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Balrampur News: सीएचसी में शोपीस बनी अल्ट्रासाउंड मशीन, जांच के लिए भटक रहीं गर्भवती

Sat, 27 Jun 2026 10:59 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर Updated Sat, 27 Jun 2026 10:59 PM IST
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Ultrasound machine at CHC reduced to a showpiece; pregnant women forced to run from pillar to post for scans
फोटो-4-बलरामपुर के तुलसीपुर में बंद अल्ट्रासाउंड कक्ष ।-संवाद
तुलसीपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तुलसीपुर में जोर-शोर के साथ अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा शुरू की गई थी ताकि तहसील क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को निशुल्क जांच की सुविधा मिल सके। अल्ट्रासाउंड जांच के लिए दो चिकित्सकों की तीन-तीन दिन ड्यूटी भी लगाई गई थी, लेकिन एक महीने में ही सरकारी दावा हवाई साबित हो गया है। चिकित्सकों के अस्पताल न आने के कारण अल्ट्रासाउंड मशीन धूल फांक रही है। सीएचसी आने वाली गर्भवती महिलाओं को निजी केंद्रों पर पैसे खर्च करके जांच करानी पड़ रही है।
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लोगों की दशकों से मांग के बाद 15 मई को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तुलसीपुर में अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित की गई थी। जिलाधिकारी ने खुद फीता काटकर अल्ट्रासाउंड जांच सुविधा की शुरुआत की थी। अल्ट्रासाउंड मशीन आने के बाद उम्मीद थी कि गर्भवती सहित अन्य मरीजों को मुफ्त अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा मिल सकेगी। अल्ट्रासाउंड जांच के लिए सोमवार, मंगलवार व बुधवार को सोनोग्राफी प्रशिक्षित डॉ. बालमुकुंद मौर्य और बृहस्पतिवार, शुक्रवार व शनिवार को महिला चिकित्साधिकारी डॉ. निशा गुप्ता की ड्यूटी लगाई गई थी। कुछ दिनों तक तो यहां पर मरीजों को जांच की सुविधा मिली। कर्मचारियों की मानें तो प्रशासनिक फेरबदल के तहत डॉ. निशा गुप्ता को जिला महिला अस्पताल में संबद्ध कर दिया गया, वहीं डॉ. बालमुकुंद महाराजगंज पीएचसी पर ही ड्यूटी दे रहे हैं। ऐसे में इन दोनों चिकित्सकों के न आने से जांच ठप हो गई है।
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निराश लौट रही हैं महिलाएं
क्षेत्र के पंकज कुमार, राहुल, मोहित वर्मा व अंगद ने बताया कि सीएचसी में रोजाना करीब 350-400 मरीजों की ओपीडी होती है। अल्ट्रासाउंड जांच बंद होने से प्रतिदिन से 50 से 60 गर्भवती व अन्य मरीज निराश लौट रहे हैं। अस्पताल में अपनी गर्भवती पत्नी का इलाज कराने आए राजेंद्र कुमार ने बताया कि अल्ट्रासाउंड जांच कराने आए थे, डॉक्टर न मिलने से उन्हें निराश होना पड़ा। जांच के लिए आईं स्वाति सिंह का कहना है कि अगर डॉ. निशा गुप्ता को बलरामपुर अटैच कर ही दिया गया है तो उनके स्थान पर किसी दूसरे डॉक्टर की तत्काल नियुक्ति की जानी चाहिए।
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पीएमएसएमए दिवस पर होती है जांच



डॉ. बालमुकुंद मौर्य मुख्य रूप से महाराजगंज में ही सेवाएं देते हैं। पीएमएसएमए दिवस पर उन्हें विशेष रूप से तुलसीपुर बुलाया जाता है। उस दिन गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड कराया जाता है।



डॉ. सुजीत कुमार, अधीक्षक सीएचसी तुलसीपुर
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