 15 परीक्षण मेज, 15 स्ट्रेचर ट्रॉली, 10 इमरजेंसी ड्रग कैबिनेट ट्रॉली खरीदे जाएंगे। प्रशासनिक कार्यालय के लिए 10 बड़ी अलमारी, सात छोटी अलमारी, आठ डेस्कटाॅप कंप्यूटर आई-5, आठ मल्टी फंक्शन प्रिंटर, आठ कंप्यूटर टेबल, आठ कंप्यूटर, 50 डस्टबिन, 25 थ्रीसीटर बेंच चेयर मंगाए जाने थे। इसके अलावा बाल व मातृत्व स्वास्थ्य से संबंधित आधुनिक उपकरण व अन्य आवश्यक सामानों की खरीदारी की जानी थी।
दबवाकर कबाड़ कर दी गई एंबुलेंस
जिला महिला अस्पताल परिसर में खड़ी खराब एंबुलेंस को आननफानन में मशीन से दबवाकर कबाड़ कर दिया गया। आज भी कबाड़ एंबुलेंस के कुछ भाग अस्पताल परिसर में पड़े हुए हैं। शासन स्तर से जर्जर एंबुलेंस की निविदा कराकर बिक्री की जाती है लेकिन एबुलेंस को नहीं बेचा गया।
महिला अस्पताल को जारी बजट से निविदा व अपने चहेते फर्माें से मशीन व अन्य उपकरणों की खरीदारी में अनियमितता मिलने के बाद अब अपर निदेशक स्वास्थ्य देवीपाटन मंडल अल्पना रानी ने विभागीय जांच शुरू कर दी है। सीएमओ डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी के नेतृत्व वाली तीन सदस्यीय टीम वित्तीय अनियमितता की जांच करेगी। महिला अस्पताल की पूर्व सीएमएस डॉ. सुमन दत्त गौतम 31 मार्च को सेवानिवृत्त हो गई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
अपने कार्यकाल में बजट खर्च करने के कारण नियमों का ध्यान नहीं रखा गया। मार्च में उपकरणों की खरीदारी जब हुई थी, तब ही विभागीय कर्मियों ने नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया था। तब जिले के विभागीय अधिकारियों ने चुप्पी साध ली थी। अब एडी स्वास्थ्य के निर्देश के बाद जांच शुरू हुई है। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि उपकरणों के खरीदारी से संबंधित अभिलेखों की जांच करके रिपोर्ट अपर निदेशक को भेजी जाएगी।
Trending Videos
ओटी, वार्ड व कार्यालय के लिए खरीदे जाने थे ये उपकरण
बजट से ऑपरेशन थिएटर (ओटी) में निश्चेतक वर्क स्टेशन बनाया जाना था। निश्चेतक वर्क स्टेशन में मरीज के मानीटरिंग के लिए आवश्यक उपकरण, वार्ड में 18 ट्रेसिंग टेबल, 20 स्पीटून स्टैंड, 15 परीक्षण मेज, 15 स्ट्रेचर ट्रॉली, 10 इमरजेंसी ड्रग कैबिनेट ट्रॉली खरीदे जाएंगे। प्रशासनिक कार्यालय के लिए 10 बड़ी अलमारी, सात छोटी अलमारी, आठ डेस्कटाॅप कंप्यूटर आई-5, आठ मल्टी फंक्शन प्रिंटर, आठ कंप्यूटर टेबल, आठ कंप्यूटर, 50 डस्टबिन, 25 थ्रीसीटर बेंच चेयर मंगाए जाने थे। इसके अलावा बाल व मातृत्व स्वास्थ्य से संबंधित आधुनिक उपकरण व अन्य आवश्यक सामानों की खरीदारी की जानी थी।
दबवाकर कबाड़ कर दी गई एंबुलेंस
जिला महिला अस्पताल परिसर में खड़ी खराब एंबुलेंस को आननफानन में मशीन से दबवाकर कबाड़ कर दिया गया। आज भी कबाड़ एंबुलेंस के कुछ भाग अस्पताल परिसर में पड़े हुए हैं। शासन स्तर से जर्जर एंबुलेंस की निविदा कराकर बिक्री की जाती है लेकिन एबुलेंस को नहीं बेचा गया।