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Balrampur News: जिले के छह केंद्रों पर 2376 अभ्यर्थी देंगे शिक्षक पात्रता परीक्षा
Sun, 28 Jun 2026 10:53 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sun, 28 Jun 2026 10:53 PM IST
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फोटो-12-बलरामपुर में स्थित एमपीपी इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र
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बलरामपुर। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी)-2026 का आयोजन जिले में दो, तीन और चार जुलाई को छह परीक्षा केंद्रों पर कराया जाएगा। तीन दिनों तक चलने वाली इस परीक्षा में कुल 2376 अभ्यर्थी शामिल होंगे। नकलविहीन, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से परीक्षा संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने सुरक्षा और निगरानी के व्यापक इंतजाम किए हैं। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी के साथ स्टैटिक व सेक्टर मजिस्ट्रेट और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती रहेगी।
परीक्षा की नोडल व अपर जिलाधिकारी ज्योति राय ने बताया कि जिले में एमएलके पीजी कॉलेज कला संकाय परीक्षा केंद्र पर 600, वाणिज्य संकाय परीक्षा केंद्र पर 480, विज्ञान संकाय में 384, एमपीपी इंटर कॉलेज में 384, बीएवी इंटर कॉलेज में 288 एवं बलरामपुर बालिका इंटर कॉलेज में 240 सहित छह परीक्षा केंद्रों पर कुल 2376 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा दो और तीन जुलाई को दो पालियों में और चार जुलाई को एक पाली में आयोजित होगी। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक तथा दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक चलेगी। अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम डेढ़ घंटे पहले केंद्र पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। परीक्षा शुरू होने के बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। प्रत्येक केंद्र पर परीक्षार्थियों की गतिविधियों की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए उड़नदस्ते भी लगातार निरीक्षण करेंगे।
अभ्यर्थियों के लिए प्रवेश पत्र के साथ आधार कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड या अन्य वैध फोटोयुक्त पहचान पत्र लाना अनिवार्य किया गया है। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर, ईयरफोन तथा किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण परीक्षा कक्ष में पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। प्रवेश पत्र आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिए गए हैं, जिन्हें अभ्यर्थी डाउनलोड कर सकते हैं।
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एडीएम ने बताया कि परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा 163 के प्रावधानों का पालन कराया जाएगा तथा यातायात व्यवस्था भी सुचारु रखी जाएगी। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, नकल या अनुचित साधनों के प्रयोग पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को परीक्षा की प्रत्येक पाली की सतत निगरानी करने और समयबद्ध ढंग से परीक्षा संपन्न कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने अभ्यर्थियों से अपील किया है कि वे समय से परीक्षा केंद्र पहुंचें, सभी आवश्यक दस्तावेज साथ रखें और आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके।
परीक्षा की अनिवार्यता से बढ़ा मानसिक दबाव
शिक्षक नवीन सिंह ने कहा कि 10 वर्षों से अधिक समय की सेवा के बाद शिक्षक पात्रता परीक्षा अनिवार्य करना उचित नहीं है। परीक्षा को लेकर शिक्षकों में मानसिक दबाव है। परीक्षा के नाम पर शिक्षकों का मानसिक उत्पीड़न नहीं होना चाहिए। सरकार को चाहिए कि अनुभवी शिक्षकों को या तो परीक्षा से मुक्त किया जाए या फिर आसान प्रश्नपत्र देकर परीक्षा उत्तीर्ण कराई जाए।
शिक्षकों के अनुभव को नजरअंदाज करना उचित नहीं
वहीं शिक्षक तुलाराम गिरी ने कहा कि 26 साल की सेवा के बाद अब हमारी योग्यता पर सवाल उठाया गया है। हम सभी शिक्षकों के अनुभव को नजर अंदाज करना उचित नहीं है। इतने वर्षों की सेवा के बाद अब परीक्षा देना हमारी विवशता बन गई है। यदि सरकार गुणवत्ता सुनिश्चित करना चाहती है तो प्रशिक्षण या मूल्यांकन का कोई दूसरा विकल्प अपनाया जाए।
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परीक्षा की नोडल व अपर जिलाधिकारी ज्योति राय ने बताया कि जिले में एमएलके पीजी कॉलेज कला संकाय परीक्षा केंद्र पर 600, वाणिज्य संकाय परीक्षा केंद्र पर 480, विज्ञान संकाय में 384, एमपीपी इंटर कॉलेज में 384, बीएवी इंटर कॉलेज में 288 एवं बलरामपुर बालिका इंटर कॉलेज में 240 सहित छह परीक्षा केंद्रों पर कुल 2376 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा दो और तीन जुलाई को दो पालियों में और चार जुलाई को एक पाली में आयोजित होगी। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक तथा दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक चलेगी। अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम डेढ़ घंटे पहले केंद्र पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। परीक्षा शुरू होने के बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। प्रत्येक केंद्र पर परीक्षार्थियों की गतिविधियों की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए उड़नदस्ते भी लगातार निरीक्षण करेंगे।
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अभ्यर्थियों के लिए प्रवेश पत्र के साथ आधार कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड या अन्य वैध फोटोयुक्त पहचान पत्र लाना अनिवार्य किया गया है। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर, ईयरफोन तथा किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण परीक्षा कक्ष में पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। प्रवेश पत्र आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिए गए हैं, जिन्हें अभ्यर्थी डाउनलोड कर सकते हैं।
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एडीएम ने बताया कि परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा 163 के प्रावधानों का पालन कराया जाएगा तथा यातायात व्यवस्था भी सुचारु रखी जाएगी। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, नकल या अनुचित साधनों के प्रयोग पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को परीक्षा की प्रत्येक पाली की सतत निगरानी करने और समयबद्ध ढंग से परीक्षा संपन्न कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने अभ्यर्थियों से अपील किया है कि वे समय से परीक्षा केंद्र पहुंचें, सभी आवश्यक दस्तावेज साथ रखें और आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके।
परीक्षा की अनिवार्यता से बढ़ा मानसिक दबाव
शिक्षक नवीन सिंह ने कहा कि 10 वर्षों से अधिक समय की सेवा के बाद शिक्षक पात्रता परीक्षा अनिवार्य करना उचित नहीं है। परीक्षा को लेकर शिक्षकों में मानसिक दबाव है। परीक्षा के नाम पर शिक्षकों का मानसिक उत्पीड़न नहीं होना चाहिए। सरकार को चाहिए कि अनुभवी शिक्षकों को या तो परीक्षा से मुक्त किया जाए या फिर आसान प्रश्नपत्र देकर परीक्षा उत्तीर्ण कराई जाए।
शिक्षकों के अनुभव को नजरअंदाज करना उचित नहीं
वहीं शिक्षक तुलाराम गिरी ने कहा कि 26 साल की सेवा के बाद अब हमारी योग्यता पर सवाल उठाया गया है। हम सभी शिक्षकों के अनुभव को नजर अंदाज करना उचित नहीं है। इतने वर्षों की सेवा के बाद अब परीक्षा देना हमारी विवशता बन गई है। यदि सरकार गुणवत्ता सुनिश्चित करना चाहती है तो प्रशिक्षण या मूल्यांकन का कोई दूसरा विकल्प अपनाया जाए।